MRI मशीन ने दो को खींचा, चिपकाए रखा चार घंटे
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हाल ही में नई दिल्ली के टाटा मेमोरियल अस्पताल में वहीं काम करने वाले दो टेक्निशन एमआरआई मशीन से चार घंटे तक के लिए चिपक कर रह गए।
डेली मेल के मुताबिक मामले ने तूल तब पकड़ा जब कई लोगों के कोशिशों के बावजूद उन्हें अलग नहीं किया जा सक रहा था।
एमआरआई मशीन ऐसी मशीन होती है जिसमें मैगनेटिक रेजोनेंस या यूं कहें कि चुंबकीय शक्ति बहुत ज्यादा होती है।
इसलिए हमेशा किसी भी मरीज को मशीन के अंदर स्कैनिंग करने से भेजने से पहले वहां जांच करते लोग इस बात की आश्वस्तता लेते हैं कि कहीं मरीज ने कोई मेटल की चीज तो नहीं पहन रखी।
चाबी हो या जेवरात, वो सभी को जांच से पहले उतरवा लेते हैं ताकि इन मेटल से मशीन मरीज को मेटल सहित ही चिपका न ले।
हो गई थी गलतफहमी
अब आप कहेंगे कि ये जानकारी अगी किसी बाहर से आए व्यक्ति को ना हो, तो भूल से उसके साथ मशीन में जा चिपकने वाली घटना हो सकती है।
पर, यहां तो इस घटना के शिकार खुद अस्स्पताल में काम करने वाले कर्मचारी ही हो गए। मामला प्रकाश में आया तो पता चला कि ऑक्सीजन टैंक और अनय चीजें इधर-उधर करने वाले कर्मचारी सुनील जाधव को कमरे में ही ऑक्सीजन मास्क लाने को कहा गया था।
उसे लगा कि उससे ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाया गया है। उसने ध्यान ही नहीं दिया कि एमआरआई मशीन ऑन है। वो जैसे ही लोहे की टैंक को मशीन के पास से लेकर जा रहा था, मशीन ने उसे टैंक समेत खींच लिया।
टेक्निशयन भी गया लपेटे में
वहीं मशीन के आगे एक टेक्निशन भी खड़ा था। मशीन की रेजोनेंस काफी ज्यादा हो रखी थी। अब नजारा ये था की मशीन से ऑक्सीजन सिलेंडर, सुनील और एक अन्य टेक्निशयन सभी चिपके हुए थे।
उनको अगल करने की कोशिश काफी देर तक की जाती रही। पर, तीव्रता इतनी थी कि सब लोगों को उन्हें मिलकर अलग करने के लिए चार घंटे तक का वक्त लग गया।
ये हैरतअंगेज था। इस घटना में दोनों बुरी तरह से चोटिल भी हुए। दोनों मशीन से चिपक जाने के बाद बेहोश हो गए थे।