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फ्लाइंग कार का 70 साल पुराना ख्वाब: मस्क से पहले किन दिग्गजों ने बनाई थी उड़ने वाली गाड़ी, क्यों रहे असफल?

Sat, 17 Oct 2026 01:26 PM IST
जागृति शुक्ला ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति शुक्ला Updated Sat, 17 Oct 2026 01:26 PM IST
सार

Tesla Roadster के रॉकेट कार की हवा में कलाबाजी दिखाने के दावों ने एक बार फिर उड़ने वाली कारों को लेकर चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, यह सपना नया नहीं है। टेस्ला से पहले भी कई कंपनियां आसमान में उड़ने वाली कार बनाने की कोशिश कर चुकी हैं। कुछ ने तकनीकी कामयाबी के साथ प्रमाणन हासिल किया, तो कुछ अब भी परीक्षण और मंजूरी के दौर से गुजर रही हैं। आखिर किन कंपनियों ने उड़ने वाली कार बनाने का सपना देखा और तमाम कोशिशों के बावजूद ये गाड़ियां आम बाजार तक क्यों नहीं पहुंच पाईं? आइए, जानते हैं पूरी कहानी...
 

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Flying Cars: From Molt Taylor’s Aerocar Tesla Roadster, Why Mass Production So Hard?
रोडस्टर से पहले बनी ये उड़ने वाली कारें - फोटो : amarujala.com

विस्तार

सड़क पर ट्रैफिक में फंसने के बजाय सीधे आसमान में उड़कर मंजिल तक पहुंचना किसी फिल्म जैसा लगता है, लेकिन ऑटो और एविएशन कंपनियां दशकों से इस सपने को हकीकत बनाने की कोशिश कर रही हैं। अब टेस्ला रोडस्टर के रॉकेट-जैसे थ्रस्टर और हवा में कलाबाजी के दावों ने एक बार फिर उड़ने वाली कारों की चर्चा बढ़ा दी है।
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हालांकि, यह सफर टेस्ला से ही शुरू नहीं हुआ है। करीब 70 साल पहले मोल्ट टेलर की Aerocar को सड़क और हवा, दोनों में इस्तेमाल के लिए सर्टिफिकेशन मिल चुका था। आज चीन, अमेरिका और यूरोप की कंपनियां अलग-अलग तरह की उड़ने वाली कारों और इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी पर काम कर रही हैं। कुछ ने सर्टिफिकेशन और सीमित परिचालन तक प्रगति की है, लेकिन आम लोगों के लिए बड़े पैमाने पर उपलब्ध कार का सपना अब भी अधूरा है।
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उड़ने वाली कार कितने तरह की होती है?

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि फ्लाइंग कार कितने तरह की हो सकती हैं, तो इन्हें मोटे तौर पर दो श्रेणियों में समझा जा सकता है।

1. रोडेबल एयरक्राफ्ट: ये ऐसे वाहन होते हैं जिन्हें सड़क पर कार की तरह चलाया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर विमान की तरह उड़ाया भी जा सकता है। इनमें सड़क और उड़ान, दोनों के लिए जरूरी डिजाइन और सुरक्षा इंतजाम करने पड़ते हैं।
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2. eVTOL एयर टैक्सी: दूसरा है, eVTOL, इसका पूरा नाम इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग है। ये इलेक्ट्रिक विमान होते हैं, जो हेलिकॉप्टर की तरह सीधे ऊपर उड़ान भर सकते हैं और नीचे उतर सकते हैं। ये सामान्य सड़क पर चलने वाली कार नहीं होते। कई कंपनियां इन्हें यात्रियों या सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए विकसित कर रही हैं।
यहां यही अंतर समझना जरूरी है। हर eVTOL को उड़ने वाली कार कहना सही नहीं होगा, क्योंकि इनमें से ज्यादातर वाहन सड़क पर नहीं चल सकते।
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Flying Cars: From Molt Taylor’s Aerocar Tesla Roadster, Why Mass Production So Hard?
एरोकार - फोटो : museumofflight
Molt Taylor Aerocar: 1956 में ही मिल गया था सर्टिफिकेशन
  • कार उड़ाने का सपना सबसे पहले मोल्ट टेलर ने देखा था। उड़ने वाली कारों के इतिहास में मोल्ट टेलर की एरोकार का खास स्थान है। अमेरिकी इंजीनियर मोल्टन मोल्ट टेलर ने 1946 में इस तरह के वाहन की डिजाइन पर काम शुरू किया था। इसका प्रोटोटाइप 1949 में तैयार हुआ और दिसंबर 1949 में वॉशिंगटन के लॉन्गव्यू में इसने पहली सफल उड़ान भरी।
  • एरोकार की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि इसे सड़क पर चलाने और हवा में उड़ाने, दोनों के लिए बनाया गया था। इसके पंख और पिछले हिस्से को अलग करके वाहन को कार की तरह चलाया जा सकता था। जरूरत पड़ने पर इन हिस्सों को फिर जोड़ा जा सकता था। इस बदलाव में करीब पांच से 15 मिनट लगने का दावा किया गया था।
  • दिसंबर 1956 में अमेरिका की सिविल एरोनॉटिक्स एडमिनिस्ट्रेशन (CAA) ने एरोकार को विमान के रूप में प्रमाणित किया। यह उस समय की बड़ी तकनीकी उपलब्धि मानी जा रही थी।

