फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Banking Beema ›   CBI raids in Syndicate Bank scam

सिंडिंकेट बैंक: तीन शाखाओं में हजार करोड़ की धोखाधड़ी,पड़े छापे

Tue, 08 Mar 2016 10:43 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 08 Mar 2016 10:43 PM IST
सार

  • सिंडिंकेट बैंक की तीन शाखाओं में हजार करोड़ की धोखाधड़ी
  • 10 ठिकानों पर सीबीआई ने की छापेमारी

विज्ञापन
CBI raids in Syndicate Bank scam
सिंडिंकेट बैंक

विस्तार

सिंडिकेट बैंक में धोखाधड़ी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने फ्रॉड के लिए कुख्यात नटवरलाल को भी पीछे छोड़ दिया है। कथित तौर पर चार व्यापारियों ने राजस्थान के सिंडिकेट बैंक की तीन शाखाओं के पांच एक्जीक्यूटिव की सांठगांठ के जरिए 386 खाते खुलवाए। फिर जाली चेक, लेटर ऑफ क्रेडिट और एलआईसी पॉलिसियों के माध्यम से हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।

विज्ञापन


इस मामले में सीबीआई ने मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर, जयपुर और उदयपुर में 10 ठिकानों पर छापेमारी की और बैंक के इन कर्मचारियों और व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर में सिंडिकेट बैंक जयपुर के महाप्रबंधक सतीश कुमार गोयल, डीजीएम (क्षेत्रीय कार्यालय) संजीव कुमार, एमआई रोड शाखा के मुख्य प्रबंधक देशराज मीना, मालवीय नगर  शाखा के आदर्श मनचंदा और उदयपुर के एजीएम अवधेश तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
विज्ञापन


सिंडिकेट बैंक ने इन सभी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। मालूम हो कि इस मामले की शिकायत सिंडिकेट बैंक ने ही सीबीआई के पास दर्ज करवाई थी जिसके आधार पर जांच एजेंसी ने मामला दर्ज किया। जिन लोगों के खिलाफ सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की है उनमें उदयपुर के चार्टर्ड अकाउंटेंट भारत बांब, कारोबारी पियूष जैन और विनीत जैन और जयपुर के व्यापारी शंकर खंडेलवाल शामिल हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे करते थे खेल

CBI raids in Syndicate Bank scam
सीबीअाई

सूत्रों के अनुसार, कथित तौर पर यह धोखाधड़ी तमाम केवाईसी नियमों और ऑडिट को धता बताते हुए 2011 से 2016 तक जारी रही।

ये चारों व्यापारी कथित तौर पर जाली चेक जमा करवाते थे और बदले में उन्हें चेक की तुलना में कुछ कम राशि तत्काल दे दी जाती थी। उदाहरण के तौर पर 100 रुपये का चेक करवाने पर उन्हें 90 रुपये तत्काल मिल जाते थे।

सीबीआई के प्रवक्ता के अनुसार, जाली चेक 40 लाख रुपये से लेकर पांच करोड़ रुपये तक के थे। इनमें से ज्यादातर ढाई से चार करोड़ रुपये के थे। ये चारों व्यापारी कथित तौर पर जाली एलआईसी पॉलिसियों और लाइन ऑफ क्रेडिट के तहत भी कर्ज उठा कर बैंक को चूना लगे रहे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed