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सेकंड हैंड कार खरीदते समय रखें ये सावधानी

Wed, 24 Jul 2013 01:29 PM IST
इंटरनेट डेस्क
इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 24 Jul 2013 01:29 PM IST
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resail value of car
भले ही रोज नई नई कारें लॉन्च होती रहें लेकिन सेकंड हैंड कारों का क्रेज अभी भी बरकरार है। आजकल ग्राहक नई कार खरीदने की जगह सेकंड हैंड कारों को विकल्प बना रहे हैं।
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अगर आप भी सेकंड हैंड कार लेने की योजना रहे हैं तो जरा यहां गौर जरूर कीजिए।

सेकंड हैंड कार लेते समय इन बातों की रखें सावधानियां, ताकि आपका चुनाव हो किफायती और बढ़िया।

कार एक्सीडेंटल न हो - सबसे पहले गाड़ी की बाहरी चमक-धमक में न खोएं और गाड़ी की अंदरूनी चीजों पर ध्यान दे। सबसे पहले जांच लें कि गाड़ी का एक्सीडेंट तो नहीं हुआ है। इसके लिए सबसे पहले कार के रंग को चैक करें। कार के चारों दरवाजों को खोल कर चैक कर लें क्या वो फिट है कि नहीं। इसके साथ ही कार के बोनट और डिक्की को खोलकर अलाइनमेंट को चैक करें कि वो ठीक से लग रही हैं या नहीं ?
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टायरों को जांच लें - कार खरीदने से पूर्व जांच लें कि कार के टायर एक साइज के हैं कि नहीं? इसके अलावा रिम के अलाइनमेंट की भी जांच करा लें। इससे कार को किस हालत में चलाया गया है इसका अंदाजा लग जाएगा। अगर टायर ज्यादा घिसे हैं तो बिल्कुल कार न खरीदें।
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इंजन क्वालिटी - हालांकि सेकंड हैंड कार बेचने वाले शोरूम कार को फौरी तौर पर अंदर-बाहर से चमका देते हैं। इससे इंजन को देखकर चैक करना कठिन हो जाता है। फिर भी चैक करें कि कार का ऑयल लीक तो नहीं है। इसके बाद कार की बैटरी को जांचें की वह कंपनी की है या बदली गई है। साथ ही इंजन पर लिखे नंबर को आरसी के नंबर से जरूर मिलाएं। कार के गियर नॉब, क्लच और ब्रेक आदि को जांचें।

सारे बटन चैक करें- कार के अंदर सारे बटन चैक कर लें। एसी, लाइट, वाइपर के साथ सारे पैनलों को भली भांति चैक कर लें। ऐसा न हो कि घर आने के बाद किसी प्रकार की कोई खामी सामने आए।

एक बार टेस्ट ड्राइव जरूर करें - कार को घर लाने से पहले गाड़ी की टेस्ट ड्राइव जरूर कर लें। कई खामियां कार चलाने के बाद ही पता चलती हैं। टेस्ट ड्राइव में देखें कि कार एक तरफ तो नहीं भाग रही, कार का इंजन चलाने में स्मूथ है नहीं या स्टेयरिंग में कोई कमी तो नहीं है।

कार की री सेल वेल्यू - कार खरीदने से पहले एक बार समझ लें कौन सी गाड़ियों की री सेल वेल्यू हैं। अगर कुछ समय बाद अगर आप कार बेचना चाहें तो क्या आपको ठीक कीमत मिल पाएगी या नहीं। छोटी कार सेगमेंट (1200 सीसी) में मारूति की सबसे ज्यादा री सेल वेल्यू है।

सेकंड हैंड कारों में मारुति ऑल्टो, जेन और वैगनआर की सबसे ज्यादा मांग है। इनकी लो मेंटेनेंस इनकी यूएसपी है। वहीं कोलकाता के मल्टी ब्रांड कार डीलर कुणाल मल्होत्रा कहते हैं कि यहां मारुति और हुंडई की री सेल वेल्यू दूसरों की तुलना में ज्यादा बढ़िया है।

वहीं मिड सेगमेंट (1500 सीसी) तक में टोयोटा और होंडा की री सेल वेल्यू ज्यादा है। इसमें इनोवा और होंडा सिटी का परफॉर्मेंस सबसे बढ़िया है।

बेंगलूरु के मल्टी ब्रांड कार डीलर एन. सिबगथूल्ला का कहना है कि टाटा, जनरल मोटर्स और फोर्ड की री सेल वेल्यू सबसे खराब है। इनमें भी फोर्ड और जनरल मोटर्स की स्थिति ज्यादा खराब है। जबकि टाटा के वाहनों का इस्तेमाल कमर्शियल वाहन के तौर पर हो जाता है इसलिए वो दोबारा सेल हो जाती है।


कागजों को जांच लें-
कार घर लाने से पहले भली प्रकार कागजों को जांच लें। आरटीओ कार्यालय के जरिए कागजों को क्रॉस चैक करवाएं। इसके साथ ही कार के इंजन और चेसिस नंबर को कागजों में लिखे नंबरों से मिला लें।
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