ईडी को शकः टैक्स हैवन देशों में कोचर ने जमा किया वीडियोकॉन से मिला पैसा
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ऐसे हुआ शक
मामले की जांच कर रहे एक अधिकारी ने बताया कि कोचर दंपत्ति, उनके रिश्तेदारों और सहयोगियों से बातचीत के बाद और जब्त किए गए दस्तावेजों से कुछ सुराग लगे हैं, जिनसे संकेत मिला है कि रिश्वत में मिले पैसों को टैक्स हेवन देशों में जमा कराए गए हैं।अधिकारी ने कहा कि टैक्स हेवन के नाम का खुलासा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, 'हम सूचना की प्रामाणिकता की पुष्टि करने का प्रयास कर रहे हैं। नाम का खुलासा करने से जांच में बाधा पहुंचेगी।'
सीबीआई ने जारी किया था लुकआउट नोटिस
केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर और वेणुगोपाल धूत के खिलाफ पहले ही लुकआउट नोटिस जारी कर चुकी है। लुक आउट नोटिस जारी करने के बाद तीनों लोग देश छोड़कर बाहर नहीं भाग पाएंगे। इस नोटिस के बाद एयरपोर्ट पर इनको रोक लिया जाएगा। लुक आउट नोटिस ऐसे लोगों के खिलाफ जारी किया जाता है, जिन्होंने किसी तरह का आर्थिक अपराध किया हो।
बीते महीने दर्ज हुई थी एफआईआर
इन तीनों के खिलाफ सीबीआई ने पिछले महीने 1875 करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोप में केस दर्ज किया था। चंदा के कार्यकाल के दौरान वीडियोकॉन को 2009-11 के बीच छह बार लोन दिया गया था। सीबीआई के अलावा ईडी भी इस मामले में जांच कर रही है।
इन पर होनी है जांच
ईडी को कोचर दंपत्ति द्वारा खरीदी गई संपत्तियों की जांच करनी है, जिसमें दक्षिण मुंबई स्थित उनके द्वारा खरीदा गया एक अपार्टमेंट भी शामिल है। ईडी ने कहा है कि कोचर दंपत्ति ने पैसों की हेराफेरी करने के लिए कई सारी कंपनियों को बनाया, जिसके जरिए वीडियोकॉन समूह को पैसा भेजा गया था। इस मामले में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से भी बात की जाएगी।
वापस करना होगा बोनस का पैसा
आईसीआईसीआई बैंक ने चंदा कोचर को कदाचार का दोषी पाया है। 9 साल की नौकरी में चंदा ने बैंकिंग क्षेत्र में बड़ा नाम कमाया, लेकिन अब बैंक ने 2009 से मिले बोनस से लेकर के भविष्य में मिलने वाली कई सुविधाओं को वापस ले लिया है। अब जस्टिस बी.एन श्रीकृष्णा की रिपोर्ट जारी होने के बाद बैंक ने कड़ा कदम उठाते हुए उनको मिलने वाली सारी सुविधाओं को वापस ले लिया है।