'एक देश-एक प्रीमियम' से महंगा हो सकता है कोरोना का बीमा, यह है वजह
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बीमा नियामक इरडा के निर्देश पर कोविड-19 के लिए विशेष तौर पर आने वाला स्वास्थ्य बीमा उत्पाद ग्राहकों की जेब पर भारी पड़ सकता है। बीमा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना कवच के नाम से जारी होने वाले इस उत्पाद का देशभर में एक समान प्रीमियम रहेगा। लिहाजा कंपनियां औसत बीमा उत्पादों की तुलना में इसकी कीमत बढ़ाकर पेश कर सकती हैं।
इरडा ने कहा है कि 10 जुलाई तक यह उत्पाद बाजार में आ जाना चाहिए और देश के सभी हिस्सों में इस पर समान प्रीमियम वसूला जाए। इसका निर्धारण बीमा कंपनियां अपने स्तर पर कर सकती हैं। बीमा कंपनियों का कहना है कि बेहद छोटी अवधि के लिए निश्चित सम एश्योर्ड का प्रीमियम सस्ता रखना संभव नहीं हो सकता है।
टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस के कार्यकारी उपाध्यक्ष पराग वेद ने कहा कि अभी हमें कोविड-19 संक्रमण का उच्चतम स्तर नहीं पता चल सका है। हर दिन संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है। जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ रहा है, नए मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है और प्रीमियम निर्धारित करने में मुश्किल आ रही।
क्लेम की आ सकती है बाढ़
बीमा कंपनियों का कहना है कि यह उत्पाद क्षेत्र विशेष के आधार पर नहीं बेच सकते। इसका प्रीमियम मेट्रो शहर के रेड जोन और दूरदराज के इलाकों के लिए एक ही रखना होगा, जो काफी मुश्किल काम है। सीमित समय के लिए दिए जाने वाले बीमा कवर में इलाज के लिए क्लेम की बाढ़ आ सकती है।
घर पर इलाज भी बड़ा कारण
डिजिट इंश्योरेंस के आदर्श अग्रवाल ने बताया कि सामान्य बीमा उत्पादों में अस्पताल में भर्ती होने पर ही क्लेम लागू होता है, लेकिन कोरोना कवच के तहत संक्रमित का घर पर इलाज होता है, तो भी कवर मिलेगा। पहले जांच के अनुपात में संक्रमितों का आंकड़ा 4 फीसदी था, जो अब 10 फीसदी हो गया है।
यह लगातार बढ़ता जा रहा है। आने वाले दिनों में अस्पताल से ज्यादा घर पर मरीजों का इलाज होगा। वैसे तो यह अस्पताल से सस्ता पड़ेगा, लेकिन संख्या ज्यादा होगी। ऐसे में यह तय है कि कोरोना कवच आरोग्य संजीवनी जैसे मानक उत्पादों की तुलना में महंगा रहेगा।