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'ब्याज पर ब्याज' माफ करने से बैंक नाखुश, कहा- बढ़ेंगे कोर्ट केस और मुश्किलें
Thu, 08 Oct 2020 01:44 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Thu, 08 Oct 2020 01:44 PM IST
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- फोटो : pixabay
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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिए हलफनामे में कहा कि वह मोरेटोरियम अवधि (मार्च से अगस्त तक) के दौरान ब्याज पर ब्याज को माफ करने के लिए तैयार हो गई है। ये राहत दो करोड़ रुपये तक के लोन पर मिल सकती है।
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ब्याज माफी एमएसएमई व शैक्षिक, हाउसिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल, ऑटो, क्रेडिट कार्ड बकाया, पेशेवर और उपभोग द्वारा लिए गए कर्ज के लिए लागू होगी। लेकिन सरकार के इस फैसले से बैंक नाखुश है और उनका कहना है कि इससे उनर अनावश्यक बार आएगा। बैंक पहले से ही संकट का सामना कर रहे है। अगर ब्याज पर ब्याज माफ होता है, तो बैंकों की बैलेंसशीट पर इसका असर पड़ेगा। फैसले से बैंक व एनबीएफसी पर 120 अरब डॉलर के कर्ज पर बुरा असर पड़ सकता है।
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मामले में एक वरिष्ठ वकीन ने कहा कि सरकारी बैंक कर्जदारों की मदद कर सकते हैं, लेकिन निजी बैंक कैसे करेंगे। इस मुद्दे पर कोई प्लान नहीं बनाया गया है। दोनों विभिन्न कैलकुलेशन करेंगे, जिसे सरकार द्वारा चुनौती भी मिल सकती है। वहीं सरकारी बैंक के एक वरिष्ठ वकील ने कहा कि अधारकर्ताओं की मदद के लिए अन्य तरीके भी हैं, जैसे सब्सिडी प्रदान करना, या लोन रिस्ट्रक्चर करना।
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गौरतलब है कि पांच अक्तूबर को उच्चतम न्यायालय ने लोन मोरेटोरियम की अवधि के दौरान स्थगित ईएमआई में ब्याज पर ब्याज में छूट को लेकर सुनवाई की थी। मामले में न्यायालय ने सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को एक हफ्ते की और मोहलत दी थी। कोर्ट ने कहा था कि ब्याज पर जो राहत देने की बात की गई है, उसके लिए केंद्रीय बैंक द्वारा किसी तरह का दिशा-निर्देश जारी नहीं किया गया। इसलिए न्यायालय ने कहा है कि एक हफ्ते के भीतर स्थिति स्पष्ट करने के लिए नया हलफनामा दायर किया जाए।
13 अक्तूबर को होगी अगली सुनवाई
कोर्ट ने कहा कि, 12 अक्तूबर तक नया हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 13 अक्तूबर को होगी। जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने याचिकाओं पर सुनवाई की। इससे पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक अक्तूबर तक हलफनामा दायर करने का समय दिया था और बैंकों से अभी एनपीए घोषित नहीं करने को कहा गया था।