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Expressway: नोएडा-ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे पर हटी रफ्तार की पाबंदी, गति सीमा फिर हुई 100 Kmph
Mon, 19 Feb 2024 03:53 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 19 Feb 2024 03:53 PM IST
सार
यमुना एक्सप्रेसवे और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर 16 फरवरी से हल्के वाहनों के लिए गति सीमा बढ़ाकर 100 किमी प्रति घंटा कर दी गई है। कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं के बाद पिछले साल 15 दिसंबर से वाहनों की गति सीमा घटाकर 75 किमी प्रति घंटा कर दी गई थी।
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यमुना एक्सप्रेसवे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
यमुना एक्सप्रेसवे और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर 16 फरवरी से हल्के वाहनों के लिए गति सीमा बढ़ाकर 100 किमी प्रति घंटा कर दी गई है। कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं के बाद पिछले साल 15 दिसंबर से वाहनों की गति सीमा घटाकर 75 किमी प्रति घंटा कर दी गई थी।
इन दोनों एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहनों के लिए गति सीमा साल भर 100 किमी प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 80 किमी प्रति घंटा रहती है। लेकिन सर्दियों के दो महीनों के दौरान हर साल एहतियात के तौर पर सीमा घटाकर हल्के वाहनों के लिए 75 किमी प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 60 किमी प्रति घंटा कर दी जाती है।
पुलिस उपायुक्त (यातायात) अनिल यादव ने कहा, "सीमा बढ़ा दी गई है, लेकिन लोगों को गाड़ी चलाते समय अपना दिमाग लगाने की जरूरत है। मानदंडों के बावजूद, यमुना एक्सप्रेसवे पर सबसे ज्यादा तेज रफ्तार के चालान हैं, तब भी जब सीमा 100 किमी प्रति घंटा है। यह सिर्फ नियम का उल्लंघन ही नहीं बल्कि वाहन में सवार लोगों और अन्य लोगों के लिए सुरक्षा संबंधी चिंता भी है।"
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पिछली सर्दियों में, दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पहली बार घना कोहरा 2 दिसंबर को दर्ज किया गया था। जब कई इलाकों में विजिबिलिटी 50 मीटर या उससे कम हो गई थी। गति सीमा कम होने के बावजूद, पिछले दो महीनों में यमुना एक्सप्रेसवे पर कम से कम पांच दुर्घटनाओं और टक्कर की घटनाओं की सूचना मिली है।
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इन दोनों एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहनों के लिए गति सीमा साल भर 100 किमी प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 80 किमी प्रति घंटा रहती है। लेकिन सर्दियों के दो महीनों के दौरान हर साल एहतियात के तौर पर सीमा घटाकर हल्के वाहनों के लिए 75 किमी प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 60 किमी प्रति घंटा कर दी जाती है।
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पुलिस उपायुक्त (यातायात) अनिल यादव ने कहा, "सीमा बढ़ा दी गई है, लेकिन लोगों को गाड़ी चलाते समय अपना दिमाग लगाने की जरूरत है। मानदंडों के बावजूद, यमुना एक्सप्रेसवे पर सबसे ज्यादा तेज रफ्तार के चालान हैं, तब भी जब सीमा 100 किमी प्रति घंटा है। यह सिर्फ नियम का उल्लंघन ही नहीं बल्कि वाहन में सवार लोगों और अन्य लोगों के लिए सुरक्षा संबंधी चिंता भी है।"
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पिछली सर्दियों में, दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पहली बार घना कोहरा 2 दिसंबर को दर्ज किया गया था। जब कई इलाकों में विजिबिलिटी 50 मीटर या उससे कम हो गई थी। गति सीमा कम होने के बावजूद, पिछले दो महीनों में यमुना एक्सप्रेसवे पर कम से कम पांच दुर्घटनाओं और टक्कर की घटनाओं की सूचना मिली है।
greater noida expressway
- फोटो : For Reference Only
यातायात पुलिस ने 15 दिसंबर से 15 फरवरी के बीच तेज रफ्तार का उल्लंघन करने वाले 2,671 लोगों का चालान काटा। अधिकारियों द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार के मामले अपेक्षाकृत कम थे, क्योंकि मार्ग पर ट्रैफिक की मात्रा ज्यादा थी।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि तेज रफ्तार के उल्लंघन करने वालों पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। और जिनके तीन से ज्यादा चालान थे, उनका ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था।
गौतमबुद्ध नगर में तेज रफ्तार टॉप पांच यातायात अपराधों में से एक है। पूरे जिले में 2022 में तेज रफ्तार के लिए 37,000 से ज्यादा ट्रैफिक चालान जारी किए गए, जो 2023 में लगभग दोगुना हो गया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि तेज रफ्तार के उल्लंघन करने वालों पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। और जिनके तीन से ज्यादा चालान थे, उनका ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था।
गौतमबुद्ध नगर में तेज रफ्तार टॉप पांच यातायात अपराधों में से एक है। पूरे जिले में 2022 में तेज रफ्तार के लिए 37,000 से ज्यादा ट्रैफिक चालान जारी किए गए, जो 2023 में लगभग दोगुना हो गया।