फिर एरोकार की बिक्री बड़े पैमाने पर क्यों नहीं हुई?
  • यहां पर एक पेंच भी है कि सर्टिफिकेशन मिलने के बावजूद एरोकार सफल नहीं हो पाई। टेलर ने लिंग-टेम्को-वॉट  के साथ बड़े पैमाने पर उत्पादन की योजना बनाई थी। इसके लिए 500 ऑर्डर हासिल करने की शर्त रखी गई थी, लेकिन पर्याप्त ऑर्डर नहीं मिल सके और योजना आगे नहीं बढ़ी।
  • बाद में फोर्ड ने भी इस विचार में दिलचस्पी दिखाई, लेकिन उत्पादन शुरू नहीं हो सका। आखिरकार एरोकार की सिर्फ छह गाड़ियां बनीं। यानी यह तकनीकी रूप से सफल उदाहरण था, लेकिन आम बाजार तक नहीं पहुंच पाया।
  • एरोकार की कहानी आज भी एक बड़ी चुनौती दिखाती है कि किसी वाहन का उड़ पाना ही काफी नहीं है। उसे बनाना, प्रमाणित करना, ग्राहकों तक पहुंचाना और लाभ के साथ बेचना भी जरूरी है।

Flying Cars: From Molt Taylor’s Aerocar Tesla Roadster, Why Mass Production So Hard?
EHang की eVTOL - फोटो : ehang
EHang: चीन में बिना पायलट वाली एयर टैक्सी की दिशा में प्रगति
  • इसके बाद चीन की ईहैंग ने भी कोशिश की। ईहैंग उन कंपनियों में शामिल है, जिसने यात्री ले जाने वाले ऑटोनॉमस eVTOL के सर्टिफिकेशन में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इसका EH216-S बिना पायलट वाला इलेक्ट्रिक विमान है, जिसे यात्रियों को ले जाने के लिए विकसित किया गया है।
  • चीन के सिविल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ चाइना (CAAC) ने अक्तूबर 2023 में EH216-S को टाइप सर्टिफिकेट दिया। दिसंबर 2023 में इसे स्टैंडर्ड एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट भी मिला। इसके बाद मार्च 2024 में कंपनी को उत्पादन प्रमाणपत्र मिला। 2025 में इसके ऑपरेटरों को चीन में बिना पायलट वाले यात्री विमान के परिचालन के लिए शुरुआती एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट्स भी मिले। 
  • ईहैंग की प्रगति इसलिए खास मानी जा रही है, क्योंकि यह सिर्फ प्रोटोटाइप दिखाने तक सीमित नहीं है। इसके विमान ने चीन में नियामकीय मंजूरियों के कई चरण पूरे किए हैं। हालांकि, इसे सड़क पर चलने वाली कार नहीं कहा जा सकता। यह eVTOL एयरक्राफ्ट है और इसका इस्तेमाल संबंधित परिचालन मंजूरियों और तय परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

ऑटो फ्लाइट: उड़ने वाली कार नहीं, लेकिन इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी और कार्गो विमान
  • चीन की ऑटो फ्लाइट भी eVTOL क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। कंपनी का V2000CG CarryAll खासकर सामान ढोने के लिए बनाया गया इलेक्ट्रिक विमान है।
  • कंपनी के मुताबिक, कैरीऑल को 2024 में चीन से टाइप सर्टिफिकेट और 2025 में उत्पादन व एयरवर्थीनेस से जुड़े प्रमाणपत्र मिले। जून 2026 में इंडोनेशिया ने भी इसके प्रमाणन को मान्यता दी, जिससे वहां व्यावसायिक कार्गो परिचालन का रास्ता खुला। 
  • यहां एक बात साफ करना जरूरी है कि ऑटो फ्लाइट की यह उपलब्धि कार जैसी सड़क पर चलने वाली उड़ने वाली गाड़ी की सफलता नहीं है। यह इस बात का उदाहरण है कि eVTOL तकनीक को पहले कार्गो, लॉजिस्टिक्स और अन्य सीमित उपयोगों में व्यावसायिक रूप दिया जा सकता है।

Flying Cars: From Molt Taylor’s Aerocar Tesla Roadster, Why Mass Production So Hard?
एक्सपेंग एरिज - फोटो : aridge
XPeng Aridge: सड़क पर कार, साथ में अलग उड़ने वाला मॉड्यूल
  • चीन की इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी XPeng की इकाई एरिज ने एक अलग रास्ता चुना है। इसका लैंड एयरक्राफ्ट कैरियर एक सड़क पर चलने वाले वाहन और अलग दो-सीटर विमान का संयोजन है। यानी इसे एक ही वाहन में सड़क और उड़ान की सुविधा देने के बजाय दो हिस्सों में तैयार किया गया है।
  • अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी को इस उत्पाद के सात हजार से ज्यादा प्री-ऑर्डर मिले थे। उस समय एक्सपेंज ने 2026 में शुरुआती डिलीवरी और 2027 में बड़े पैमाने पर उत्पादन की उम्मीद जताई थी, जो नियामकीय मंजूरियों पर निर्भर था। 
  • यह पारंपरिक उड़ने वाली कार से अलग डिजाइन है। सड़क वाला हिस्सा यात्रियों और विमान को ले जा सकता है, जबकि उड़ान के लिए अलग मॉड्यूल इस्तेमाल होता है। लेकिन प्री-ऑर्डर मिलना और बड़े पैमाने पर ग्राहकों को वाहन सौंपना दो अलग चरण हैं। इसकी व्यावसायिक सफलता का आकलन वास्तविक डिलीवरी, सुरक्षा और नियमित इस्तेमाल से ही होगा।

Flying Cars: From Molt Taylor’s Aerocar Tesla Roadster, Why Mass Production So Hard?
एलेफ एयरोनॉटिक्स - फोटो : alef.aero
Alef Aeronautics: सड़क पर चलने और उड़ने वाली कार का अमेरिकी प्रयास
  • अमेरिका की एलेफ एयरोनॉटिक्स भी ऐसी कार विकसित कर रही है, जो सड़क पर चलने के साथ उड़ान भरने के लिए डिजाइन की गई है। कंपनी के मॉडल ए को लेकर काफी चर्चा रही है।
  • लेकिन किसी विमान को टेस्ट उड़ान की अनुमति या स्पेशल एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट मिलना, आम लोगों के लिए नियमित उड़ान की पूरी मंजूरी मिलने के बराबर नहीं है। विमान के डिजाइन, सुरक्षा, संचालन और उत्पादन से जुड़ी अलग-अलग आवश्यकताएं पूरी करनी पड़ती हैं।
  • इसलिए एलेफ की प्रगति को समझते समय प्रोटोटाइप, परीक्षण, प्रमाणन और ग्राहकों को डिलीवरी के बीच फर्क करना जरूरी है। कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ उड़ने वाली कार बनाना नहीं, बल्कि उसे नियामकीय शर्तों के मुताबिक सुरक्षित और व्यावहारिक उत्पाद बनाना है।

PAL-V Liberty: सड़क और हवा के बीच तालमेल बनाने की कोशिश
  • इतना ही नहीं नीदरलैंड की PAL-V ने लिबर्टी नाम का रोडेबल एयरक्राफ्ट विकसित किया है। यह सामान्य कार की तरह सड़क पर चलने और जरूरत पड़ने पर जायरोकॉप्टर की तरह उड़ने के लिए बनाया गया है।
  • कंपनी के अनुसार, जून 2024 में उसे यूरोपीय विमानन सुरक्षा एजेंसी ईएएसए से अपने वाहन के सर्टिफिकेशन प्रोग्राम के लिए नो टेक्निकल ऑब्जेक्शन मिला। इसका मतलब है कि प्रमाणन की रूपरेखा और अनुपालन साबित करने के तरीके को आगे बढ़ाने की सहमति मिली थी, यह अपने आप में अंतिम विमान प्रमाणपत्र नहीं था।
  • 2026 में PAL-V ने यह भी बताया कि उसे नीदरलैंड के वाहन नियामक से प्रमाणित ऑटोमोबाइल निर्माता के रूप में शुरुआती मान्यता और विमानन उत्पादन से जुड़ी मंजूरी मिली है। इसके बावजूद सड़क और विमान, दोनों के लिए जरूरी अंतिम प्रमाणन और व्यावसायिक परिचालन अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। 

