तो क्या अपने ही बच्चों को खा जाते थे आदिमानव?
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जिक्र जब आदिमानव का होता है तो जेहन में तस्वीर एक डरावने, बड़े बालों-दातों और नाखूनों वाले इंसान की उभरती है, जो जानवरों का मांस खाकर अपना पेट भरा करते थे।
लेकिन, नया अध्य्यन बताता है कि बात सिर्फ जानवरों तक ही सीमित नहीं है, आदिमानव इंसानों के मांस से भी पेट भरते थे। चीन में हेनन प्रांत के झुआंग शहर के पास पुरातत्व विभाग को एक लाख साल पुराने मानव अस्थियों के ऐसे नमूने मिले हैं जिनसे आदिमानव के नरभक्षी होने की बात पुख्ता होती है।
पुरातत्वविदों को मिली मानव हड्डी एक जवान पुरुष की है, जिसे दातों से चबाया गया था।
वो खा जाते थे अपने ही बच्चों को
शोधार्थियों की मानें तो एक लाख साल पहले इंसान बच्चे आदिमानव का निवाला बन जाया करते थे। शोधर्थियों के मुताबिक खुदाई में जांघ की हड्डी के दो टुकड़े मिले हैं, जिन पर दातों के निशान दिखाई देते हैं। दातों के ये निशान चीन में रहने वाले किसी इंसान की तरह लगते हैं।
ये हड्डियों के टुकड़े मानव की झुचांग प्रजाती के बाताए जा रहे हैं। इस शोधकार्य में लगे मुख्य पुरातत्वविद ली झानयांग की मानें तो हड्डियों पर दातों से चबाने के निशान साफ दिखाए पड़ते हैं। झानयांग ने अंदेशा जताया है कि हो सकता है आदिमानव इंसान की हड्डियों से मिलने वाले पोषक तत्वों को खाते हों।
मानव की जांघ की हडिडयों के ये टुकड़े उसी जगह मिले हैं जहां साल 2012 में मानव खोपड़ी के सोलह टुकड़े मिले थे। ये खोपड़ी भी एक जवान बच्चे की बताई जाती है। इसी इलाके में पत्थर के हथियार और जानवरो के भी कुछ अवशेष मिले हैं।
हड्डियों पर इंसान के दातों के निशान
पुरातत्वविदों का मानना है कि आदिमानव नरभक्षी तो था ही साथ ही वो मांस को साफ करके खाया करता था। उधर लंदन के नेशनल हिस्ट्री म्यूजियम और यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के शोधर्थियों के मुताबिक 14 हजार 700 साल पहले गुफाओं में रहने वाला आदिमानव नरभक्षी हुआ करता था।
नए अध्ययन में ये भी पता चला है कि आदिमानव इंसान की खोपड़ी से कप जैसे आकार के बर्तन भी बनाता था। शोधर्थियों की मानें तो साल 1880 से 1992 के बीच में गुफाओं से जो अवशेष मिले हैं उनमें दातों के निशान पाए गए।
इस खोज ने नए सिरे से उस विवादास्पद बहस को हवा दे दी है कि चीन की
ज्यादातर आबादी उन होमो सेपियेंस की वंशज है, जो वहां पलायन कर गए थे। माना
जाता है कि ये होमो सेपियंस करीब सत्तर हजार साल पहले अफ्रीका से आए थे।