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हैकर्स की जद में भारत के 70% एटीएम

Mon, 12 Dec 2016 04:43 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 12 Dec 2016 04:43 PM IST
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70 percent atm in india on security risk

नोटबंदी के बाद एटीएम के बाहर लगी लंबी कतारों में लोग परेशान हो रहे हैं, वहीं एक खतरा आपकी परेशानी को और बढ़ा सकता है। आपको जानकर भले ही हैरानी हो लेकिन ये सच है कि भारत के 70 फीसदी एटीएम में साइबर अटैक से बचने के लिए किसी तरह का टेक्निकल सपोर्ट मौजूद नहीं है।

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द इकनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक भारत के 2.02 लाख एटीएम में से 70 फीसदी ऐसे हैं जिनमे पुराने विंडोज एक्सपी का इस्तेमाल हो रहा है। इन एटीएम में सिक्योरिटी अपडेट, सिक्योरिटी चेक की सुविधा नहीं है। 8 अप्रैल 2014 के बाद से विंडोज एक्सपी के लिए माइक्रोसॉफ्ट इस तरह की सुविधा बंद कर चुका है।
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ऐसे में जहां 8 नबंर को नोटबंदी के बाद लंबी कतारें आपके धैर्य का इम्तिहान ले रही हैं, वहीं कहीं ऐसा न हो कि कोई हैकर आपके एटीएम कार्ड से संबंधित गुप्त जानकारी हासिल कर ले।

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नहीं है कोई सिक्योरिटी सपोर्ट सिस्टम

70 percent atm in india on security risk

प्राइसवॉटरहाउसकूपर्स के विवेक बेलगावी कहते हैं कि माइक्रोसॉफ्ट विंडोज एक्सपी के लिए कोई सपोर्ट सिस्टम उपलब्ध नहीं कराता। बेलगावी के मुताबिक एटीएम को अपग्रेड नहीं किया गया है। मालवेयर से निपटने के लिए कोई इंतजाम नहीं है। वहीं एटीएम लगाने वाली कंपनी एनसीआर के मुताबिक एटीएम को अपडेट करने की जिम्मेदारी बैंकों पर है।

सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर की कंपनी कैस्पर्स्की के अलताफ हालदे कहते हैं कि अनसपोर्टेड विंडो एक्सपी में हमें मालवेयर मिले हैं। भारत के 75 प्रतिशत एटीएम अनसपोर्टेड विंडोज एक्सपी पर आधारित हैं। वहीं दूसरी ओर एफएसएस के प्रजिडेंट के वी बालासुब्रमण्यम ने कहा है कि ज्यादातर एटीएम पिछले चार सालों में बदले गए हैं।

एटीएम लगाने वाली कंपनियां हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की गारंटी तो मुहैया कराती हैं, लेकिन इन्हें अपडेट बैंकों को ही करना होता है। विश्व में ज्यादातर जगह एटीएम को हर पांच साल में बदला जाता है लेकिन भारत के अंदर इसको बदलने में 10 साल लग जाते हैं। बैंक भी पैसे की वजह से अपग्रेड पर ध्यान ही नहीं देते।

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