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Viral Video: कभी लगाई है पत्थर की मेहंदी? हिमाचल की इस लड़की ने बताई देसी टेक्निक, देखें वायरल वीडियो
Mon, 12 May 2025 11:06 AM IST
दीक्षा पाठक
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Published by: दीक्षा पाठक
Updated Mon, 12 May 2025 11:06 AM IST
सार
stone henna from Himachal: सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो की शुरुआत में रूबी कैमरे के सामने आती हैं और एक सवाल पूछती हैं, "क्या आपने कभी पत्थर की मेहंदी लगाई है?" इसके बाद वह अपने बचपन की यादें साझा करती हैं। वह बताती हैं कि वह और उनकी बहनें गर्मियों में इस मेहंदी को इकट्ठा करती थीं और मिलकर इसका पेस्ट बनाती थीं।
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आपने लगाई पत्थरों की मेहंदी
- फोटो : इंस्टाग्राम @thakurraveena982
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विस्तार
सोशल मीडिया पर आए दिन ऐसे वीडियोज वायरल होते रहते हैं, जिसे देख हम भी काफी हैरान रह जाते हैं कि आखिर यह सब कैसे हो सकता है। इस वीडियो को लोग काफी पसंद भी कर रहे हैं। यह कहानी है हिमाचल प्रदेश की, जिसमें एक महिला ने सोशल मीडिया पर एक पुरानी और खास परंपरा को बड़े ही सुंदर तरीके से पेश किया है। इस महिला का नाम रूबी ठाकुर है, जिन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में वह बताती हैं कि पहाड़ी इलाकों में मिलने वाली मेहंदी को कैसे तैयार किया जाता है। यह कोई आम मेहंदी नहीं, बल्कि पत्थरों पर उगने वाली प्राकृतिक मेहंदी है, जिसे रूबी बचपन से जानती हैं और अब इसे दुनिया के साथ बांट रही हैं। आइए जानते हैं कि वीडियो में और क्या दिखाया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो की शुरुआत में रूबी कैमरे के सामने आती हैं और एक सवाल पूछती हैं, "क्या आपने कभी पत्थर की मेहंदी लगाई है?" इसके बाद वह अपने बचपन की यादें साझा करती हैं। वह बताती हैं कि वह और उनकी बहनें गर्मियों में इस मेहंदी को इकट्ठा करती थीं और मिलकर इसका पेस्ट बनाती थीं। वीडियो में वह एक खास पत्थर दिखाती हैं और बताती हैं कि इस पर जो हरा रंग उगा हुआ है, वह असली पहाड़ी मेहंदी है।
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पत्थरों पर उगती है मेहंदी
रूबी बताती हैं कि यह मेहंदी खास तरह के पत्थरों पर ही उगती है और पुराने समय में गांवों में इसे बहुत पसंद किया जाता था। इस मेहंदी को पत्थर से धीरे-धीरे खुरचकर निकाला जाता है। फिर उसमें थोड़ा पानी मिलाकर पेस्ट बनाया जाता है और लकड़ी की एक छोटी सी स्टिक से इसे हाथों पर लगाया जाता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से प्राकृतिक और बिना किसी केमिकल के होती है।
लोगों ने दी दिलचस्प प्रतिक्रिया
इस वीडियो को देखकर कई लोगों को अपने बचपन की याद आ गई। एक यूजर ने कमेंट किया, "हम भी बचपन में यही मेहंदी लगाते थे।" एक और व्यक्ति ने लिखा, "हां, मुझे भी यह मेहंदी याद है।" वहीं कुछ लोगों ने कहा कि उन्होंने पहली बार इस तरह की मेहंदी देखी और जाना। लोगों का मानना है कि रूबी ठाकुर का यह वीडियो यह दिखाता है कि भारत की पारंपरिक और स्थानीय संस्कृति आज भी जिंदा है। तकनीक और सोशल मीडिया के जरिए अब यह परंपराएं नई पीढ़ी तक भी पहुंच रही हैं।
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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो की शुरुआत में रूबी कैमरे के सामने आती हैं और एक सवाल पूछती हैं, "क्या आपने कभी पत्थर की मेहंदी लगाई है?" इसके बाद वह अपने बचपन की यादें साझा करती हैं। वह बताती हैं कि वह और उनकी बहनें गर्मियों में इस मेहंदी को इकट्ठा करती थीं और मिलकर इसका पेस्ट बनाती थीं। वीडियो में वह एक खास पत्थर दिखाती हैं और बताती हैं कि इस पर जो हरा रंग उगा हुआ है, वह असली पहाड़ी मेहंदी है।
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पत्थरों पर उगती है मेहंदी
रूबी बताती हैं कि यह मेहंदी खास तरह के पत्थरों पर ही उगती है और पुराने समय में गांवों में इसे बहुत पसंद किया जाता था। इस मेहंदी को पत्थर से धीरे-धीरे खुरचकर निकाला जाता है। फिर उसमें थोड़ा पानी मिलाकर पेस्ट बनाया जाता है और लकड़ी की एक छोटी सी स्टिक से इसे हाथों पर लगाया जाता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से प्राकृतिक और बिना किसी केमिकल के होती है।
लोगों ने दी दिलचस्प प्रतिक्रिया
इस वीडियो को देखकर कई लोगों को अपने बचपन की याद आ गई। एक यूजर ने कमेंट किया, "हम भी बचपन में यही मेहंदी लगाते थे।" एक और व्यक्ति ने लिखा, "हां, मुझे भी यह मेहंदी याद है।" वहीं कुछ लोगों ने कहा कि उन्होंने पहली बार इस तरह की मेहंदी देखी और जाना। लोगों का मानना है कि रूबी ठाकुर का यह वीडियो यह दिखाता है कि भारत की पारंपरिक और स्थानीय संस्कृति आज भी जिंदा है। तकनीक और सोशल मीडिया के जरिए अब यह परंपराएं नई पीढ़ी तक भी पहुंच रही हैं।