Joby और Archer: एयर टैक्सी के लिए प्रमाणन की चुनौती
  • अमेरिका की जॉबी एविएशन और आर्चर एविएशन का लक्ष्य इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी सेवा शुरू करना है। दोनों कंपनियां ऐसे विमान बना रही हैं, जो वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग कर सकें और यात्रियों को कम दूरी के सफर पर ले जा सकें।
  • जॉबी ने मार्च 2026 में बताया कि उसका पहला एफएए-अनुरूप विमान टाइप इंस्पेक्शन ऑथराइजेशन (टीआईए) के लिए उड़ान परीक्षण के चरण में पहुंच गया है। यह एफएए टाइप सर्टिफिकेशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन अंतिम प्रमाणपत्र नहीं है। 
  • आर्चर के मिडनाइट विमान के लिए भी अमेरिका में प्रमाणन प्रक्रिया जारी है। मई 2026 में कंपनी और यूएई के विमानन नियामक ने शुरुआती सीमित व्यावसायिक परिचालन के लिए रिस्ट्रिक्टेड टाइप सर्टिफिकेट (आरटीसी) प्रक्रिया पर आगे बढ़ने की जानकारी दी थी। 
  • इन दोनों कंपनियों के उदाहरण बताते हैं कि उड़ने वाले वाहन को विकसित कर लेना और उसे नियमित यात्री सेवा में इस्तेमाल करने की अनुमति पाना अलग-अलग पड़ाव हैं। नियामकों को विमान के डिजाइन, प्रदर्शन, उत्पादन और सुरक्षित संचालन से जुड़े पहलुओं की जांच करनी होती है।

Flying Cars: From Molt Taylor’s Aerocar Tesla Roadster, Why Mass Production So Hard?
टेस्ला रोडस्टर - फोटो : @Tesla

Tesla Roadster क्या सच में उड़ने वाली कार है?
टेस्ला की रोडस्टर का नाम नाम उड़ने वाली कारों की चर्चा में आ रहा है, लेकिन इसे eVTOL या पारंपरिक रोडेबल एयरक्राफ्ट समझना सही नहीं होगा। मस्क ने इसके लिए संपीड़ित हवा यानी कंप्रेस्ड हवा से चलने वाले थ्रस्टर और विशेष तकनीक की बात की है। प्रदर्शन में कार से जुड़े छोटे हॉप या कलाबाजी जैसे करतब दिखाने की चर्चा हुई है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि रोडस्टर विमान की तरह लगातार उड़ सकती है। टेस्ला इसका उत्पादन 2028 तक कर सकती है।  

उड़ने वाली कारें सफल क्यों नहीं हो पाईं?
इतने लंबे समय से कोशिशों के बावजूद उड़ने वाली कारें आम लोगों तक क्यों नहीं पहुंचीं? इसकी कई वजहें हैं।
1. दो तरह की सुरक्षा की चुनौती: रोडेबल एयरक्राफ्ट को सड़क पर कार और हवा में विमान, दोनों के मानकों को पूरा करना पड़ता है। दोनों के लिए अलग डिजाइन, परीक्षण और मंजूरियां जरूरी हो सकती हैं।
2. प्रमाणन में समय: विमानन नियामक सुरक्षा के मामले में विस्तृत परीक्षण और दस्तावेजों की मांग करते हैं। किसी प्रोटोटाइप की सफल उड़ान से नियमित यात्री सेवा की अनुमति अपने आप नहीं मिलती। एफएए भी नए eVTOL विमानों के प्रमाणन और उन्हें मौजूदा एयरस्पेस में सुरक्षित तरीके से शामिल करने की प्रक्रिया पर काम कर रहा है। 
3. लागत और सीमित बाजार: उड़ने वाले वाहन में कार और विमान, दोनों की तकनीक का खर्च जुड़ सकता है। एरोकार का उदाहरण बताता है कि सर्टिफिकेशन मिलने के बाद भी पर्याप्त ऑर्डर न मिलना बड़े पैमाने पर उत्पादन रोक सकता है।
4. रोजमर्रा के इस्तेमाल की मुश्किलें: उड़ने के लिए सुरक्षित जगह, मौसम, रखरखाव, ऊर्जा या ईंधन, प्रशिक्षण और हवाई यातायात के नियमों का ध्यान रखना पड़ता है। इसलिए यह जरूरी नहीं कि कोई वाहन तकनीकी रूप से उड़ सके तो वह हर व्यक्ति के दैनिक सफर के लिए व्यावहारिक भी हो।
5. प्री-ऑर्डर और वास्तविक सफलता में अंतर: किसी कंपनी को हजारों प्री-ऑर्डर मिलना शुरुआती दिलचस्पी दिखाता है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि वाहन तय समय पर बनेगा, मंजूरी हासिल करेगा और बड़ी संख्या में ग्राहकों तक पहुंचेगा।

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