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Tax: अब लग्जरी कार पर देना होगा 20 लाख रुपये से ज्यादा का टैक्स, इस राज्य ने की वन-टाइम टैक्स में बढ़ोतरी
Tue, 01 Jul 2025 11:55 AM IST
नीतीश कुमार
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Tue, 01 Jul 2025 11:55 AM IST
सार
Maharashtra On-Time Tax On Vehicles Revised: महाराष्ट्र में लग्जरी कारों, CNG/LNG वाहनों और गुड्स कैरियर्स की कीमतें अब और बढ़ेंगी। राज्य सरकार ने वन-टाइम टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव किया है, जिससे 20 लाख रुपये से महंगी गाड़ियों पर अब ज्यादा टैक्स लगेगा।
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कार शोरूम
- फोटो : AI
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विस्तार
महाराष्ट्र में लग्जरी कार खरीदने वालों को अब ज्यादा जेब ढीली करनी होगी। राज्य सरकार ने मंगलवार से नया वन-टाइम टैक्स स्ट्रक्चर लागू कर दिया है, जिससे 20 लाख रुपये से ऊपर की कारों पर टैक्स का बोझ और बढ़ गया है। इसके अलावा CNG और LNG वाहनों के साथ ही कमर्शियल गुड्स कैरियर्स की कीमतें भी अब पहले से ज्यादा होंगी।
लग्जरी गाड़ियों पर 20 लाख से ज्यादा का टैक्स
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, अब वन-टाइम टैक्स की सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दी गई है। इसका मतलब है कि 20 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली गाड़ियों पर टैक्स कम से कम 10 लाख रुपये तक बढ़ जाएगा। उदाहरण के लिए, 1.33 करोड़ रुपये कीमत वाली पेट्रोल कार और 1.54 करोड़ रुपये कीमत वाली डीजल कार पर अब 20 लाख रुपये से ज्यादा का वन-टाइम टैक्स देना होगा।
राज्य में व्यक्तिगत नाम पर रजिस्टर्ड पेट्रोल कारों पर टैक्स स्लैब की बात करें तो, 10 लाख से कम कीमत पर 11%, 10 से 20 लाख के बीच 12% और 20 लाख से अधिक कीमत पर 13% टैक्स लगाया जाता है। डीजल गाड़ियों के लिए यह टैक्स क्रमश: 13%, 14% और 15% है।
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अब देना होगा इतना टैक्स
अगर गाड़ी किसी कंपनी के नाम पर रजिस्टर्ड होती है या इम्पोर्ट की गई है, तो कीमत चाहे जो भी हो, पेट्रोल और डीजल दोनों पर 20% फ्लैट वन-टाइम टैक्स लागू होगा। RTO अधिकारियों ने बताया कि CNG और LNG से चलने वाली गाड़ियों पर भी सभी टैक्स ब्रैकेट में 1% की बढ़ोतरी की गई है। इससे ये वाहन भी थोड़ा महंगे हो जाएंगे।
वहीं, गुड्स कैरियर्स जैसे पिकअप ट्रक, टेम्पो (7,500 किलोग्राम तक के) और कंस्ट्रक्शन वाहन (क्रेन, कंप्रेसर, प्रोजेक्टर आदि) अब उनके वजन के बजाय कीमत के आधार पर टैक्सेबल होंगे। इन पर अब 7% का टैक्स लगाया जाएगा।
कमर्शियल वाहनों पर भी बढ़ेगा बोझ
RTO के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उदाहरण देते हुए बताया कि पहले 10 लाख रुपये की पिकअप गाड़ी पर लगभग 20,000 रुपये टैक्स लगता था, लेकिन अब उसी पर करीब 70,000 रुपये टैक्स देना होगा। पहले यह टैक्स 750 किलो से 7,500 किलो वजन वाले वाहनों पर 8,400 से 37,800 रुपये तक था।
हालांकि इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को टैक्स छूट मिलती रहेगी। राज्य सरकार ने पहले 30 लाख से अधिक कीमत वाले EVs पर 6% टैक्स लगाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया गया।
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लग्जरी गाड़ियों पर 20 लाख से ज्यादा का टैक्स
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, अब वन-टाइम टैक्स की सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दी गई है। इसका मतलब है कि 20 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली गाड़ियों पर टैक्स कम से कम 10 लाख रुपये तक बढ़ जाएगा। उदाहरण के लिए, 1.33 करोड़ रुपये कीमत वाली पेट्रोल कार और 1.54 करोड़ रुपये कीमत वाली डीजल कार पर अब 20 लाख रुपये से ज्यादा का वन-टाइम टैक्स देना होगा।
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राज्य में व्यक्तिगत नाम पर रजिस्टर्ड पेट्रोल कारों पर टैक्स स्लैब की बात करें तो, 10 लाख से कम कीमत पर 11%, 10 से 20 लाख के बीच 12% और 20 लाख से अधिक कीमत पर 13% टैक्स लगाया जाता है। डीजल गाड़ियों के लिए यह टैक्स क्रमश: 13%, 14% और 15% है।
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अब देना होगा इतना टैक्स
अगर गाड़ी किसी कंपनी के नाम पर रजिस्टर्ड होती है या इम्पोर्ट की गई है, तो कीमत चाहे जो भी हो, पेट्रोल और डीजल दोनों पर 20% फ्लैट वन-टाइम टैक्स लागू होगा। RTO अधिकारियों ने बताया कि CNG और LNG से चलने वाली गाड़ियों पर भी सभी टैक्स ब्रैकेट में 1% की बढ़ोतरी की गई है। इससे ये वाहन भी थोड़ा महंगे हो जाएंगे।
वहीं, गुड्स कैरियर्स जैसे पिकअप ट्रक, टेम्पो (7,500 किलोग्राम तक के) और कंस्ट्रक्शन वाहन (क्रेन, कंप्रेसर, प्रोजेक्टर आदि) अब उनके वजन के बजाय कीमत के आधार पर टैक्सेबल होंगे। इन पर अब 7% का टैक्स लगाया जाएगा।
कमर्शियल वाहनों पर भी बढ़ेगा बोझ
RTO के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उदाहरण देते हुए बताया कि पहले 10 लाख रुपये की पिकअप गाड़ी पर लगभग 20,000 रुपये टैक्स लगता था, लेकिन अब उसी पर करीब 70,000 रुपये टैक्स देना होगा। पहले यह टैक्स 750 किलो से 7,500 किलो वजन वाले वाहनों पर 8,400 से 37,800 रुपये तक था।
हालांकि इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को टैक्स छूट मिलती रहेगी। राज्य सरकार ने पहले 30 लाख से अधिक कीमत वाले EVs पर 6% टैक्स लगाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया गया।