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एलआईसी का हुआ आईडीबीआई बैंक, कई नामी बैंकों को मिलेगी कड़ी टक्कर

Sat, 30 Jun 2018 10:15 AM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 30 Jun 2018 10:15 AM IST
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irdai approves lic stake in idbi bank
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बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) ने शुक्रवार को जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को कर्ज में डूबे आईडीबीआई बैंक में 51 फीसदी हिस्सेदारी लेने की मंजूरी दे दी है।  अब इसके बाद एलआईसी का बैंकिंग सेक्टर में उतरने का रास्ता साफ हो गया है, जिसके बाद पहले से जमे जमाए कई बैंकों को कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद है। 
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सूत्रों ने बताया कि यह फैसला  हैदराबाद में शुक्रवार दोपहर इरडा के निदेशक मंडल की बैठक के दौरान लिया गया। वर्तमान में आईडीबीआई में एलआईसी की हिस्सेदारी 11 फीसदी है। 
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हर साल 20 लाख पॉलिसी जारी करता है एलआईसी
एक आंकड़े के मुताबिक हर साल एलआईसी करीब 20 लाख पॉलिसी जारी करती है। एलआईसी के पास 250 मिलियन लोगों के भविष्य की जिम्मेदारी है, जिन्होंने एलआईसी से करीब 300 मिलियन लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी ली है। एलआईसी के पास सालाना करीब 3 लाख करोड़ का प्रीमियम जमा होता है।
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एलआईसी खरीदेगा सरकार की हिस्सेदारी
एलआईसी अपने पास जमापूंजी के जरिए आईडीबीआई बैंक में सरकार की हिस्सेदारी को खरीदेगा। एलआईसी बैंकिंग सेक्टर में उतरना चाहती है। बैंक के बिगड़े बैलेंस शीट के बावजूद यह सौदा कारोबारी तालमेल प्रदान कर सकता है।ऐसा इसलिए क्योंकि भारतीय स्टेट बैंक के बाद एलआईसी की मार्केट में ब्रैंड वैल्यू काफी अच्छी है। 

कर्ज देने के मामले में भी आगे

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साल 2017 में एलआईसी से 1 ट्रिलियन रुपये से अधिक का कर्ज बांटा था। लेकिन अगर एलआईसी खुद बैंकिंग सेक्टर में उतरती हैं तो उसके सामने भी एनपीए से निपटने की चुनौती होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि आईडीबीआई का एनपीए काफी बढ़ गया है।

आईडीबीआई बैंक में केन्द्र सरकार की 85 फीसदी हिस्सेदारी है और वित्त वर्ष 2018 के दौरान केन्द्र सरकार ने बैंक की 10,610 करोड़ रुपये से मदद भी की थी।  आई़बीआई देश के बीमारू सरकारी बैंकों में सर्वाधिक एनपीए अनुपात वाला बैंक है। 

मार्च में खत्म हुई तिमाही में आईडीबीआई बैंक गैर निष्पादित संपत्तियों के कारण फंसा कर्ज बढ़कर 55,600 करोड़ रुपये होने की समस्या से जूझ रहा है। मार्च को समाप्त तिमाही में बैंक ने 5,663 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया था।

फिलहाल बैंक की बाजार पूंजी 23,000 करोड़ रुपये है। बैंक की रियल एस्टेट और निवेश पोर्टफोलियो 20,000 करोड़ रुपये की है। सूत्रों ने कहा कि इस स्थिति में बैंक का वर्तमान मूल्य आकर्षक नहीं है और यह सिर्फ सरकारी रणनैतिक निवेशकों के लिए माकूल है।

सूत्रों ने बताया कि अगर यह सौदा होता है, तो आईडीबीआई को 10,000 करोड़ रुपये से लेकर 13,000 करोड़ रुपये का पूंजी समर्थन मिलेगा। 

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