आरबीआई ने बढ़ाई समयसीमा, 30 सितंबर तक बढ़ी ऑटो डेबिट सिस्टम की आखिरी तारीख
- ऑटो डेबिट सिस्टम की आखिरी तारीख बढ़कर 30 सितंबर 2021 हो गई है।
- पहले एडिशनल फैक्टर ऑथेंटिकेशन की नई गाइडलाइंस लागू करने के लिए 31 मार्च तक का समय दिया गया था।
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मोबाइल बिल, अन्य यूटिलिटी बिल और ओटीटी मंचों के सब्सक्रिप्शन के लिए लगाए जाने वाले ऑटो डेबिट सिस्टम की आखिरी तारीख बढ़ाकर 30 सितंबर 2021 कर दी है। पहले इसकी अंतिम तिथि 31 मार्च 2021 थी। यानी एक अप्रैल 2021 से इस सिस्टम में बदलाव होना था। बैंक और भुगतान सुविधा प्रदान करने वाले तमाम प्लेटफॉर्म मांग कर रहे थे कि नए व्यवस्था को लागू करने के लिए उन्हें कुछ समय दिया जाए। केंद्रीय बैंक ने ये तारीख इसलिए बढ़ाई है, ताकि ग्राहकों को किसी तरह की परेशानी ना हो। अभी तक ये तारीख 31 मार्च थी, जिसके बाद ऑटोमेटिक भुगतान में परेशानियां आ सकती थीं।
प्रभावित होंगे करोड़ों सब्सक्राइबर्स
केंद्रीय बैंक ने एडिशनल फैक्टर ऑथेंटिकेशन (एएफए) की नई गाइडलाइंस लागू करने के लिए 31 मार्च तक का समय दिया था। नए नियम लागू होने से करोड़ों सब्सक्राइबर्स प्रभावित होंगे। हालांकि, यूपीआई के ऑटोपे सिस्टम से ऐसे ऑटो-डेबिट भुगतान पर कोई असर नहीं होगा। इन नियमों के तहत सितंबर के बाद से बैंकों को ऑटो-डेबिट भुगतान की तारीख से पांच दिन पहले ग्राहक को एक नोटिफिकेशन भेजना होगा। भुगतान केवल तभी हो पाएगा, जब ग्राहक मंजूरी देगा।
इसके अलावा, अगर भुगतान रकम 5,000 रुपये से ज्यादा है तो बैंक ग्राहक को ओटीपी भी भेजेगा। उधर, इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया का कहना है कि ज्यादातर बड़े बैंकों ने इसके लिए खुद को तैयार नहीं किया है, जिस वजह से बैंकों से जुड़े कार्ड नेटवर्क इस सर्कुलर का पालन नहीं कर पाएंगे।