भारत-अमेरिका ट्रेड वॉर का असर पड़ेगा सेब, बादाम और अखरोट पर, नहीं मिलेंगे सस्ते
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अमेरिका ने स्टील और एल्युमिनियम पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का फैसला किया था। भारत ने इसके जवाब में कुछ उत्पादों के आयात शुल्क बढ़ाने का फैसला किया। इनमें से 28 उत्पादों पर यह बढ़ोतरी तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी, जबकि आर्टेमिया (एक प्रकार का झींगा) पर वृद्धि 4 अगस्त से प्रभावी होगी। नतीजतन सेब, बादाम और अखरोट जैसे फल व मेवे महंगे हो जाएंगे। भारत ने सेब, बादाम, अखरोट, छोले जैसे कृषि उत्पादों पर इंपोर्ट ड्यूटी 20 से 90 फीसदी तक बढ़ा दी है। उल्लेखनीय है कि भारत ने पिछले हफ्ते ही विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) को उन 30 उत्पादों की सूची सौंपी थी जिन पर वह 50 फीसदी तक शुल्क बढ़ सकता है।
बता दें कि पहले बादाम पर प्रति किलो 35 रुपये इंपोर्ट ड्यूटी थी, जो अब बढ़कर 42 रुपये प्रति किलो कर दी गई है। वहीं, छिले हुए बादाम पर इंपोर्ट ड्यूटी 100 से 120 रुपये प्रति किलो बढ़ाई गई है, जबकि सेब पर अब 75 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी लगेगी, जो पहले 50 फीसदी थी। इस कड़ी में अखरोट पर लगने वाले ड्यूटी में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी की गई है। इसे 30 फीसदी से बढ़ाकर 120 प्रतिशत कर दिया गया है।
इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाए जाने के बाद अब खाने-पीने की ये चीजें भारत में महंगी मिलेंगी। सरकार से इस कदम से व्यापारी चिंतित हैं। उनका कहना है कि इस फैसले का सबसे ज़्यादा असर बादाम पर पड़ेगा। क्योंकि भारत बादाम का सबसे बड़ा आयातक देश है। यहां कुल खपत का 80 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका से आयात किया जाता है।
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार मटर, चना, मसूर पर आयात शुल्क 70 फीसदी कर दिया गया है। यह पहले 30 फीसदी था। दालों पर आयात शुल्क 30 से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। हालांकि अमेरिका से आयात होने वाली 800 सीसी की बाइक पर शुल्क में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं की गई है।
झींगा पर 30 फीसदी शुल्क
अमेरिका से आयातित आर्टेमिया (एक प्रकार का झींगा) पर अब 30 फीसदी शुल्क लगाया जाएगा। इसके अलावा डायग्नोस्टिक रीएजेंट पर आयात शुल्क 20 फीसदी और फाउंड्री मोल्ड के बाइंडर पर 17.5 फीसदी कर दिया गया है। लोहे के फ्लैट रोल्ड प्रोडक्ट पर शुल्क 15 से बढ़ाकर 27.50 फीसदी कर दिया गया है, जबकि स्टील के कुछ फ्लैट रोल्ड प्रोडक्ट पर इसे 15 फीसदी से बढ़ाकर 22.50 फीसदी कर दिया है।
बाइक पर नहीं बढ़ा शुल्क
भारत ने डब्ल्यूटीओ को आयात शुल्क बढ़ाने वाले जिन उत्पादों की सूची सौंपी थी उनमें 800 सीसी की बाइक भी शामिल थीं, लेकिन बृहस्पतिवार को की गई घोषणा में इनका नाम नहीं है। इस श्रेणी की अमेरिकी बाइक में हार्ले डेविडसन और ट्रायम्फ शामिल हैं। बता दें कि ट्रंप इन बाइक पर शुल्क में कमी किए जाने का दबाव बना रहे हैं क्योंकि उनका कहना है कि भारत से आयात होने वाली बाइक पर अमेरिका कोई भी शुल्क नहीं वसूलता है।
व्यापार युद्ध जैसे हालात
अमेरिका की संरक्षणवादी नीति के कारण पूरी दुनिया में व्यापार युद्ध जैसे हालत पैदा हो गए हैं। भारत के अलावा यूरोपीय यूनियन ने भी कई अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क में बढ़ोतरी का फैसला किया है। इसके अलावा चीन ने भी अमेरिका की इस दादागिरी का जोरदार जवाब दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 9 मार्च को भारत सहित दुनिया के अन्य देशों से आयातित स्टील और अल्युमीनियम पर शुल्क में क्रमश: 25 और 10 फीसदी की बढ़ोतरी की घोषणा की थी। इसके बाद से ही दुनिया भर के देश अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क बढ़ा रहे हैं।
अमेरिका को डब्ल्यूटीओ में खींचा
स्टील और अल्युमीनियम पर अमेरिका द्वारा शुल्क बढ़ाए जाने के खिलाफ भारत ने डब्ल्यूटीओ में उसकी शिकायत भी की है। भारत हर साल अमेरिका को डेढ़ अरब डॉलर के स्टील एवं अल्युमीनियम उत्पादों का निर्यात करता है।