नासिक में हड़ताल से प्याज महंगा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस साल प्याज का क्षेत्र और उत्पादन बढऩे के बावजूद इसकी कीमतें बढऩे लगी हैं। नासिक और आसपास की मंडियों में हड़ताल के चलते कई शहरों में प्याज की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे कीमतें बढऩे लगी हैं।
उत्तर भारत के अधिकांश शहरों में पिछले दो हफ्तो के दौरान प्याज के भाव में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दो हफ्ते पहले तक जो प्याज १०-१५ रुपये किलोग्राम था, खुदरा बाजार में उसका भाव २०-२५ किलो तक पहुंच गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्याज पर न्यूनतम निर्यात मूल्य तय करने का कदम उठाया है।
महराष्ट्र में एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी में व्यापारियों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है। हड़ताली व्यापारी मजदूरी में 44 फीसदी के इजाफे के सरकार के फैसले के खिलाफ हैं। प्याज कारोबारियों ने सरकार को 10 जुलाई तक का वक्त दिया है। व्यापारी बुधवार को प्याज की नीलामी में हिस्सा लेने के लिए तैयार हो गए हैं।
हालांकि, मंगलवार को यह हड़ताल समाप्त हो गई है। इस बीच केंद्र सरकार प्याज की कीमतों को काबू में रखने के लिए सक्रिय हो गई है। मंगलावर को वाणिज्य मंत्रालय ने प्याज पर ३०० डॉलर प्रति टन न्यूनतम निर्यात मूल्य तय कर दिया है।