आपने दुनिया के बड़े-बड़े साम्राज्यों के किस्से सुने होंगे। ब्रिटिश साम्राज्य जिसमें कभी सूरज डूबता ही नहीं था। चंगेज खां की बादशाहत जो चीन से लेकर हिंदुस्तान की दहलीज तक फैली थी। या फिर मुगलिया सल्तनत जिसका विस्तार काबुल-कंधार से लेकर कर्नाटक तक था। पर, आज हम आपको ले चलते हैं दुनिया की सबसे छोटी बादशाहत की सैर पर. एक ऐसा साम्राज्य जिसमें कुल 11 लोग रहते हैं, वो भी पार्ट टाइम। एक ऐसा राजा जो अपनी नाव और रेस्टोरेंट चलाता है। जिसने हाफ पैंट और सैंडल मे ही जिंदगी बिता दी। ये बेहद दिलचस्प किंगडम है, किंगडम ऑफ टवोलारा।
दुनिया की सबसे छोटी सल्तनत में रहते हैं कुल 11 लोग, यहां का राजा चलाता है रेस्टोरेंट
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इटली के सार्डीनिया प्रांत के पास भूमध्य सागर में स्थित ये एक बेहद छोटा-सा द्वीप है जहां पर एक राज कायम है, वो भी इटली के एक देश के तौर पर अस्तित्व में आने से पहले। किंगडम ऑफ टवोलारा, असल में टवोलारा नाम के एक छोटे से जजीरे पर फैला हुआ है। इसकी कुल लंबाई-चौड़ाई पांच वर्ग किलोमीटर है।
इस सल्तनत के राजा का नाम है टोनियो बर्तलिओनी। अगर आप कभी टवोलारा पहुंच गए तो वहां आपको राजा टोनियो बर्तलिओनी को तलाशने में दिक्कत हो सकती है। वो राजा जैसे तो दिखते ही नहीं। न पहनावा वैसा है, न रहन-सहन। टोनियो बर्तलिओनी कहते हैं कि एक राजा के तौर पर उन्हें सिर्फ मुफ्त भोजन की सुविधा मिलती है। वो भी उनके खुद के रेस्टोरेंट से मिलता है। आज के दौर में एक द्वीप पर बसे एक साम्राज्य की बातें मजाक लगेंगी। मगर, यहां के बाशिंदे और राजा टोनियो बर्तलिओनी इसे लेकर बेहद गंभीर हैं। पूछे जाने पर वो कई पुश्तों का इतिहास बताते हैं।
टोनियो बर्तलिओनी के मुताबिक उनके परदादा के परदादा, गुसेप बर्तलिओनी 1807 में दो बहनों से शादी करके इटली से भाग आए थे। उस वक्त इटली एक देश नहीं था, बल्कि इसका सार्डीनिया सूबा एक अलग साम्राज्य के तौर पर आबाद था। यहां दो शादियां करना गुनाह था। इसीलिए गुसेप बर्तलिओनी भागकर इस द्वीप पर आकर बस गए।वो जेनोवा शहर के रहने वाले थे। गुसेप को जल्द ही इस द्वीप पर रहने वाली सुनहरे दांतों वाली बकरियों का पता चला। ये दुनिया में अपनी तरह की इकलौती बकरियां हैं। जल्द ही इन बकरियों की चर्चा इटली तक पहुंच गई। सार्डीनिया के राजा कार्लो अल्बर्टो इन बकरियों को देखने और इनका शिकार करने के लिए टवोलारा द्वीप पर आए।
ये बात 1836 की है। गुसेप के बेटे पाओलो ने कार्लो अल्बर्टो को सुनहरे दांतों वाली बकरियों के शिकार में मदद की और पूरा द्वीप घुमाया। टोनियो बताते हैं कि जब सार्डीनिया के राजा अल्बर्टो उनके द्वीप पर पहुंचे तो उन्होंने कहा कि वो सार्डीनिया के राजा हैं। इसके जवाब में उनके पर-परदादा पाओलो ने कहा कि वो टवोलारा के राजा हैं। टवोलारा में तीन दिन गुजारकर कार्लो अल्बर्टो जब अपने देश लौटे तो वहां से एक फरमान लिखकर कहा कि टवोलारा, सार्डीनिया के राज का हिस्सा नहीं है। इसके बाद पाओलो बर्तलिओनी ने अपनी बादशाहत का एलान कर दिया। इस द्वीप पर उस वक्त कुल तैंतीस लोग रहते थे। तो पाओलो उन 33 लोगों के राजा हो गए।