एक हफ्ते के लिए बंद रह सकता है आईडीबीआई बैंक, कर्मचारियों ने दी धमकी
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इसलिए होगी हड़ताल
बैंक के कर्मचारी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा इसमें हिस्सेदारी खरीदने और अपना वेतन न बढ़ने से खुश नहीं है। इसी के विरोध के चलते कर्मचारियों ने 16-23 जुलाई के बीच हड़ताल पर जाने की धमकी दी है। बैंक कर्मचारियों के वेतन वृद्धि का मुद्दा काफी लंबे समय से अटका पड़ा है।
एलआईसी खरीदने जा रही है 51 फीसदी हिस्सेदारी
एलआईसी 51 फीसदी हिस्सेदारी लेने जा रही है। आईडीबीआई में हिस्सेदारी मिलने के बाद एलआईसी का बैंकिंग सेक्टर में उतरने का रास्ता साफ हो गया है, जिसके बाद पहले से जमे जमाए कई बैंकों को कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद है।
एलआईसी खरीदेगा सरकार की हिस्सेदारी
एलआईसी अपने पास जमापूंजी के जरिए आईडीबीआई बैंक में सरकार की हिस्सेदारी को खरीदेगा। वर्तमान में आईडीबीआई में एलआईसी की हिस्सेदारी 11 फीसदी है। एलआईसी बैंकिंग सेक्टर में उतरना चाहती है। बैंक के बिगड़े बैलेंस शीट के बावजूद यह सौदा कारोबारी तालमेल प्रदान कर सकता है।ऐसा इसलिए क्योंकि भारतीय स्टेट बैंक के बाद एलआईसी की मार्केट में ब्रैंड वैल्यू काफी अच्छी है।
सरकार के पास है 85 फीसदी हिस्सेदारी
आईडीबीआई बैंक में केन्द्र सरकार की 85 फीसदी हिस्सेदारी है और वित्त वर्ष 2018 के दौरान केन्द्र सरकार ने बैंक की 10,610 करोड़ रुपये से मदद भी की थी। आई़बीआई देश के बीमारू सरकारी बैंकों में सर्वाधिक एनपीए अनुपात वाला बैंक है।
मार्च में खत्म हुई तिमाही में आईडीबीआई बैंक गैर निष्पादित संपत्तियों के कारण फंसा कर्ज बढ़कर 55,600 करोड़ रुपये होने की समस्या से जूझ रहा है। पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में बैंक ने 5,663 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया था।
फिलहाल बैंक की बाजार पूंजी 23,000 करोड़ रुपये है। बैंक की रियल एस्टेट और निवेश पोर्टफोलियो 20,000 करोड़ रुपये की है। सूत्रों ने कहा कि इस स्थिति में बैंक का वर्तमान मूल्य आकर्षक नहीं है और यह सिर्फ सरकारी रणनैतिक निवेशकों के लिए माकूल है।