पंजाब के रहने वाले भूपेन्दर जहां भी जाते हैं लोग उन्हें अजीब तरीके से देखने लगते हैं। जब वह स्कूल जाया करते थे तो बच्चों से लेकर टीचर तक भी उनसे डरते थे। जिस वजह से वह अपनी पढ़ाई भी नहीं कर पाए। वह काम करना चाहते हैं, लेकिन उनके बिगड़े चेहरे की वजह से कोई उन्हें काम नहीं देता। दरअसल भूपेन्दर न्यूरोफाइब्रोमेटोसिस बीमारी से पीड़ित है। इसमें नर्वस सिस्टम के अंदर ट्यूमर बनने लगते हैं। इस बीमारी को कोई इलाज भी नहीं है।
इस बीमारी की वजह से भूपेन्दर की स्किन लगातार बढ़ती जा रही है। उनके चेहरे की दाहिनी ओर से स्किन देखकर ऐसा लगता है जैसे उनकी स्किन पिघलकर गिरने को तैयार है। चेहरे की लटकती स्किन को हटाने के लिए उनके मां बाप उनकी तीन बार सर्जरी करा चुके हैं, लेकिन इस से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा। सर्जरू के कुछ महीनों बाद ही उनकी स्किन फिर से बढ़ जाती है।
स्कूल में बच्चों का मजाक उड़ाना व टीचर्स का उनको नजरअंदाज करने से वह इतना टूट गये थे कि उन्होंने पढ़ाई छोड़ कर घर में नजरबंद होने का फैसला किया। 9 साल घर पर बंद रहने के बाद उन्होंने अब लोगों का सामना करने का सोचा। अब वह 19 साल के हो गये हैं और वह चाहते हैं कि खाली न बैठकर वह कुछ काम करें और अपने मां बाप की मदद करें।
भूपेन्दर को खाना पकाना बहुत पसंद है। वह चाहते हैं कि वह लोगों से मिलें, दोस्त बनाए और खाली बैठने के बजाय कुछ काम करें। परंतु कोई उन्हें काम देने को तैयार नहीं। काम तो दूर कोई उनकी देखना भी पसंद नहीं करता।