फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Banking Beema ›   RBI monetory policy committee meeting from 5 august may slash key policy rate

आज से RBI की बैठक, मिल सकता है ब्याज दरों में कटौती का तोहफा

Mon, 05 Aug 2019 08:55 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Mon, 05 Aug 2019 08:55 AM IST
सार

  • रिजर्व बैंक इस सप्ताह रेपो रेट में लगातार चौथी बार 0.25 फीसदी की कटौती कर सकता है
  • आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक सोमवार से शुरू हो रही है
  • शक्तिकांत दास की अगुवाई में छह सदस्यीय एमपीसी बुधवार को रेपो रेट पर फैसला करेगी

विज्ञापन
RBI monetory policy committee meeting from 5 august may slash key policy rate

विस्तार

अर्थव्यवस्था में जारी सुस्ती को गति देने के लिए रिजर्व बैंक इस सप्ताह रेपो रेट में लगातार चौथी बार 0.25 फीसदी की कटौती कर सकता है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक सोमवार से शुरू हो रही है। गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुवाई में छह सदस्यीय एमपीसी बुधवार को रेपो रेट पर फैसला करेगी।

विज्ञापन

 
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं एमडी राजकिरन राय जी. ने भरोसा जताया कि एमपीसी एक बार फिर 25 आधार अंकों की राहत देगी। उन्होंने कहा कि यह समय आर्थिक विकास को गति देने का है और मैं रेपो रेट में कटौती को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हूं। कोटक महिंद्रा बैंक के अध्यक्ष (उपभोक्ता बैंकिंग) शांति इकंबरम ने कहा कि महंगाई में जारी नरमी को देखते हुए रिजर्व बैंक विकास दर बढ़ाने पर काम करेगा। नकदी तरलता की स्थितियों के लिए भी कुछ बदलाव संभव है, जबकि रेपो रेट में 25 आधार अंक की कटौती हो सकती है। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने कहा कि खुदरा महंगाई अभी आरबीआई के तय दायरे चार फीसदी से नीचे ही रहेगी, जिससे रेपो रेट कटौती का चक्र जारी रह सकता है। केंद्रीय बैंक अगर कैश रिजर्व रेशियो (सीआरआर) में 0.50 फीसदी कटौती कर दे तो सिस्टम में 60 हजार करोड़ की नकदी आ सकती है।

विज्ञापन

अर्थव्यवस्था को सस्ते कर्ज की जरूरत

उद्योग निकाय एसोचैम ने कहा कि अर्थव्यवस्था को अभी सस्ते कर्ज की जरूरत है, ताकि निवेश को बढ़ावा देकर विकास दर तेज की जा सके। इससे एनबीएफसी संकट से उबरने में भी मदद मिलेगी। सीबीआरई के चेयरमैन व सीईओ अंशुमन मैगजीन का कहना है कि निवेशकों का भरोसा जीतने और उपभोक्ताओं का खर्च बढ़ाने के लिए रेपो रेट में कटौती जरूरी है। इससे रियल एस्टेट सहित सभी क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed