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मारुति छोटी कारों के निर्माण पर रखेगी फोकस
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Mon, 24 Dec 2012 03:35 PM IST
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मारुति सुजुकी छोटी कारों पर ही अपना फोकस रखेगी क्योंकि उसकी आमदनी और मुनाफे का बड़ा हिस्सा इसी श्रेणी से ही आता है। कंपनी इस श्रेणी में देश में अग्रणी कंपनी बने रहने की अपनी रणनीति पर कायम रहेगी। यह जानकारी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन आर.सी. भार्गव ने एक बातचीत में दी। उन्होंने कहा कि कंपनी गुजरात में अपने प्रस्तावित संयंत्र में 2015-16 से उत्पादन शुरू कर देगी।
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भार्गन ने बताया कि कंपनी ने गुजरात में दूसरे संयंत्र के लिए भी जमीन खरीदी है। पहले संयंत्र के लिए जमीन गुजरात सरकार ने दी थी। इससे करीब 30 किलोमीटर दूर कंपनी ने 600 एकड़ जमीन सरकार के सहयोग से खुद खरीदी है। इसका उपयोग जरूरत पड़ने पर मानेसर की तरह किया जा सकता है। कर्मचारियों के हिंसक आंदोलन से प्रभावित कंपनी के मानेसर संयंत्र में कामकाज सामान्य हो गया है और अब इसमें पहले से अधिक कारें बन रही हैं।
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भार्गव ने कहा कि मानेसर में उत्पादन सामान्य स्तर 1900 इकाई प्रतिदिन पर आ गया है। कंपनी ने हिंसक घटनाओं के आरोप में 500 कर्मचारियों को निकाला था। इस घटना में कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी की मौत के साथ 97 लोग घायल हुए थे। उन्होंने कहा कि इस साल हमारी कारों की बिक्री करीब छह फीसदी की दर से बढ़ेगी जहां तक उद्योग की बात है तो उसकी वृद्धि दर करीब सात फीसदी रहेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी की डीजल कारों की मांग ज्यादा आ रही है।
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कंपनी की नई लांच ऑल्टो की बिक्री तेजी से बढ़ रही है और इसकी वेटिंग करीब 18,000 है। जबकि स्विफ्ट की वेटिंग 46,000 है और डिजायर की वेटिंग इससे भी ज्यादा है। कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीईओ शिंजी नाकानिशी ने कहा कि कंपनी का निर्यात इस बार कम हुआ है क्योंकि यूरोप में स्थिति बेहतर नहीं है। श्रीलंका में सीमा शुल्क बढ़ने से कारों के निर्यात में कमी की बात भी भार्गव ने स्वीकार की।