OMG: अब इस बंदर को भी चाहिए अपनी सेल्फी का कॉपीराइट
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भई सेल्फी का क्रेज इस कदर बढ़ा है कि अब तो बंदर भी अपनी सेल्फी के लिए कॉपीराइट की मांग कर रहे हैं। याद है न इस बंदर की यह सेल्फी कितनी ज्याद वायरल हुई थी? अब यह फिर कॉपीराइट को लेकर चर्चा में है।
दरअसल जानवरों के हक के लिए लड़ने वाली संस्था 'पेटा' ने सैन फ्रानसिस्को के फेडेरल कोर्ट में एक मुकदमा दायर किया है जिसमें कहा गया है कि वायरल हुई बंदर की सेल्फी का कॉपीराइट इस बंदर के नाम होना चाहिए न कि उस फोटोग्राफर के नाम जिसने कैमरे को ऐसे एंगल पर सेट कर के तस्वीरें ली जिससे बंदर की सेल्फी आ गई।
पेटा ने कोर्ट से सिफारिश की है कि अब यह मसला उनके हाथ में सौंप दिया जाए ताकि वे यह सुनिश्चित कर सकें कि इस तस्वीर से मिलने वाले सारे फायदे बंदर को ही मिलें।
इस बंदर का नाम नरूटो है और यह छ: साल का है। पेटा चाहती है कि कॉपीराइट मिलने से इसके साथ साथ इसके जैसे और बंदरों की मदद की जा पाए।
फोटोग्राफर को लगा झटका
यह तस्वीर 2011 में इंडोनेशिया के द्वीप सुलावैसी में एक ब्रिटिश फोटोग्राफर डेविड स्लेटर ने ली थी। सैन फ्रानसिस्को की प्रकाशन कंपनी ब्लर्ब में उसने अपनी एक किताब छापी थी जिसका नाम था वाइल्डलाइफ पर्सनैलिटीज। इसी किताब में उसने इस बंदर की सेल्फी तस्वीरें भी डाली थीं।
हालांकि तस्वीरें इंटरनेट और दूसरे माध्यमों के जरिए विकीपीडिया के साथ साथ और जगह भी पहुंच ही गई हैं जो यह दर्शाता है कि इन तस्वीरों पर किसी का कॉपीराइट नहीं है, क्योंकि ये किसी आदमी ने नहीं बल्कि बंदर ने ली है।
ऐसे ही कुछ लोंगों पर न्यायिक शिकायत दर्ज करा चुके स्लेटर पेटा के इस मुकदमे से काफी उदास हैं क्योंकि वे खुद को भी जानवरों के हक के लिए लड़ने वाला बताते हैं।
अब यह तो न्यायालय ही तय करेगा कि आखिर इस तस्वीर पर किसा हक है। लेकिन एक बात साफ है कि बंदर की इस सेल्फी ने उसे बहुत चर्चित कर दिया है।