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एक साल में बैंकों के फंसे कर्ज में आई 1.02 लाख करोड़ रुपये की कमी, वित्त मंत्री ने दी जानकारी

Wed, 17 Jul 2019 09:17 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Wed, 17 Jul 2019 09:17 AM IST
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NPA reduced to more than one lakh crore rupees in financial year 2018-19
एनपीए

बीते कुछ साल में सरकार की ओर से सुधारात्मक कदम उठाने से 2018-19 में बैंकों का फंसा कर्ज (एनपीए) 1.02 लाख करोड़ रुपये घटकर 9.34 लाख रुपये रह गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को राज्यसभा में लिखित सवाल के जवाब में बताया कि सरकार ने बैंकों का एनपीए घटाने के लिए 'चार आर की नीति' की पर काम किया। इस रणनीति में पारदर्शी तरीके से एनपीए की पहचान, बैंकों के संकटग्रस्त परिसंपत्ति की पहचान और उसकी वसूली के लिए उचित कदम उठाना, सरकारी बैंकों में फिर से पूंजी डालने और इन बैंकों में सुधार आदि शामिल हैं। इन कारणों की वजह से फंसे कर्ज में कमी आई है।

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ICICI बैंक में पाए गए धोखाधड़ी के सबसे ज्यादा मामले 

उन्होंने आरबीआई के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 31 मार्च 2018 तक बैंकों का एनपीए 10.36 लाख करोड़ रुपये के शीर्ष पर पहुंच गया था। यह एक साल बाद 31 मार्च 2019 को यह 1.02 लाख करोड़ रुपये घटकर 9.33 लाख करोड़ रुपये रह गया। उन्होंने बताया कि 2018-19 के दौरान एक लाख लाख रुपये से ज्यादा के रकम की धोखाधड़ी की सूची बनवाई गई। इसमें अधिकतम संख्या की सूची में सबसे ऊपर आईसीआईसीआई बैंक का नाम है। वहां धोखाधड़ी के कुल 374 मामले पाए गए। इसके बाद कोटक महिंद्रा बैंक में 338, एचडीएफसी बैंक में 273 और एसबीआई में 273 मामले मिले। एक्सिस बैंक में 195 और अमेरिकन एक्सप्रेस बैंकिंग कॉरपोरेशन में 190 ऐसे मामले पाए गए।

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बैंकों को दिए गए निर्देश

उन्होंने बताया कि ऐसी धोखाधड़ी से बचने के लिए बैंकों को कुछ कदम उठाने को कहा गया है। उन्हें कहा गया है कि 50 करोड़ रुपये से अधिक के हर एनपीए खाता को संभावित धोखाधड़ी की दृष्टि से जांच करें। यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित लोगों या कंपनियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराएं।

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37,946 करोड़ की कर चोरी

वित्त मंत्री ने संसद में बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद आयकर अधिकारियों ने 2018-19 में 37,946 करोड़ रुपये की कर धोखाधड़ी का पता लगाया। वहीं, चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में 6,520 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी पकड़ी गई। वहीं, वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि 2018-19 में नकली चालान के 1,620 मामले पकड़े गए, जिसमें 11,251 करोड़ रुपये की कर चोरी की कोशिश की गई। इसमें 154 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 

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