{"_id":"665efdd0a7e1e1022a085bef","slug":"electric-vehicles-sales-in-may-2024-electric-mobility-in-india-2024-06-04","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Electric Vehicles: मई में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हुई कम, इन वजहों से पड़ा असर","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
Electric Vehicles: मई में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हुई कम, इन वजहों से पड़ा असर
Tue, 04 Jun 2024 05:13 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 04 Jun 2024 05:13 PM IST
सार
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री मई 2024 में एक साल पहले इसी महीने की तुलना में काफी कम हो गई है। संभवतः इसके लिए FAME 2 सब्सिडी का खत्म होना, सरकारी नीतियों में बदलाव और आम चुनाव जैसे विभिन्न कारक जिम्मेदार हैं।
विज्ञापन
Electric Cars
- फोटो : Freepik
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में मई 2024 में पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 22.3 प्रतिशत की गिरावट आई है। वाहन पोर्टल द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले महीने भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की 1,23,107 यूनिट्स का रजिस्ट्रेशन हुआ। जो एक साल पहले इसी महीने दर्ज की गई 1,58,459 यूनिट्स से कम है। गौरतलब है कि मई 2023 भी पिछले कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा बिक्री वाला महीना था।
विज्ञापन
हालांकि, भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री चार-पहिया, दो-पहिया और तिपहिया वाहनों जैसे विभिन्न श्रेणियों में हुई, वाहन डेटा से पता चलता है कि क्रमिक रूप से 8.8 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल 2024 में, भारत ने इलेक्ट्रिक वाहनों की 113,092 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की।
विज्ञापन
विज्ञापन
आंकड़ों से यह भी पता चला है कि मई 2024 में बिके कुल 1,23,107 इलेक्ट्रिक वाहनों में से दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 51.7 प्रतिशत थी। जबकि तिपहिया वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 42.5 प्रतिशत थी। यात्री वाहनों का कुल बिक्री में लगभग 5.3 प्रतिशत का योगदान रहा, जबकि इलेक्ट्रिक बसों का योगदान सिर्फ 0.2 प्रतिशत रहा। शेष हिस्सेदारी कृषि वाहनों, मालवाहक वाहनों और अन्य वाहनों का है, जो 0.4 प्रतिशत से कम है।
इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में गिरावट का क्या कारण हो सकता है?
उद्योग विशेषज्ञों ने कुछ महीने पहले भविष्यवाणी की थी कि FAME 2 योजना खत्म होने के साथ भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में गिरावट देखी जाएगी। सब्सिडी खत्म होने के साथ, उपभोक्ता इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए उन्हें वहन करने वाली ज्यादा कीमत को लेकर चिंतित हैं।
उद्योग विशेषज्ञों ने कुछ महीने पहले भविष्यवाणी की थी कि FAME 2 योजना खत्म होने के साथ भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में गिरावट देखी जाएगी। सब्सिडी खत्म होने के साथ, उपभोक्ता इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए उन्हें वहन करने वाली ज्यादा कीमत को लेकर चिंतित हैं।
इसके अलावा, आम चुनावों ने भी भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को प्रभावित किया। उपभोक्ता, खासकर फ्लीट और व्यापार क्षेत्र के खरीदार अक्सर चुनावों के दौरान अपने खरीद निर्णयों को स्थगित कर देते हैं। वहीं वाहन निर्माता भी निवेश करने से पहले नई सरकार के बनने का इंतजार करते हैं। इनके अलावा, हाइब्रिड कारों के प्रति बढ़ती पसंद इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को प्रभावित कर रही है।
एक अन्य कारक जिसने संभवतः इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को प्रभावित किया है, वह है हीट वेव। पिछले कुछ हफ्तों में, देश के कई हिस्सों में बेतहाशा गर्मी की लहर देखी गई है। जिसने संभवतः उपभोक्ताओं की शोरूमों में आने वाली संख्या को प्रभावित किया है। जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री कम हुई है। दिलचस्प बात यह है कि इस कारक ने इलेक्ट्रिक वाहनों और पारंपरिक इंटरनल कंब्शन इंजन (आईसीई) से चलने वाले वाहनों की बिक्री को कम कर दिया।