{"_id":"5cab49f8bdec2213f22d32d3","slug":"banks-can-sell-only-one-third-shares-of-jet-airways-due-to-sbi-ruling","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जेट एयरवेज में एक तिहाई हिस्सेदारी ही बेच सकेंगे बैंक, प्रभावित हो सकती है नीलामी","category":{"title":"Banking Beema","title_hn":"बैंकिंग बीमा","slug":"banking-beema"}}
जेट एयरवेज में एक तिहाई हिस्सेदारी ही बेच सकेंगे बैंक, प्रभावित हो सकती है नीलामी
Mon, 08 Apr 2019 06:47 PM IST
paliwal पालीवाल
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: paliwal पालीवाल
Updated Mon, 08 Apr 2019 06:47 PM IST
सार
- 75 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए कर्जदाताओं ने मांगे हैं रुचि-पत्र
- 32 फीसदी शेयरों पर ही एसबीआई का नियंत्रण, जिसकी बिक्री कर सकता है
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एसबीआई की अगुवाई वाले बैंकों के समूह को जेट एयरवेज में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरबीआई का एनपीए संबंधी सर्कुलर रद्द होना कर्जदाताओं की राह का रोड़ा बन गया है। इस बीच, सोमवार को बैंक समूह ने विमानन कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए बोली प्रक्रिया शुरू कर दी, लेकिन वे सिर्फ एक तिहाई शेयर ही बेच सकेंगे।
विज्ञापन
दरअसल, एसबीआई की अगुवाई वाले कर्जदाताओं के समूह ने जेट एयरवेज को 1,500 करोड़ की मदद के बदले 51 फीसदी हिस्सेदारी ली थी। इस प्रक्रिया में कंपनी के पूर्व चेयरमैन ने उनके पास 11.4 करोड़ शेयर गिरवी रखे थे। कर्जदाताओं की मंशा इन शेयरों का 75 फीसदी हिस्सा यानी 8.5 करोड़ शेयर बेचने की है और सोमवार से शुरू हुई बोली प्रक्रिया में उन्होंने इतने हिस्से के लिए ही रुचि-पत्र भी मांगे हैं।
विज्ञापन
एसबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि फिलहाल बैंक के पास गिरवी रखे शेयरों में से सिर्फ 32 फीसदी हिस्से यानी 3.5 करोड़ शेयर पर ही उसका अधिकार है, जिसे वह बेच सकता है। उन्होंने कहा कि इससे ज्यादा हिस्सेदारी बेचने के लिए बैंक को आरबीआई या शीर्ष अदालत से अनुमति लेनी होगी अथवा नए सर्कुलर का इंतजार करना होगा।
विज्ञापन
जेट एयरवेज के संस्थापक नरेशन गोयल
- फोटो : PTI