इलाज का ये कैसा तरीका: बेटी को किया धुएं के हवाले
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चीन के युनान प्रांत में रहने वाले वी शूफू की छह साल की बेटी मेडिटरेनियन अनीमिया से पीड़ित है। इस बीमारी को लोग आम भाषा में थैलेसीमिया भी बोलते हैं।
डेली मेल के मुताबिक शुफू की छह साल की बेटी वेई जेनकू ने इस बीमारी का इलाज करवाने की कोशिश की। बच्ची के इलाज में उन्होंने अपनी जिंदगी भर की कमाई डाल दी, फिर भी बेटी ठीक ना सकी।
डॉक्टरों ने बताया कि उनकी बेटी को थैलेसीमिया के साथ बोन मैरो ट्रांसप्लांट भी करना है। अब शुफू के पास इतने रुपए नहीं थे कि वो अच्छे अस्पतालों में ले जाकर अपनी बेटी का बोन मैरो ट्रांसप्लांट करवाएं।
निकाला इलाज का दूसरा तरीका
शुफू अपनी बेटी की बिगड़ती हालत को देख नहीं पा रहें हैं। कैसे भी बेटी को स्वस्थ दिखने की इच्छा में उन्होंने खुद से एक देसी इलाज कर डालने का तरीका अपनाया।
उन्हें अस्पताल में मिले एक आदमी ने बताया था कि अगर वो कई जड़ी-बूटियों के पौधों को मिलाकर उसका धुंआ अपनी बेटी को देते हैं, तो इससे उसे बीमारी से निजात पाने में राहत मिलेगी।
बेटी को ठीक देखने के लिए उन्होंने उसे एक शैया नुमा बिस्तर पर लिटाया और उसके बाद नीचे से जड़ी-बूटियों का धुंआ उसतक पहुंचाया।
इससे बेटी को तकलीफ तो हो रही थी, लेकिन ठीक होने के लिए उसने भी अपने पिता का इस काम में साथ दिया।