फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Banking Beema ›   Depositors of stressed banks to get up to Rupees 5 lakh back from November 30 here is all you need to know in Hindi

राहत: संकट से गुजर रहे बैंकों के खाताधारकों को 30 नवंबर से वापस मिलेगी पांच लाख रुपये तक की राशि

Mon, 30 Aug 2021 10:09 PM IST
गौरव पाण्डेय बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Mon, 30 Aug 2021 10:09 PM IST
सार

केंद्र सरकार ने संकटग्रस्त बैंकों के खाताधारकों को राहत की सांस देते हुए डीआईसीजीसी अधिनियम में संशोधन की अधिसूचना सोमवार को जारी कर दी।

विज्ञापन
Depositors of stressed banks to get up to Rupees 5 lakh back from November 30 here is all you need to know in Hindi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे

विस्तार

संकट से जूझ रहे बैंकों के जमाकर्ताओं के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने डीआईसीजीसी (जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम) अधिनियम में संशोधन की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत पंजाब एवं महाराष्ट्र सहकारी बैक (पीएमसी) जैसे बैंकों के खाताधारतों को 30 नवंबर से पांच लाख तक की राशि वापस मिलेगी। 

विज्ञापन


संसद ने इसी महीने की शुरुआत में मानसून सत्र के दौरान डीआईसीजीसी संशोधन विधेयक 2021 को पारित किया था। यह विधेयक इस बात को सुनिश्चित करता है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से बैंकों पर रोक लगाए जाने के 90 दिनों के अंदर खाताधारकों को पांच लाख रुपये तक की राशि मिल सके।
विज्ञापन


यह राशि डीआईसीजीसी उपलब्ध कराएगा। 27 अगस्त 2021 की गजट अधिसूचना के अनुसार, सरकार ने एक सितंबर 2021 को उस तारीख के रूप में अधिसूचित किया है जिस दिन कानून के प्रावधान लागू होंगे। ऐसे में जमाकर्ताओं को पैसा मिलने की तारीख कानून के प्रभावी होने के 90 दिन बाद यानी 30 नवंबर है।
विज्ञापन
विज्ञापन






केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे लेकर कहा था कि पहले 45 दिन बैंक के लिए हैं, जो उन खातों की जानकारी एकत्र करने में संकट में आ गए हैं जहां दावे किए जाने हैं। इसके बाद इसे बीमा कंपनी को भेजा जाएगा, जो वास्तविक समय में जांच करेगी और 90वें दिन के करीब जमाकर्ताओं को पैसा मिल जाएगा।

इसका लाभ उन 23 सहकारी बैंकों के जमाकर्ताओं को भी मिलेगा जो वित्तीय दबाव में हैं और जिन पर आरबीआई ने कुछ प्रतिबंध लगाए हैं। उल्लेखनीय है कि वर्तमान व्यवस्था के अनुसार वित्तीय दबाव झेल रहे बैंकों के कमाकर्ताओं को अपनी बीमित राशि व अन्य दावों को पाने में आठ से 10 साल का समय लग जाता है।

बता दें कि डीआईसीजीसी, आरबीआई की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो बैंक जमा पर बीमा कवर प्रदान करती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed