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Nitin Gadkari: केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा- हाईवे के निर्माण से बन सकती हैं झीलें, जानें क्या है प्लानिंग
Thu, 08 Sep 2022 03:40 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 08 Sep 2022 03:40 PM IST
सार
केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि उनका मंत्रालय देश के कुछ हिस्सों में पानी की समस्या का समाधान कर सकता है।
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Nitin Gadkari
- फोटो : PTI
विस्तार
केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि उनका मंत्रालय देश के कुछ हिस्सों में पानी की समस्या का समाधान कर सकता है।
बेंगलुरू में भारतमाला सीरीज के तहत मंथन कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, "आप सभी जानते हैं कि केंद्र 'अमृत सरोवर' योजना लेकर आया है। सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय पानी की समस्या को दूर करने में बहुत अच्छा काम कर सकता है।"
24 अप्रैल, 2022 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर 'मिशन अमृत सरोवर' की शुरुआत आजादी का अमृत महोत्सव के उत्सव के रूप में की गई थी, जिसका मकसद भविष्य के लिए पानी का संरक्षण करना था।
ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए मिशन का उद्देश्य देश के हर जिले में 75 जल निकायों का विकास और कायाकल्प करना है।
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बेंगलुरू में भारतमाला सीरीज के तहत मंथन कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, "आप सभी जानते हैं कि केंद्र 'अमृत सरोवर' योजना लेकर आया है। सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय पानी की समस्या को दूर करने में बहुत अच्छा काम कर सकता है।"
24 अप्रैल, 2022 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर 'मिशन अमृत सरोवर' की शुरुआत आजादी का अमृत महोत्सव के उत्सव के रूप में की गई थी, जिसका मकसद भविष्य के लिए पानी का संरक्षण करना था।
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ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए मिशन का उद्देश्य देश के हर जिले में 75 जल निकायों का विकास और कायाकल्प करना है।
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झील
- फोटो : अमर उजाला
केंद्र और राज्यों के मंत्री और अधिकारी दो दिवसीय कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं, जिसका विषय 'आइडिया टू एक्शन-टूवर्ड्स ए स्मार्ट, सस्टेनेबल रोड इन्फ्रा, मोबिलिटी एंड लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम' है।
गडकरी ने कहा कि वह विदर्भ क्षेत्र से आते हैं जहां पिछले कुछ वर्षों में हजारों किसानों ने आत्महत्या की थी। गडकरी ने कहा कि कृषि संकट का एक कारण पानी की कमी है।
मंत्री ने कहा, "कई जगहों पर जल संकट है। पानी की कोई कमी नहीं है, लेकिन जल प्रबंधन (एक मुद्दा है)। हम झीलों के निर्माण के लिए अपने राजमार्गों का इस्तेमाल कर सकते हैं।"
उन्होंने कहा कि राजमार्गों के निर्माण के लिए मिट्टी की जरूरत होती है, जिसे इस तरह से हासिल किया जा सकता है कि नए जल निकाय बन सकें।
गडकरी ने कहा कि वह विदर्भ क्षेत्र से आते हैं जहां पिछले कुछ वर्षों में हजारों किसानों ने आत्महत्या की थी। गडकरी ने कहा कि कृषि संकट का एक कारण पानी की कमी है।
मंत्री ने कहा, "कई जगहों पर जल संकट है। पानी की कोई कमी नहीं है, लेकिन जल प्रबंधन (एक मुद्दा है)। हम झीलों के निर्माण के लिए अपने राजमार्गों का इस्तेमाल कर सकते हैं।"
उन्होंने कहा कि राजमार्गों के निर्माण के लिए मिट्टी की जरूरत होती है, जिसे इस तरह से हासिल किया जा सकता है कि नए जल निकाय बन सकें।
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tube well
- फोटो : amar ujala
गडकरी ने कहा कि इससे न सिर्फ सड़क निर्माण की जरूरत पूरी होगी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में नई झीलें भी उपलब्ध होंगी, जिससे आखिरकार भूजल स्तर में बढ़ोतरी होगी।
उन्होंने एक उदाहरण का हवाला दिया जहां भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा निष्पादित एक परियोजना के कारण एक विश्वविद्यालय को 36 झीलें और आसपास के गांवों में 22 कुएं मिले।
गडकरी ने कहा कि इस तरह के अभिनव उपायों से परियोजना लागत कम होगी और कई अन्य लोगों को मदद मिलेगी।
उन्होंने केंद्र और राज्यों के मंत्रियों और अधिकारियों से परियोजना लागत को कम करने पर काम करने की अपील की।
उन्होंने एक उदाहरण का हवाला दिया जहां भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा निष्पादित एक परियोजना के कारण एक विश्वविद्यालय को 36 झीलें और आसपास के गांवों में 22 कुएं मिले।
गडकरी ने कहा कि इस तरह के अभिनव उपायों से परियोजना लागत कम होगी और कई अन्य लोगों को मदद मिलेगी।
उन्होंने केंद्र और राज्यों के मंत्रियों और अधिकारियों से परियोजना लागत को कम करने पर काम करने की अपील की।