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Surat-Chennai Expressway: छह राज्यों से होकर गुजरेगा सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे, सफर का समय हो जाएगा आधा!
Fri, 17 May 2024 01:50 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 17 May 2024 01:50 PM IST
सार
क्या आप जानते हैं कि देश का दूसरा सबसे लंबा एक्सप्रेसवे कौन सा बनने जा रहा है और यह किन शहरों को जोड़ेगा?
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National Highways (For Representation Only)
- फोटो : X@nitin_gadkari
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विस्तार
देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे दिल्ली और मुंबई शहरों को जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है। जो पहले से ही आंशिक रूप से बन चुका है और इस्तेमाल किया जा सकता है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लगभग 1350 किलोमीटर की दूरी तय करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश का दूसरा सबसे लंबा एक्सप्रेसवे कौन सा बनने जा रहा है और यह किन शहरों को जोड़ेगा?
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सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे देश का दूसरा सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बनने के लिए तैयार है, जो 1271 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी घाटों के जरिए चेन्नई को सूरत से जोड़ने वाला है। नए एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य के अगले दो वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा निर्मित इस एक्सप्रेसवे की गति सीमा 120 किमी प्रति घंटा होने वाली है। एक्सप्रेसवे के निर्माण की अनुमानित लागत लगभग 50,000 करोड़ रुपये है। इस समय, एक्सप्रेसवे का निर्माण 4 लेन के साथ किया जा रहा है। जिसे भविष्य में 6 लेन या 8 लेन वाले एक्सप्रेसवे में बदला जा सकता है।
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चेन्नई और सूरत शहर के बीच बनने वाले एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद यात्रा की दूरी 1600 किलोमीटर से घटकर 1270 किलोमीटर हो जाएगी। इस समय, इतनी दूरी तय करने में लगभग 35 घंटे लगते हैं। जिसे घटाकर सिर्फ 18 घंटे करने का लक्ष्य है, जो कि वर्तमान में लगने वाले समय का लगभग आधा है। यह राष्ट्रीय महत्व का एक्सप्रेसवे देश के 6 राज्यों से गुजरेगा जिनमें गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु शामिल हैं। यह तिरुपति, कडपा, कुर्नूल, कलबुर्गी, सोलापुर, अहमदनगर और नासिक सहित कुछ महत्वपूर्ण शहरों को भी जोड़ेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्तूबर 2021 में भारतमाला परियोजना के तहत चेन्नई-सूरत एक्सप्रेसवे परियोजना का उद्घाटन किया। एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य दिसंबर 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है। इस भव्य परियोजना के पूरा होने के बाद, यह सड़क देश के दक्षिणी भाग को सीधे पश्चिमी भाग से जोड़ने के लिए तैयार है।
आगामी कॉरिडोर से कनेक्ट हो रहे राज्यों में व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जो निश्चित रूप से उस जगह के औद्योगिक विकास को बढ़ाएगा। सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में पर्यटन को विकसित करने में भी मदद करेगा।