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इंसानों से भी तेज चलता है कबूतरों का दिमाग, शोध में सामने आई बात
amarujala.com, Presented by: राजेश सैनी
Updated Wed, 06 Dec 2017 11:02 AM IST
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कबूतरों के बारे में जितना हम सोचते-समझते हैं, वे उससे कहीं ज्यादा समझदार होते हैं। एक शोध में यह बात सामने निकलकर आई है कि कबूतरों के पास इंसानों से कहीं अधिक तेज बुद्धि होती है।
ज्ञात हो प्राचीनकाल में कबूतरों को 'संदेशवाहक' के बतौर इस्तेमाल किया जाता था। दरअसल, इनकी सबसे बड़ी खासियत 'टाइम' और 'स्पेस मैनेजमैंट' की है। शायद इसलिए ऐसा किया जाता था।
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ज्ञात हो प्राचीनकाल में कबूतरों को 'संदेशवाहक' के बतौर इस्तेमाल किया जाता था। दरअसल, इनकी सबसे बड़ी खासियत 'टाइम' और 'स्पेस मैनेजमैंट' की है। शायद इसलिए ऐसा किया जाता था।
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बोफिन नामक शोधकर्ता बताते हैं कि कबूतरों की याददास्त गजब की होती है। वे एक बार जिस चीज को देख लेते हैं, उसे भूलते नहीं है। शोधकर्ता बताते हैं कि इसलिए वे एक इंसानी दिमाग से कहीं ज्यादा चीजों को याद रख पाते हैं।
शोध में यह बात भी सामने आई है कि कबूतर अपने दिमाग में एक आम इंसान से कहीं ज्यादा डाटा स्टोर कर सकते हैं। यहां तक कि वे स्टीफन हॉकिंग को भी इस मामले में पीछे छोड़ सकते हैं। इस बात से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कबूतर अपने दिमाग में कितना डाटा स्टोर कर सकते हैं।
शोध में यह बात भी सामने आई है कि कबूतर अपने दिमाग में एक आम इंसान से कहीं ज्यादा डाटा स्टोर कर सकते हैं। यहां तक कि वे स्टीफन हॉकिंग को भी इस मामले में पीछे छोड़ सकते हैं। इस बात से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कबूतर अपने दिमाग में कितना डाटा स्टोर कर सकते हैं।
pigeon
अमेरिका के लोवा विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने अलग-अलग पक्षियों पर एक प्रयोग किया, जिनमें सबसे सफल प्रयोग कबूतरों पर रहा। एक कबूतर को एक कंप्यूटर स्क्रीन पर पहले दो से आठ सेकंड के लिए 6 सेमी से 24 सेमी तक की क्षैतिज रेखाएं दिखाई गई।
इसके बाद कबूतर के सामने अलग-अलग साइन सिंबल रखे गए जिनमें से कबूतर को कंप्यूटर स्क्रीन पर पहले दिखाए गए सिंबल की पहचान करनी थी। इस प्रयोग में निर्णय लेने में सबसे कम समय कबूतर ने लिया। इसका मतलब यह हुआ कि निर्णय लेने में कबूतर ज्यादा समय नहीं लेते।
इसके बाद कबूतर के सामने अलग-अलग साइन सिंबल रखे गए जिनमें से कबूतर को कंप्यूटर स्क्रीन पर पहले दिखाए गए सिंबल की पहचान करनी थी। इस प्रयोग में निर्णय लेने में सबसे कम समय कबूतर ने लिया। इसका मतलब यह हुआ कि निर्णय लेने में कबूतर ज्यादा समय नहीं लेते।
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अक्सर तुरंत निर्णय लेने की स्थिति में इंसान फेल हो जाते हैं, लेकिन कबूतर बेहद कम समय में सही निर्णय लेते हैं। इस शोध में भी यह स्पष्ट हो गया है कि कबूतरों का मूल्यांकन करने का तरीका सबसे तेज है।
वैज्ञानिकों इस प्रकिया को हाई लेवल 'abstract decision making' बताते हैं। कहते हैं कि पक्षियों में कबूतरों के अलावा यह खूबी मछलियों में भी पाई जाती है।
वैज्ञानिकों इस प्रकिया को हाई लेवल 'abstract decision making' बताते हैं। कहते हैं कि पक्षियों में कबूतरों के अलावा यह खूबी मछलियों में भी पाई जाती है।