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एयरटेल: नहीं चुकाएंगे एजीआर बकाया, दूरसंचार विभाग ने कई बिलों को दो बार जोड़ा
Tue, 20 Jul 2021 08:14 AM IST
Kuldeep Singh
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 20 Jul 2021 08:14 AM IST
सार
- सुनवाई के दौरान एयरटेल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एएम सिंघवी ने कहा कि दूरसंचार विभाग ने एजीआर बकाया में कई बिलों को दो बार जोड़ा है। भुगतान की गई रकम भी नहीं दर्शाई है। इसलिए इन गलतियों के आधार पर कंपनी हजारों करोड़ का भुगतान नहीं करेगी।
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने एजीआर बकाया की दोबारा गणना की मांग संबंधी भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और टाटा टेलीसर्विसेज की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।
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सोमवार को सुनवाई के दौरान एयरटेल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एएम सिंघवी ने कहा कि दूरसंचार विभाग ने एजीआर बकाया में कई बिलों को दो बार जोड़ा है। भुगतान की गई रकम भी नहीं दर्शाई है। इसलिए इन गलतियों के आधार पर कंपनी हजारों करोड़ का भुगतान नहीं करेगी।
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वोडाफोन, आइडिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि ये गणितीय गलतियां हैं। न्यायाधिकरणों के पास गणितीय त्रुटि सुधारने का अधिकार होता है। टाटा टेली सर्विसेज के वकील अरविंद दातार ने शीर्ष कोर्ट से कहा कि गणना में गलतियों को सुधारा जा सकता है।
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बकाया राशि का दोबारा आकलन संभव नहीं
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति एलएन राव की अध्यक्षता वाली पीठ ने पूर्व में दिए गए फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि एजीआर बकाया को लेकर दोबारा आकलन नहीं हो सकता है। पीठ इस मामले में सिर्फ पुन: आकलन पर रोक के मुद्दे को देख रही थी।
पीठ ने दूरसंचार विभाग की ओर पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कंपनियों की ओर से उठाए मुद्दों के बारे में पूछा। मेहता ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई निर्देश नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने दूरसंचार कंपनियों को एजीआर बकाया चुकाने के लिए 10 साल का समय दिया था।