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RBI Monetary Policy: EMI पर कोई राहत नहीं, महंगाई की चिंता के बीच RBI ने नहीं बदलीं ब्याज दरें

Fri, 08 Oct 2021 10:49 AM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलावाधी Updated Fri, 08 Oct 2021 10:49 AM IST
सार

केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मौद्रिक नीति समिति द्वारा लिए गए फैसलों की घोषणा की। दास की अगुवाई वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति नीतिगत दरों पर फैसला लेती है।

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RBI monetary policy rbi governor Shaktikanta Das live on inflation repo rate Indian economy October 8
RBI Monetary Policy 2021: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास - फोटो : ANI

विस्तार

छह अक्तूबर को शुरू हुई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक आज समाप्त हो गई। कोरोना की दूसरी लहर के चलते अप्रैल और मई के दौरान देश के कई हिस्सों में लगाई गई सख्त पाबंदियों से भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा था। लेकिन अब पाबंदियों में थोड़ी ढील दी गई है। ऐसे में यह बैठक बेहद अहम है। हर दो महीने में भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक होती है। इस बैठक में अर्थव्यवस्था में सुधार पर चर्चा की जाती है और साथ ही ब्याज दरों का फैसला लिया जाता है। रिजर्व बैंक ने आखिरी बार 22 मई 2020 को नीतिगत दरों में संशोधन किया था।

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खास बातें:

  • आरबीआई ने लगातार आठवीं बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। यह चार फीसदी पर बरकरार है। यानी ग्राहकों को ईएमआई या लोन की ब्याज दरों पर नई राहत नहीं मिली है।
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  • RBI गर्वनर शक्तिकांता दास ने कहा कि सभी सदस्य दरें बरकरार रखने के पक्ष में है। 
  • मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट भी 4.25 फीसदी पर स्थिर है।
  • दास ने आगे कहा कि रिवर्स रेपो रेट को भी 3.35 फीसदी पर स्थिर रखा गया है।
  • इसके साथ ही बैंक रेट में भी कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया गया है। यह 4.25 फीसदी पर है।
  • केंद्रीय बैंक ने मौद्रिक रुख को 'उदार' बनाए रखा है।
  • अर्थव्यवस्था में रिकवरी के साफ संकेत दिख रहे हैं। अगस्त, सितंबर में मांग में रिकवरी दिखी। खाद्य महंगाई दर में भी कमी आई है। शुरुआती दौर में निवेश में सुधार देखने को मिल रहा है। 
  • जुलाई-अगस्त के लिए महंगाई दर अनुमान से कम रह सकती है। RBI महंगाई को नियंत्रण में करने की कोशिश कर रही है। 
  • भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2021-22 में देश की वास्तविक जीडीपी में 9.5 फीसदी की तेजी का अनुमान लगाया है।
  • इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 7.9 फीसदी, तीसरी तिमाही में 6.8 फीसदी और चौथी तिमाही में 6.1 फीसदी।
  • शक्तिकांत दास ने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में देश की वास्तविक जीडीपी 17.1 फीसदी रह सकती है।
  • मुद्रास्फीति पर दास ने कहा कि, वित्त वर्ष 2021-2022 में सीपीआई मुद्रास्फीति 5.3 फीसदी रह सकती है। पिछली बैठक में 5.7 फीसदी का अनुमान लगाया गया था।
  • दूसरी तिमाही में महंगाई दर 5.1 फीसदी रह सकती है, तीसरी तिमाही में 4.5 और चौथी तिमाही में यह 5.8 फीसदी हो सकती है।
  • वहीं केंद्रीय बैंक ने कहा कि वित्त वर्ष 2022-2023 की पहली तिमाही में सीपीआई मुद्रास्फीति 5.2 फीसदी रह सकती है। 
  • कृषि उत्पादन से ग्रामीण मांग में तेजी आएगी।
  • आगे शक्तिकांत दास ने कहा कि त्योहारों में शहरी मांग बढ़ने की उम्मीद है।
  • IMPS ट्रांजैक्शन की लिमिट बढ़ी- केंद्रीय बैंक ने तत्काल भुगतान सेवा (IMPS) के जरिए लेनदेन लिमिट राजाना दो लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी है।
  • रिजर्व बैंक ने देशभर में ऑफलाइन मोड में खुदरा डिजिटल भुगतान के लिए एक संरचना पेश करने का भी प्रस्ताव दिया।
  • इससे डिजिटल भुगतान की पहुंच का विस्तार होगा और लोगों एवं व्यवसायों के लिए नए अवसर खुलेंगे।
  • भारतीय रिजर्व बैंक ने चुनिंदा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) में शिकायतों के निपटान के लिए आंतरिक लोकपाल (ऑम्बड्समैन) योजना (आईओएस) की घोषणा की है। यह आईओएस बैंकों की तर्ज पर ही होगा और सेवाओं में खामियों की शिकायतों का समाधान करेगा। 
  • पिछले वर्षों में केंद्रीय बैंक ने एनबीएफसी में ग्राहकों के संरक्षण के कई उपाय किए हैं। 2013 में इस तरह के ऋणदाताओं से शिकायतों के निपटान के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति को कहा गया था। मालूम हो कि 2018 में एनबीएफसी के लिए लोकपाल योजना शुरू की गई थी।
  • ईंधन की कीमतों में वृद्धि से चिंतित, आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने अप्रत्यक्ष रूप से सरकार से पेट्रोलियम उत्पादों पर करों में कटौती करने का आग्रह किया। दास ने कहा कि, 'ईंधन पर अप्रत्यक्ष करों के एक कैलिब्रेटेड रिवर्सल के माध्यम से लागत-पुश दबावों को नियंत्रित करने के प्रयास मुद्रास्फीति की अधिक निरंतर कमी में योगदान कर सकते हैं।'
  • भारतीय रिजर्व बैंक ने लघु वित्त बैंकों (एसएफबी) के लिए विशेष दीर्घावधि के रेपो परिचालन (एसएलटीआरओ) को 31 दिसंबर 2021 तक बढ़ाने का फैसला किया है। पहले यह सुविधा 31 अक्तूबर, 2021 तक उपलब्ध थी। 
  • मई 2021 में रेपो दर पर एसएफबी को तीन साल के लिए 10,000 करोड़ रुपये की एसएलटीआरओ सुविधा उपलब्ध कराई गई थी।

5 साल में 50 खरब डॉलर की जीडीपी बनना असंभव : रंगराजन

पूर्व आरबीआई गवर्नर सी रंगराजन ने दावा किया है कि भारत का 2025 तक 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना असंभव है। इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए सालाना 9% की विकास दर चाहिए, जो फिलहाल संभव नहीं दिख रही।

उन्होंने कहा, कुछ साल पहले तक भारतीय जीडीपी के 50 खरब डॉलर पहुंचने की उम्मीद थी, लेकिन महामारी के दबाव ने हमने वह गति छीन ली। 2019 में इसका आकार 27 खरब डॉलर का था और ऐसा लगता है कि मार्च 2022 तक यह उसकी स्थान पर बनी रहेगी।

महंगाई से त्योहार खराब करने पर पीएम का शुक्रिया : राहुल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ ही महंगाई को जरिया बना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। राहुल ने ट्वीट कर कहा कि महंगाई से त्यौहार खराब करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद। राहुल ने कहा कि बीते ग्यारह दिनों में पेट्रोल 2.35 रुपये तो डीजल तीन रुपये महंगा हो गया है।

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