Viral Video: मोर के चिल्लाने का वीडियो हो रहा है वायरल, सुनकर भर आएंगी आपकी आंखें, जानिए क्या है पूरा मामला
Viral Video: पक्षियों के रोने की आवाज ठीक उसी तरह आ रही है, जैसे आशियाना तोड़े जाने पर कोई इंसान रोता है। दरअसल, यह वीडियो तेलंगाना के हैदराबाद शहर के बीचोंबीच पॉश इलाके गाछीबाउली के पास एक जंगल का है।
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Viral Video: दुनियाभर में विकास के नाम पेड़ों और जंगलों की अंधाधुंध कटाई हो रही है। पशु और पक्षियों के लिए जंगल घर की तरह होते हैं, जिसके उजड़ने पर इंसानों की तरह ही रोते हैं। अब सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने लोगों के दिल को झकझोर कर रख दिया है। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि रात के अंधेरे में कई सारे बुलडोजर जंगल की कटाई कर रहे हैं और पेड़ों से कई सारे मोर के चिल्लाने की आवाज सुनाई दे रही है। मोर के चिल्लाने की आवाज बिल्कुल इंसानों की तरह लग रही है। आइए जानते हैं कि आखिर वीडियो कहां का है और क्यों वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो को सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @ save_hcu नाम के अकाउंट से शेयर किया जा रहा है। इसमें पेड़ों की कटाई के दौरान चिड़ियों और मोर के चिल्लाने की आवाज सुनाई दे रही है। पक्षियों के रोने की आवाज ठीक उसी तरह आ रही है, जैसे आशियाना तोड़े जाने पर कोई इंसान रोता है। दरअसल, यह वीडियो तेलंगाना के हैदराबाद शहर के बीचोंबीच पॉश इलाके गाछीबाउली के पास एक जंगल का है।
400 एकड़ एरिया में फैला है ग्रीनलैंड
हैदराबाद के बीच में करीब 400 एकड़ एरिया में कांचा जंगल स्थित है, जो एक ग्रीनलैंड हैं। इसमें बहुत सारे पेड़-पौधे हैं, जो कई जीव-जंतुओं और चिड़ियों का आशियाना है। कांचा जंगल को हैदराबाद का फेंफड़ा कहा जाता है।
रात के अंधेरे में चुपचाप की जा रही थी कटाई
सैकड़ों एकड़ में फैले इस जंगल की कटाई रात के अंधेरे में चुपचाप हो रही थी। कहा जा रहा है कि यहां पेड़ों की कटाई उस समय शुरू की गई, जब एक के बाद एक कई छुट्टियां थीं और हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं घर चले गए थे। विश्वविद्यालय के पास ही यह हरा-भरा इलाका है और छात्र जंगल की कटाई का विरोध कर रहे थे।
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छात्रों का विरोध
स्थानीय लोग, पर्यावरण एक्टिविस्ट और छात्रों ने कांचा जंगल की कटाई और विकास कार्यों को रोकने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इसे राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया जाए, क्योंकि यह 455 से अधिक प्रजातियों का घर है। हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्रों को जानकारी मिली कि यहां पर जंगल साफ कर विकास का काम शुरू किया जाएगा, तो उन्होंने इसका विरोध करना शुरू कर दिया।
यहां बनेंगी इमारत
बताया जा रहा है कि जंगल को काटकर यहां पर इमारतें बनाई जाएंगी। विकास प्राधिकरण ने इस जंगल को काटने के लिए छुट्टियों का समय चुना। सबसे हैरानी वाली बात यह है कि रात के अंधेरे में एक साथ कई बुलडोजर और कटिंग मशीन लगाकर जंगल की सफाई की जा रही थी। इसके कारण वहां रहने वाले मोर और अन्य पशु-पक्षी अपना आशियाना उजड़ते देख ऐसे चिल्लाने लगे जैसे कोई इंसान रो रहा हो। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायेरल हो रहा है।
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कोर्ट ने लगा रखी है रोक
भारी विरोध प्रदर्शन के बाद तेलंगाना हाईकोर्ट ने छात्रों और पर्यावरण एनजीओ, वात फाउंडेशन द्वारा दायर याचिकाओं के बाद कांचा गचीबोवली में 400 एकड़ से अधिक भूमि पर विकास गतिविधियों पर अंतरिम रोक लगा दी है। गुरुवार को अगली सुनवाई तक यह आदेश प्रभावी रहेगा।
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पर्यावरण से खिलवाड़ बंद हो !
— Dimple Yadav (@dimpleyadav) April 2, 2025
तेलंगाना में प्रदेश सरकार द्वारा 400 एकड़ जंगल को साफ करने का प्रयास, हजारों पेड़ो की कटाई सरासर पर्यावरण और वन्यजीवों के खिलाफ है।
कांचा गाचीबोवली वन (केजीएफ) को साफ करने से गंभीर परिणाम संभव है, साथ स्थानीय तापमान में भी वृद्धि भी होगी।
तत्काल… pic.twitter.com/Y2ZyfASGat
पर्यावरण से खिलवाड़ बंद हो: डिंपल यादव
समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता और सांसद डिंपल यादव ने भी इस वीडियो को शेयर किया है। उन्होंने लिखा है कि पर्यावरण से खिलवाड़ बंद हो! तेलंगाना में प्रदेश सरकार द्वारा 400 एकड़ जंगल को साफ करने का प्रयास, हजारों पेड़ो की कटाई सरासर पर्यावरण और वन्यजीवों के खिलाफ है। कांचा गाचीबोवली वन (केजीएफ) को साफ करने से गंभीर परिणाम संभव है, साथ स्थानीय तापमान में भी वृद्धि भी होगी। तत्काल कटाई की कार्रवाई को रोके सरकार।