फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Banking Beema ›   bank unions to go on strike on 26 december

26 को होगी बैंकों में हड़ताल, आप पर पड़ेगा यह असर

Sat, 01 Dec 2018 01:51 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 01 Dec 2018 01:51 PM IST
विज्ञापन
bank unions to go on strike on 26 december

इस महीने के आखिरी हफ्ते में देश भर के बैंक कर्मचारी एक दिन की हड़ताल पर रहेंगे। हालांकि इसमें केवल सरकारी और कुछ निजी बैंकों में कार्यरत कर्मचारी हिस्सा लेंगे। केंद्र सरकार द्वारा तीन बड़े सरकारी बैंकों का विलय करने का फैसला और बैंक कर्मियों के वेतनमान में केवल 8 फीसदी वृद्धि करने के विरोध में बैंक यूनियन ने 26 दिसंबर को हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के अश्विनी राणा ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को मान नहीं रही है, जिसकी वजह से यह फैसला लिया है। 

विज्ञापन


25 फीसदी की मांग

राणा ने amarujala.com से बात करते हुए कहा कि बैंक यूनियन 25 फीसदी वेतन वृद्धि की मांग सरकार से कर रहे हैं। सरकार की ज्यादातर योजनाओं को बैंक द्वारा ही लागू किया जाता है। जहां केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में सरकार ने अच्छा इजाफा किया है, वहीं बैंक कर्मचारियों के वेतनमान में मामूली वृद्धि की गई है। देश भर में करीब 10 लाख सरकारी बैंक कर्मचारी हैं। 
विज्ञापन


विलय करना गलत

राणा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक का विलय करना भी गलत निर्णय है। विलय के प्रस्ताव से बैंकों की समस्या सुलझ नहीं सकती। बैंकों की सबसे बड़ी समस्या नॉन परफार्मिंग एसेट (एनपीए) की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन तीनों ही बैंकों में एनपीए का 80 हजार करोड़ रुपया फंसा हुआ है। एकीकरण के बाद एनपीए की रकम वसूलने में काफी परेशानी होगी। एकीकरण के बाद बैंक शाखाओं का विलय किया जाएगा, इससे सभी तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाएगा। विलय से बैंकों की काम करने की क्षमता पर असर नही पड़ेगा, बल्कि इससे आम ग्राहकों की परेशानी और बढ़ जाएगी। 

ग्राहकों पर पड़ेगा असर

bank unions to go on strike on 26 december

बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक के महाविलय हो जाने के बाद देश में सरकारी बैंकों की संख्या कम हो जाएगी। हालांकि इस विलय से इन बैंकों के ग्राहकों पर बड़ा असर पड़ेगा, क्योंकि इन सभी के बैंक का नाम, खाता संख्या, एटीएम और चेकबुक तक बदलवानी पड़ सकती है। 

फिर से खोलना पड़ सकता है खाता

इन तीन बैंकों के ग्राहकों को नए बैंक में अपना फिर से खाता खोलना होगा। इससे उनका पेपर वर्क काफी बढ़ जाएगा। ग्राहकों को खाता खोलने के लिए एक बार फिर से केवाईसी की प्रक्रिया को दोहराना होगा। केवाईसी हो जाने के बाद ग्राहकों को नई चेकबुक, एटीएम कार्ड और पासबुक मिलेगी। 

85 हजार कर्मचारियों की संख्या

एकीकरण के बाद यह देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक होगा, जिसका कुल कारोबार 14,82,422 करोड़ रुपये का और उसमें 85,675 कर्मचारी और अधिकारी होंगे। इस समय बैंक ऑफ बड़ौदा में 56,361, विजया बैंक में 15,874, जबकि देना बैंक में 13440 कर्मचारी हैं।

इससे बड़े या मजबूत बैंक की अपेक्षा छोटे या कमजोर बैंक में काम करने वाले कर्मचारियों को फायदा होगा। उनकी न सिर्फ सेवा शर्तें बेहतर हो जाएंगी, बल्कि वेतन भत्ता भी बेहतर हो जाएगा। निदेशक मंडल की बैठक में तय होगा कि एकीकृत बैंक का नाम क्या होगा। इसके अलावा, अन्य चीजों पर भी वहीं फैसला होगा। इस बैंक का कुल कारोबार 14,82,422 करोड़ रुपये का होगा जबकि कुल ऋण 6,40,592 करोड़ रुपये का होगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed