Dharmendra First Car: धर्मेंद्र और उनकी पहली कार की भावुक कहानी, Fiat 1100 से जुड़ी यादें, देखें वीडियो
धर्मेंद्र के जाने के बाद फिल्म जगत उन छोटी-छोटी निजी कहानियों को भी याद कर रहा है जिन्हें वे अक्सर अपने प्रशंसकों से साझा करते थे। उन्हीं में से एक कहानी थी उनकी पहली कार Fiat 1100.
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धर्मेंद्र के पुराने इंटरव्यू देखने पर हमेशा एक सहजपन महसूस होता था। फीकी, पुरानी रिकॉर्डिंग्स में भी, साधारण चीजों को लेकर उनका लगाव झलकता था। इसी सादगी की झलक तब भी दिखी जब उन्होंने एक इंस्टाग्राम वीडियो में अपनी Fiat 1100 के पास खड़े होकर कहा था कि यह कार उनके दिल के सबसे करीब है। ऑटोमोबाइल प्रेमियों के लिए भी यह याद दिलाने वाला पल था। पहली कार के साथ बनने वाला रिश्ता कभी आसानी से फीका नहीं पड़ता।
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1960 के शुरुआती वर्षों में, जब धर्मेंद्र मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे थे, तब उन्होंने लगभग 18,000 रुपये में Fiat 1100 खरीदी। युवा थे, प्रतिभाशाली थे, और धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे थे। लेकिन उनके मन में वह डर भी था जो हर नए कलाकार के भीतर कहीं न कहीं रहता है, यानि काम छिन जाने का डर।
वीडियो में उन्होंने स्वीकार किया था कि वे इस चिंता में रहते थे कि यदि फिल्मों में काम न मिला, तो वे इस Fiat को टैक्सी बनाकर मुंबई की सड़कों पर चलाएंगे। लेकिन वह दिन कभी नहीं आया। दर्शकों ने उन्हें हाथों-हाथ लिया, और उनकी Fiat कार कभी टैक्सी नहीं बनी। वह हमेशा उनकी गैराज में प्यार से संजोकर रखी गई, रेस्टोर की गई, चमकाई गई, और उम्र भर उनकी पसंदीदा बनी रही।
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धर्मेंद्र की Fiat 1100 भारतीय ऑटोमोबाइल इतिहास का एक अहम हिस्सा थी। Premier Padmini (प्रीमियर पद्मिनी) के लोकप्रिय होने से पहले, Fiat की 1100 सीरीज कई अलग-अलग नामों में आती थी - Millecento, बीच में लाइट वाले फ्रंट ग्रिल के साथ Elegant, 1958 में पेश किए गए टेलफिन्स के साथ Select, और 1961 में लॉन्च हुई Super Select. 1964 तक भारत में 1100 D Delight असेंबल होने लगी थी, और इसके कई पार्ट्स लोकल रूप से बनाए जाते थे।
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धर्मेंद्र की कार को ऑलिव ग्रीन और ब्रॉन्ज के दो-टोन शेड में रेस्टोर किया गया था। यह रंग संयोजन उसे पुराने मुंबई की काली और सफेद फिएट कारों से अलग बनाता था और उसे एक शांत, स्मृतियों से भरी उपस्थिति देता था।
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अपने लंबे करियर में धर्मेंद्र ने कई गाड़ियाँ खरीदीं। जैसे Mercedes-Benz S-Class (मर्सिडीज-बेंज एस-क्लास), पुरानी Range Rover (रेंज रोवर) और अन्य लग्जरी मॉडल। लेकिन इन सबमें भी Fiat 1100 का स्थान सबसे ऊपर था, भावनाओं में, यादों में।
अधिकतर भारतीय परिवारों ने कभी न कभी फिएट या प्रीमियर पद्मिनी को अपने जीवन में देखा या चलाया है। स्कूल, शादी-ब्याह, रेलवे स्टेशन या नौकरी के पहले दिन, ऐसी कारें भारतीय जिंदगी का हिस्सा बन चुकी थीं।
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Fiat 1100 आज भले ही उत्पादन में नहीं है, लेकिन वह अब भी भारतीय कार इतिहास के खास पन्नों में दर्ज है। कार कलेक्टर आज भी साफ-सुथरे मॉडल ढूंढते हैं। मेकैनिक अब भी बताते हैं कि इसका इंजन कितना सरल और भरोसेमंद था। और अब यह कार हमेशा जुड़ी रहेगी, धर्मेंद्र की सबसे प्रिय साथी के रूप में।
धर्मेंद्र भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका सिनेमा, उनकी मुस्कान और उनकी ऑलिव-ग्रीन Fiat 1100, ये सब उनकी विरासत को हमेशा जिंदा रखेंगे। कई बार वाहन सिर्फ एक मशीन नहीं रह जाते, वे हमारी जिंदगी का हिस्सा बन जाते हैं। यादों का ऐसा हिस्सा, जो आखिरी सफर के बाद भी साथ चलता है।
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