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Highway: NHAI-ISRO के सहयोग से विकसित होगा 'ग्रीन कवर इंडेक्स', जानें इससे हाईवे में होगा क्या बदलाव
Fri, 05 Jan 2024 04:34 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 05 Jan 2024 04:34 PM IST
सार
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इसरो के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। जिसके तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्गों के व्यापक नेटवर्क के लिए 'ग्रीन कवर इंडेक्स' विकसित और रिपोर्ट किया जाएगा।
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NHAI signs MoU with NRSC for Development and Reporting of “Green Cover Index” for National Highways
- फोटो : PIB
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विस्तार
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) (NHAI) ने इसरो के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (एनआरएससी) (NRSC) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। जिसके तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्गों के व्यापक नेटवर्क के लिए 'ग्रीन कवर इंडेक्स' विकसित और रिपोर्ट किया जाएगा।
एनएचएआई और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) (ISRO) के उपग्रह केंद्र के डेटा के सहयोग से पूरे राजमार्ग नेटवर्क का नक्शा बनाने में तीन साल लगेंगे, जिससे पर्यावरण जागरूकता और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया X पर लिखा, "शुरुआती मूल्यांकन में, यह प्रयास क्षेत्रीय स्तर पर ग्रीन कवर इंडेक्स की मात्रा निर्धारित करना चाहता है। बाद के चरणों में ग्रीन कवर ग्रोथ पैटर्न का सालाना आकलन करने के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों का इस्तेमाल किया जाएगा।"
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गडकरी ने कहा, इस सटीक 1 किलोमीटर ग्रैन्युलारिटी के साथ, यह पहल राष्ट्रीय राजमार्गों के इकोलॉजिकल बदलाव में एनएचएआई की महत्वपूर्ण भूमिका के मूल्यांकन के प्रति समर्पित प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिससे राष्ट्रीय पर्यावरणीय समृद्धि को बढ़ावा मिलता है।
2015 में ग्रीन हाईवे पॉलिसी (हरित राजमार्ग नीति) के लागू होने के बाद से, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) (MoRTH) और एनएचएआई के लिए राजमार्ग गलियारों को हरा-भरा करने को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है। इस समय, वृक्षारोपण की निगरानी क्षेत्रीय कर्मियों द्वारा साइट विजिट पर निर्भर करती है।
तकनीक-सक्षम ग्रीन कवर इंडेक्स
एनआरएससी हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट इमेजरी का इस्तेमाल करके राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए 'ग्रीन कवर इंडेक्स' नाम का एक व्यापक पैन-इंडिया ग्रीन कवर अनुमान लगाने का काम करेगा।
यह सूचकांक मौजूदा डेटा संग्रह को बढ़ाने, वृक्षारोपण प्रबंधन और निगरानी में मदद करने के लिए उभरती टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगा। जिसमें एनएचएआई द्वारा किए गए परफॉर्मेंस ऑडिट भी शामिल हैं।
इसके अलावा, यह अभिनव दृष्टिकोण एक मजबूत और विश्वसनीय तंत्र होने का वादा करता है, जो राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ समग्र स्तर का अनुमान लगाने के लिए समय और लागत प्रभावी समाधान प्रदान करता है।
इस इंडेक्स के निष्कर्ष विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों की तुलना और रैंकिंग में मदद करेंगे, जिससे समय पर और पीरियॉडिक (आवधिक) हस्तक्षेप किया जा सके। चूंकि हर 1 किलोमीटर की लंबाई के लिए ग्रीन कवर का अनुमान लगाया जाएगा, इसलिए व्यक्तिगत परियोजनाओं/पैकेजों के लिए भी विस्तृत मापदंड तैयार करना संभव होगा।
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एनएचएआई और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) (ISRO) के उपग्रह केंद्र के डेटा के सहयोग से पूरे राजमार्ग नेटवर्क का नक्शा बनाने में तीन साल लगेंगे, जिससे पर्यावरण जागरूकता और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा।
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केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया X पर लिखा, "शुरुआती मूल्यांकन में, यह प्रयास क्षेत्रीय स्तर पर ग्रीन कवर इंडेक्स की मात्रा निर्धारित करना चाहता है। बाद के चरणों में ग्रीन कवर ग्रोथ पैटर्न का सालाना आकलन करने के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों का इस्तेमाल किया जाएगा।"
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गडकरी ने कहा, इस सटीक 1 किलोमीटर ग्रैन्युलारिटी के साथ, यह पहल राष्ट्रीय राजमार्गों के इकोलॉजिकल बदलाव में एनएचएआई की महत्वपूर्ण भूमिका के मूल्यांकन के प्रति समर्पित प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिससे राष्ट्रीय पर्यावरणीय समृद्धि को बढ़ावा मिलता है।
2015 में ग्रीन हाईवे पॉलिसी (हरित राजमार्ग नीति) के लागू होने के बाद से, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) (MoRTH) और एनएचएआई के लिए राजमार्ग गलियारों को हरा-भरा करने को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है। इस समय, वृक्षारोपण की निगरानी क्षेत्रीय कर्मियों द्वारा साइट विजिट पर निर्भर करती है।
तकनीक-सक्षम ग्रीन कवर इंडेक्स
एनआरएससी हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट इमेजरी का इस्तेमाल करके राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए 'ग्रीन कवर इंडेक्स' नाम का एक व्यापक पैन-इंडिया ग्रीन कवर अनुमान लगाने का काम करेगा।
यह सूचकांक मौजूदा डेटा संग्रह को बढ़ाने, वृक्षारोपण प्रबंधन और निगरानी में मदद करने के लिए उभरती टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगा। जिसमें एनएचएआई द्वारा किए गए परफॉर्मेंस ऑडिट भी शामिल हैं।
इसके अलावा, यह अभिनव दृष्टिकोण एक मजबूत और विश्वसनीय तंत्र होने का वादा करता है, जो राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ समग्र स्तर का अनुमान लगाने के लिए समय और लागत प्रभावी समाधान प्रदान करता है।
इस इंडेक्स के निष्कर्ष विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों की तुलना और रैंकिंग में मदद करेंगे, जिससे समय पर और पीरियॉडिक (आवधिक) हस्तक्षेप किया जा सके। चूंकि हर 1 किलोमीटर की लंबाई के लिए ग्रीन कवर का अनुमान लगाया जाएगा, इसलिए व्यक्तिगत परियोजनाओं/पैकेजों के लिए भी विस्तृत मापदंड तैयार करना संभव होगा।