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Hindi News ›   Automobiles News ›   Navi Mumbai Traffic Police Crackdown: 450 Modified Silencers Seized, 93 Crushed Under Road Roller

450 साइलेंसर जब्त, रोड रोलर से कुचले 90: नवी मुंबई पुलिस ने मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ क्यों चलाया खास अभियान?

Thu, 15 Oct 2026 10:08 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Thu, 15 Oct 2026 10:08 PM IST
सार

नवी मुंबई में ध्वनि प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने मॉडिफाइड मोटरसाइकिल साइलेंसर के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। पुलिस ने शहरभर में करीब 450 मॉडिफाइड साइलेंसर जब्त किए।

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Navi Mumbai Traffic Police Crackdown: 450 Modified Silencers Seized, 93 Crushed Under Road Roller
Crackdown on Silencers - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

नवी मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए शहर भर से करीब 450 मॉडिफाइड मोटरसाइकिल साइलेंसर जब्त किए हैं। जिनमें से 93 साइलेंसरों को रोड रोलर के नीचे कुचलकर नष्ट कर दिया गया है। बाकी बचे जब्त साइलेंसरों को आगामी 20 अक्तूबर को कलंबोली और पनवेल में नष्ट किया जाएगा।
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  • रहवासियों की शिकायतें: यह कार्रवाई पाम बीच रोड - विशेषकर एनआरआई जंक्शन और बालशेत चौक के बीच के हिस्से- और सेक्टर 42, 46 और 50 के स्थानीय निवासियों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद शुरू की गई है।
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  • परेशानी: लोगों का कहना था कि खासकर सुबह तड़के और देर रात के वक्त बाइकों से निकलने वाली तेज और कर्कश आवाज नींद में खलल डालती है। जिससे रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। 
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पुलिस की इस कार्रवाई और जब्ती के बारे में अधिकारियों का क्या कहना है?

ट्रैफिक पुलिस विभाग ने इस अभियान के पहले चरण को वाशी और सीवुड्स ट्रैफिक पुलिस यूनिट्स के साथ मिलकर पाम बीच रोड पर टीएस चाणक्य सिग्नल के पास अंजाम दिया।
  • रोड रोलर के नीचे बर्बादी: जब्त किए गए इन साइलेंसरों को वरिष्ठ ट्रैफिक अधिकारियों और वाशी आरटीओ के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में रोड रोलर के नीचे चलाकर नष्ट किया गया।
  • अधिकारियों के बयान: ट्रैफिक विभाग के पुलिस उपायुक्त राहुल खाडे ने बताया कि इनमें से प्रत्येक मॉडिफाइड साइलेंसर की कीमत 1 लाख रुपये से 3 लाख रुपये के बीच है। उन्होंने कहा, "लोग तेज और कर्कश आवाज निकालने के लिए इन मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल करते हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी होती है। ट्रैफिक विभाग लगातार इनके खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।" उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इस तरह का शोर स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।

 

नागरिक संगठनों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की इस पर क्या चिंताएं हैं?

सजग नागरिक मंच नामक नागरिक समूह ने हाल ही में ट्रैफिक पुलिस को ज्ञापन सौंपकर विशेष रूप से देर रात के समय अत्यधिक शोर मचाने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
  • स्वास्थ्य पर असर: सजग नागरिक मंच के अध्यक्ष सुधीर दानी ने बताया कि बार-बार होने वाली ऐसी आवाजें नींद की कमी, तनाव और चिंता का कारण बनती हैं। लंबे समय तक तेज शोर के संपर्क में रहने से ब्लड प्रेशर बढ़ने और दिल से जुड़ी बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
  • वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों पर प्रभाव: नवजात शिशुओं, मरीजों और बुजुर्गों के लिए इस तरह की आवाजें रिकवरी में बाधा बनती हैं। अस्पतालों के आसपास का यह अत्यधिक शोर मरीजों की बेचैनी को और बढ़ा देता है।

 

क्या पुलिस सिर्फ वाहन चालकों पर ही कार्रवाई कर रही है या गैराज पर भी नजर है?

इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने केवल सड़कों पर चलने वाले चालकों तक ही खुद को सीमित नहीं रखा है:
  • गैरेजों और वर्कशॉप्स पर शिकंजा: पुलिस उन गैराज और वर्कशॉप्स को भी निशाना बना रही है जो अवैध रूप से ऐसे आफ्टरमार्केट एग्जॉस्ट सिस्टम बेचते या बाइक में लगाते हैं। पुलिस का मानना है कि जब तक बाजार में ऐसे उपकरण आसानी से मिलते रहेंगे, तब तक केवल चालकों पर कार्रवाई से इस समस्या पर पूरी तरह लगाम नहीं लगाई जा सकती।
  • कानूनी और उच्चस्तरीय दिशा-निर्देश: डीसीपी राहुल खाडे ने बताया कि ट्रैफिक विभाग बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद गठित एक सरकारी हाई-पावर कमेटी के दिशा-निर्देशों के तहत यह कार्रवाई कर रहा है। आने वाले दिनों में यह अभियान और सख्त किया जाएगा ताकि नियमों का उल्लंघन करने वाले दोबारा ऐसी हरकत न कर सकें। 
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