{"_id":"5a2663cf4f1c1baf678bfceb","slug":"a-tree-that-makes-men-impotent","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"ऐसा पेड़ जो पुरुषों को बना देता है नपुंसक, नहीं जानते होंगे ये बात","category":{"title":"Amazing Animals","title_hn":"जीव-जंतु","slug":"amazing-animals"}}
ऐसा पेड़ जो पुरुषों को बना देता है नपुंसक, नहीं जानते होंगे ये बात
amarujala.com, Presented by: राजेश सैनी
Updated Wed, 06 Dec 2017 10:12 AM IST
विज्ञापन
demo
इस पेड़ के बारे में तो आप जरूर जानते होंगे, लेकिन इसके यूज से वाकिफ नहीं होंगे। जी हां.. हम बात कर रहे हैं 'केले के पेड़' की। अभी तक आप इसे केवल एक फलदार वृक्ष के बतौर जानते होंगे लेकिन क्या आपने ये सुना हैं कि पुरुषों के लिए इस पेड़ को सबसे खतरनाक बताया जाता है। चौंकिए मत...
विज्ञापन
Trending Videos
पुरुषों में फर्टिलिटी घटाने के लिए होता है यूज
demo
सोशल मीडिया पर जारी किए गए एक वीडियो में केले के पेड़ से जुड़ी ये अहम जानकारी शेयर की गई है। ज्यादातर लोग इससे अनभिज्ञ रहे होंगे। दरअसल, इस पेड़ की जड़ को पुरुषों में फर्टिलिटी घटाने के लिए यूज किया जाता है। सुनकर ताज्जुब हुआ न... हो भी क्यों नहीं जिस पेड़ के फल का सबसे ज्यादा उर्जा देने वाला माना जाता है। इसमें आयरन, पोटैशियम, फाइबर्स, फॉस्फोरस, कैल्शियम जैसी कई चीजें होती हैं जो पुरुषों की हेल्थ के लिए फायदेमंद हैं। ऐसे में सवाल मन में आएगा ही कि क्या वाकयी इस पेड़ की जड़ कुछ ऐसा कर पाएगी..?
विज्ञापन
विज्ञापन
सदियों से कारगर
demo
लेकिन इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि जिस तरह फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए कुछ चीजें सदियों से कारगर है, उसी तरह इसे कम करने के उपाय भी सदियों से अपनाए जा रहे हैं। खासतौर से पुराने जमाने में ये चीजें वो लोग यूज करते थे, जो यौन गतिविधियों से खुद को दूर रखना चाहते थे। कहा जाता है कि मध्य प्रदेश की बैगा जनजाति के लोग पुरुषों को नपुंसक बनाने के लिए केले की जड़ का जूस पिलाते हैं। यहां पुरुषों के लिए इसे गर्भनिरोधक के तौर पर दिया जाता है।
तेजी से घट रही इस जनजाति की जनसंख्या
demo
आंकड़े बताते हैं कि बीते कुछ सालों से इस जनजाति की जनसंख्या लगातार कम घट रही है। यही कारण है कि 1998 में केंद्र सरकार के निर्देश पर छत्तीसगढ़ की पांच संरक्षित जनजातियों बैगा, अबुझमाड़िया, बिरहोर, पहाड़ी कोरवा और कमार के परिवार नियोजन पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। लेकिन यह प्रतिबंध बेअसर साबित हुआ है। सरकार के ताजातरीन आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में बैगाओं की कुल जनसंख्या 42,838 है। इनकी लगातार घटती जनसंख्या चिंता का विषय बनी है।