{"_id":"5701f9a74f1c1b9535c810cf","slug":"renault-reveals-kaptur-in-russia-might-come-to-india","type":"story","status":"publish","title_hn":"रूस में हुई शोकेस रेनॉ कैप्चर, भारत में हो सकती है लॉन्च ","category":{"title":"Car Diary","title_hn":"कार डायरी","slug":"car-diary"}}
रूस में हुई शोकेस रेनॉ कैप्चर, भारत में हो सकती है लॉन्च
कारदेखो/नई दिल्ली
Updated Mon, 04 Apr 2016 10:57 AM IST
सार
- इसका मुकाबला महिन्द्रा एक्सयूवी-500 और हुंडई की नई ट्यूसॉन समेत अन्य कारों से होगा।
- रूस में दिखाई गई कैप्चर की तो यह कार 4,333 एमएम लंबी है जो डस्टर (4315 एमएम) से मामूली सी लंबी है।
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विस्तार
कई टीजर दिखाने के बाद आखिरकार रेनॉ ने अपनी क्रॉसओवर/एसयूवी कैप्चर से पर्दा उठा दिया है। इसको पहली बार रूस में शोकेस किया गया है। कैप्चर एक नई 5-सीटर क्रॉसओवर है जिसे विशेष तौर पर रूस के अलावा यूरेशियन बाजार के लिए बनाया गया है।
वैसे तो भारत में इस कार के आने के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन कयास हैं कि अगले साल तक इसे भारत में भी लॉन्च किया जाएगा। इसे डस्टर के ऊपर रखा जाएगा। अगर यह भारत में लॉन्च होती है तो इसका मुकाबला महिन्द्रा एक्सयूवी-500 और हुंडई की नई ट्यूसॉन समेत अन्य कारों से होगा।
रेनॉ ने इस कार के बारे में ज्यादा खुलासा नहीं किया है। इसके इंजन और प्लेटफार्म से जुड़ी जानकारी को अभी तक पर्दे में ही रखा गया है। हालांकि ऐसा कहा जा रहा है कि इसे डस्टर के प्लेटफार्म पर ही तैयार किया गया है और अलग-अलग देशों के मुताबिक इसमें बदलाव किए गए हैं। लेकिन यूरोपियन कैप्चर अलग प्लेटफार्म पर बनी है।
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बात करें रूस में दिखाई गई कैप्चर की तो यह कार 4,333 एमएम लंबी है जो डस्टर (4315 एमएम) से मामूली सी लंबी है। कैप्चर का व्हीलबेस (2674) भी करीब-करीब डस्टर (2673 एमएम) जितना ही है।
डस्टर की तरह ही इसे ऑल व्हील ड्राइव के साथ उतारा जाएगा। अन्य फीचर्स में 204 एमएम ग्राउंड क्लीयरेंस और 16 या 17 इंच के टायर शामिल हैं।
यह अंदर और बाहर से अपने यूरोपियन मॉडल की तरह ही दिखाई देती है। इसमें दिए चौड़े एयरडम और ‘सी’ शेप की डे टाइम रनिंग एलईडी लाइट दो प्रमुख बदलावों में शामिल है। इसके टेललैंप्स भी ‘सी’ शेप में दिए गए हैं। इसमें कंट्रास्ट फ्लोटिंग रूफ भी दखने को मिलेगी।
कैप्चर को पहले 7 सीटर कार माना जा रहा था लेकिन अब सामने आया है कि यह एक 5-सीटर क्रॉसओवर कार है। इसका केबिन यूरोपियन मॉडल लिया गया है। सेंट्रल कंसोल में मीडियानैव का 7 इंच इंफोटेन्मेंट सिस्टम देखने को मिलेगा, जिसे नई डस्टर में भी दिया गया है। 2016-डस्टर में दिया गया ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल एसी भी कैप्चर से ही लिया गया है।
रेनॉ का कहना है कि कैप्चर का बूट स्पेस 387 लीटर होगा जिसे सीटों को पूरी तरह फोल्ड कर 1200 लीटर तक बढ़ाया जा सकता है। बूट स्पेस डस्टर के मुकाबले थोड़ा छोटा है। हालांकि इसमें पिछली तरफ ज्यादा स्पेस मिलने की उम्मीद है।
कंपनी ने इसके इंजन के बारे में फिलहाल कुछ नहीं बताया है। भारतीय बाजार में आने वाले मॉडल में डस्टर या फ्लूएंस में मिलने वाला 1.5 लीटर का 110 पीएस ताकत वाला इंजन कैप्चर में देखने को मिल सकता है।
इसमें 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ 6-स्पीड ड्यूल क्लच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प भी मिलेगा। अगर ऐसा होता है तो कैप्चर अपने प्रतियोगियों पर निश्चित तौर पर भारी पडे़गी क्योंकि इस सेगमेंट के डी़जल वेरिएंट में ड्यूल-क्लच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स उपलब्ध ही नहीं है। पेट्रोल वर्जन में टर्बोचार्जड इंजन दिया जा सकता है।
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वैसे तो भारत में इस कार के आने के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन कयास हैं कि अगले साल तक इसे भारत में भी लॉन्च किया जाएगा। इसे डस्टर के ऊपर रखा जाएगा। अगर यह भारत में लॉन्च होती है तो इसका मुकाबला महिन्द्रा एक्सयूवी-500 और हुंडई की नई ट्यूसॉन समेत अन्य कारों से होगा।
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रेनॉ ने इस कार के बारे में ज्यादा खुलासा नहीं किया है। इसके इंजन और प्लेटफार्म से जुड़ी जानकारी को अभी तक पर्दे में ही रखा गया है। हालांकि ऐसा कहा जा रहा है कि इसे डस्टर के प्लेटफार्म पर ही तैयार किया गया है और अलग-अलग देशों के मुताबिक इसमें बदलाव किए गए हैं। लेकिन यूरोपियन कैप्चर अलग प्लेटफार्म पर बनी है।
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बात करें रूस में दिखाई गई कैप्चर की तो यह कार 4,333 एमएम लंबी है जो डस्टर (4315 एमएम) से मामूली सी लंबी है। कैप्चर का व्हीलबेस (2674) भी करीब-करीब डस्टर (2673 एमएम) जितना ही है।
डस्टर की तरह ही इसे ऑल व्हील ड्राइव के साथ उतारा जाएगा। अन्य फीचर्स में 204 एमएम ग्राउंड क्लीयरेंस और 16 या 17 इंच के टायर शामिल हैं।
यह अंदर और बाहर से अपने यूरोपियन मॉडल की तरह ही दिखाई देती है। इसमें दिए चौड़े एयरडम और ‘सी’ शेप की डे टाइम रनिंग एलईडी लाइट दो प्रमुख बदलावों में शामिल है। इसके टेललैंप्स भी ‘सी’ शेप में दिए गए हैं। इसमें कंट्रास्ट फ्लोटिंग रूफ भी दखने को मिलेगी।
कैप्चर को पहले 7 सीटर कार माना जा रहा था लेकिन अब सामने आया है कि यह एक 5-सीटर क्रॉसओवर कार है। इसका केबिन यूरोपियन मॉडल लिया गया है। सेंट्रल कंसोल में मीडियानैव का 7 इंच इंफोटेन्मेंट सिस्टम देखने को मिलेगा, जिसे नई डस्टर में भी दिया गया है। 2016-डस्टर में दिया गया ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल एसी भी कैप्चर से ही लिया गया है।
रेनॉ का कहना है कि कैप्चर का बूट स्पेस 387 लीटर होगा जिसे सीटों को पूरी तरह फोल्ड कर 1200 लीटर तक बढ़ाया जा सकता है। बूट स्पेस डस्टर के मुकाबले थोड़ा छोटा है। हालांकि इसमें पिछली तरफ ज्यादा स्पेस मिलने की उम्मीद है।
कंपनी ने इसके इंजन के बारे में फिलहाल कुछ नहीं बताया है। भारतीय बाजार में आने वाले मॉडल में डस्टर या फ्लूएंस में मिलने वाला 1.5 लीटर का 110 पीएस ताकत वाला इंजन कैप्चर में देखने को मिल सकता है।
इसमें 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ 6-स्पीड ड्यूल क्लच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प भी मिलेगा। अगर ऐसा होता है तो कैप्चर अपने प्रतियोगियों पर निश्चित तौर पर भारी पडे़गी क्योंकि इस सेगमेंट के डी़जल वेरिएंट में ड्यूल-क्लच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स उपलब्ध ही नहीं है। पेट्रोल वर्जन में टर्बोचार्जड इंजन दिया जा सकता है।