एक हजार साल पुरानी मूर्ति में मिली ममी, हैरत में वैज्ञानिक
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जब इस मूर्ति को पाया गया तो पहले जांच में पता लगा लिया गया कि ये लगभग एक हजार साल पुरानी है।
डेली मेल के मुताबिक हैरत में डालने वाली बात ये है कि जब इस मूर्ति को आगे की जांच के लिए खोला गया, तो इसके अंदर एक ममी मिली जो बिल्कुल सुरक्षित थी।
इस ममी की जांच, सी टी स्कैन और एंडोस्कोपी नीदरलैंड्स के ड्रेन्ट्स म्यूजियम में चल रही है। आखिर इस ममी को इस तरीके से क्यों मूर्ति में डाला गया होगा, ये बात अभी अनसुलझी है।
किसी प्राचीन मॉन्क की ममी है
ऐरिक बु्जिन नाम के बौद्घ एक्सपर्ट ने बताया कि ये ममी बुद्घिस्ट मास्टर लिउक्वान की है जो चीन के मेडिटेशन स्कूल के मास्टर थे। वो एक बोद्घ भिक्षु भी थे।
जांच में पता चला कि मूर्ति के अंदर उनकी बॉडी को ममी बनाने से पहले जरूरी अंग निकाल लिए गए थे। इस ममी के अंदर हड्डियों तो वैसी ही हैं, पर दिल, फेफड़े आदि नहीं थे।
कई बुद्घिस्ट ये मानते हैं कि हो सकता है कि लिउक्वान कभी मरे ही ना हों। वो मेडिटेशन कर रहें हों और एक वक्त बाद जब वो जड़ हो चुकें होंगे तो लोगों ने उन्हें मूर्ति के अंदर ममी बनाकर रख दिया।
पहले भी आए हैं ऐसे मामले
बता दें कि मूर्ति के अंदर ममी पाए जाने का ये पहला मामला हो सकता है, पर जड़ हो चुके बौद्घ भिक्षु पहले भी मिलते रहें हैं।
हाल ही में मंगोलिया में एक बहुत पुराने ऐसे बौद्घ भिक्षु को पाया गया था जो मेडिटेशन के पोजिशन में ही मिले थे। कई लोगों ने कहा कि वो ध्यान के किसी एडवांस्ड स्टेट पर हैं और तब भी मृत नहीं थे।
लेकिन अभी मिली इस मॉन्क की मूर्ति के पीछे क्या राज है, इसका पूरा खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा। तब के लिए इसे हंगरी के नेशनल हिस्ट्री म्यूजियम में लोगों के देखने के लिए रख दिया गया है।