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Diwali 2022: दो साल के बाद दिवाली पर बाजारों में लौटी रौनक, सोने-चांदी की बंपर बिक्री, इतने करोड़ का कारोबार
Tue, 25 Oct 2022 08:11 PM IST
निर्मल कांत
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 25 Oct 2022 08:11 PM IST
सार
एआईजेजीएफ के अनुमान के मुताबिक, चांदी और सोने के सिक्कों की धनतेरस के दौरान सबसे ज्यादा मांग रही। गोल्ड बार की बिक्री में इस बार उछाल आया है।
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सोना-चांदी (सांकेतिक)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कोरोना महामारी के कारण सोना और आभूषण बाजार में दो साल की सुस्ती के बाद धनतेरस पर लोगों ने जमकर खरीददारी की। अगले कुछ महीनों में वैश्विक मंदी की आशंका है, लेकिन इस बीच सोने और चांदी की बिक्री उच्चतम स्तर को छू गई। एआईजेजीएफ के अनुमान के मुताबिक, चांदी और सोने के सिक्कों की धनतेरस के दौरान सबसे ज्यादा मांग रही। गोल्ड बार की बिक्री में इस बार उछाल आया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, एआईजेजी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने कहा, भारतीय सोना उद्योग कोरोना संकट से पूरी तरह से उबर चुका है, क्योंकि भारत में सोने की मांग अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। अरोड़ा ने बताया कि जुलाई-सितंबर तिमाही में घरेलू बाजार में भारत में सोने की मांग में अस्सी फीसदी तक की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
एआईजेजीएफ के अनुमान के अनुसार, दो दिन के धनतेरस के दौरान सोने चांदी की मूर्तियों, बर्तनों और सिक्कों की बिक्री 25 हजार करोड़ रुपये के उच्च स्तर पर पहुंच गई। 22 और 23 अक्तूबर को धनतेरस के मौके पर देशभर के बाजारों में भारी भीड़ देखने को मिली।
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वहीं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) के महासचिव ने कहा, कोरोना महामारी के कारण बाजार में दो साल की मंदी के बाद बाजारों में ग्राहकों की भीड़ने व्यापारियों को खुशी में झूमने पर मजबूर कर दिया।
सेनको गोल्ड एंड डायमंड्स के मैनेजिंग डायरेक्टर सुवनकर सेन ने कहा, पिछले कुछ दिनों में फर्म ने धनतेरस के दिन खरीद के लिए कई ज्वैलरी की प्री-बुकिंग देखी है।
कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी के मुक्य निवेश अधिकारी लक्ष्मी अय्यर ने कहा, दिवाली के लिए खरीददारों की सूची में सोना पहले नंबर पर रहा। सोने की मांग को बढ़ाने में इस बार आर्थिक अनिश्चितताओं की भूमिका हो सकती है। ज्वैलर्स ने भी खरीरददारों के बीच रुझान देखा है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, एआईजेजी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने कहा, भारतीय सोना उद्योग कोरोना संकट से पूरी तरह से उबर चुका है, क्योंकि भारत में सोने की मांग अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। अरोड़ा ने बताया कि जुलाई-सितंबर तिमाही में घरेलू बाजार में भारत में सोने की मांग में अस्सी फीसदी तक की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
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एआईजेजीएफ के अनुमान के अनुसार, दो दिन के धनतेरस के दौरान सोने चांदी की मूर्तियों, बर्तनों और सिक्कों की बिक्री 25 हजार करोड़ रुपये के उच्च स्तर पर पहुंच गई। 22 और 23 अक्तूबर को धनतेरस के मौके पर देशभर के बाजारों में भारी भीड़ देखने को मिली।
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वहीं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) के महासचिव ने कहा, कोरोना महामारी के कारण बाजार में दो साल की मंदी के बाद बाजारों में ग्राहकों की भीड़ने व्यापारियों को खुशी में झूमने पर मजबूर कर दिया।
सेनको गोल्ड एंड डायमंड्स के मैनेजिंग डायरेक्टर सुवनकर सेन ने कहा, पिछले कुछ दिनों में फर्म ने धनतेरस के दिन खरीद के लिए कई ज्वैलरी की प्री-बुकिंग देखी है।
कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी के मुक्य निवेश अधिकारी लक्ष्मी अय्यर ने कहा, दिवाली के लिए खरीददारों की सूची में सोना पहले नंबर पर रहा। सोने की मांग को बढ़ाने में इस बार आर्थिक अनिश्चितताओं की भूमिका हो सकती है। ज्वैलर्स ने भी खरीरददारों के बीच रुझान देखा है।