लैंड रोवर और जगुआर को टाटा मोटर्स ने दी नई पहचान
जब टाटा मोटर्स ने जगुआर और लैड रोवर ब्रांडों का 2008 में अधिग्रहण किया तब किसी ने सोचा था कि धनी लोगों के लिए लग्जरी सेडान और एसयूवी बनाने वाली यह कंपनी वैश्विक ऑटो बाजार में अपनी धाक जमा पाएगी। हालांकि, टाटा मोटर्स ने यह कर दिखाया। ब्रिटेन के बाजार के अलावा आज की तारीख में अमेरिका में भी लैंड रोवर एसयूवी की श्रेणी में अपनी पैठ बना चुकी है।
2008 में टाटा मोटर्स द्वारा इन ब्रांडों के अधिग्रहण के बाद से इन दोनों ब्रांडों की बिक्री दोगुनी से अधिक हो गई है। हाल की तिमाही में दोनों ब्रांडों ने कुल मिलाकर टाटा मोटर्स के कर पूर्व लाभ में एक अरब डॉलर का योगदान किया है।
इसे टाटा समूह के रतन टाटा की दूरदर्शिता ही कहें कि उन्होंने आर्थिक तौर पर बीमार फोर्ड कंपनी के इन दोनों ब्रांडों को 2.3 अरब डॉलर में खरीदा और इसे लाभ कमाने वाले ब्रांड में तब्दील किया।
हालांकि एक तरफ जहां लैड रोवर की बिक्री एसयूवी के सबसे बड़े बाजार अमेरिका में बढ़ती जा रही है वहीं लगभग एक दशक में जगुआर अमेरिका की सुधरती आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद अपनी जगह नहीं बना सका है।
जगुआर की बिक्री बढ़ाने की तैयारी
टाटा का लक्ष्य नए प्रोडक्ट के जरिए जगुआर की बिक्री बढ़ाने की है। यह लक्जरी कार निर्माता कंपनियों जैसे बीएमडब्ल्यू, मर्सडीज बेंज और ऑडी के साथ प्रतिस्पर्धा के लिए प्रतिबद्ध है।
जगुआर एफ-पेस और एक्सई मॉडल के जरिए वापसी की तैयारी कर रही है।
अमेरिका में लैड रोवर की बिक्री में इस साल के शुरुआती आठ महीनों में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है जबकि कुल मिलाकर उद्योग की बिक्री में लगभग चार प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
दूसरी तरफ, जगुआर की बिक्री में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले चार फीसदी की कमी दर्ज की गई है।