CVT Transmission: क्या होता है सीवीटी ट्रांसमिशन, जानिए इसके फायदे और नुकसान
आजकल लोग सीवीटी ट्रांसमिशन वाली कारों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। ऐसे में जानिए आखिर सीवीटी ट्रांसमिशन होता क्या है और ये कैसे काम करता है। सीवीटी ट्रांसमिशन के क्या फायदे और नुकसान हैं।
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ऑटो बाजार में आने वाली कारों में काफी तेजी से नए-नए बदलाव हो रहे हैं। आजकल काफी कारों में सीवीटी ट्रांसमिशन यानी लगातार बदलता ट्रांसमिशन आ रहा है। कार बनाने वाली कंपनियां सीवीटी गियरबॉक्स के साथ अपनी कारों को ला रही हैं। चलिए नीचे जानते हैं कि सीवीटी ट्रांसमिशन क्या है और ये कैसे काम करता है।
सीवीटी ट्रांसमिशन की जानकारी
सीवीटी ट्रांसमिशन एक तरह का ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन है। ये लगभग ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन की तरह ही काम करता है। मगर सीवीटी में ऑटो ट्रांसमिशन की तरह गियर नहीं होते हैं। हालांकि, इसके बाद एक सीवीटी ट्रांसमिशन में असीमित संख्या में गियर अनुपात हो सकते हैं। ये गाड़ी की स्पीड की चिंता किए बिना लगातार अनुपात में इजाफा करते रहते हैं। इसी वजह से ये नियमित ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन से बेहतर काम करते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सीवीटी ट्रांसमिशन 1989 में पहली बार पेश किया गया था।
सीवीटी ट्रांसमिशन के फायदे
- सीवीटी ट्रांसमिशन कार को हमेशा सही गियर में रखता है। मैनुअल और ऑटोमेटिक कारों के मुकाबले सीवीटी ट्रांसमिशन के साथ आने वाली कारों को इंजन की स्पीड को शीर्ष पर रखने के लिए डिजाइन किया गया है। इस वजह से कार की क्षमता बढ़ जाती है।
- सीवीटी ट्रांसमिशन में मशीनी भागों की संख्या कम होती है। सीवीटी ट्रांसमिशन एक पुली के साथ आता है, जो कि बेल्ट के माध्यम से कनेक्ट होता है। इसको इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि ट्रांसमिशन में टूट-फूट की समस्या कम होती है।
- सीवीटी ट्रांसमिशन ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन के मुकाबले वजन भी काफी हल्के होते हैं। वजन कम होने की वजह से इंजन की क्षमता काफी बढ़ जाती है। इनका साइज भी कॉम्पैक्ट होता है, इसलिए ये बाकी ट्रांसमिशन के मुकाबले ज्यादा प्रतिस्पर्धा कर पाती है।
सीवीटी ट्रांसमिशन के नुकसान
- कई ड्राइवरों के साथ देखा गया है कि जब वाहन शिफ्ट पाइंट से गुजर रहा होता है, तो क्लच फिसलने की अनुभूति परेशान करने वाली होती है। हालांकि, ये असीमित संख्या में अनुपात देता है, मगर इसकी थ्रॉटल इनपुट प्रक्रिया काफी धीमी होती है।
- ड्राइविंग के दौरान सीवीटी ट्रांसमिशन इंजन के तेज होने पर घूमने की शिकायते आती है। इस दौरान कई बार ट्रांसमिसन से काफी तेज आवाज भी आती है। ऐसे में ड्राइविंग के दौरान किसी भी तरह की अतिरिक्त आवाज ड्राइवर को परेशान कर सकती है।
- सीवीटी ट्रांसमिशन स्मूथ ड्राइविंग के लिए अनुकूल हो सकता है। मगर इसे ऑपरेट करने में ड्राइवर को मजा और स्पोर्टीनेस महसूस नहीं होता है। इसमें अपशिफ्टिंग और डाउनशिफ्टिंग की वजह से ड्राइविंग का आकर्षन कम हो जाता है।