ओबीसी में हो सकता है इन दो प्रमुख बैंकों का विलय, सरकार के पास आया प्रस्ताव
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भारतीय स्टेट बैंक में सहयोगी बैंकों और बैंक ऑफ बड़ौदा में देना व विजया बैंक के विलय के बाद अब केंद्र सरकार जल्द ही तीन अन्य बैंकों के आपस में विलय की घोषणा कर सकती है। इस बारे में ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) ने वित्त मंत्रालय को एक प्रस्ताव पेश किया है। मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद इसको अमली जामा पहनाया जाएगा।
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक ओबीसी ने इंडियन बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक को अपने में विलय करने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि अभी तक मंत्रालय ने इस प्रस्ताव पर कोई चर्चा नहीं की है। वहीं दूसरी तरफ कहा गया है कि वित्त मंत्रालय सरकारी बैंकों में इस साल 40 से 50 हजार करोड़ रुपये की पूंजी अपनी तरफ से डालेगी। अभी तक 1,06,000 रुपये सरकार बैंकों को दिया जा चुका है।
दो बैंकों के चढ़े शेयर
विलय की उम्मीद से शेयर बाजार में इन दो बैंकों के शेयरों में तेजी देखने को मिली है। मंगलवार को इंडियन बैंक का शेयर जहां पांच फीसदी गिर गया, वहीं ओबीसी 2.85 फीसदी और कॉर्पोरेशन बैंक 1.21 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए।
ओबीसी को हुआ था लाभ
पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 201.5 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। इससे पहले के वित्त वर्ष में उसे 1650.22 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। ऐसे में लाभ में 39 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली। कॉर्पोरेशन और इंडियन बैंक को इस दौरान घाटा उठाना पड़ा था। कॉर्पोरेशन बैंक का घाटा बढ़कर 6581.49 करोड़ हो गया, वहीं इंडियन बैंक को 190 करोड़ का नुकसान हुआ।
पहले आई थी यह खबर
इससे पहले पंजाब नेशनल बैंक समेत छह बैंकों के विलय की खबर आई थी। बैंकों की वित्तीय स्थिति और उनके एनपीए के आधार पर सिंडीकेट बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, आंध्रा बैंक और इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया इसमें शामिल थे। हालांकि पीएनबी का चौथी तिमाही में घाटा बढ़ने से फिलहाल इस विलय पर रोक लग गई है। सरकार उन्हीं बैंकों का विलय करेगी जो आरबीआई के त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) फ्रेमवर्क से बाहर हैं।