पिछले 10 साल में सबसे कम रही कारों की बिक्री
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कार कंपनियों की बिक्री में मार्च माह के दौरान भी कुछ खास उत्साह देखने को नहीं मिला। कार बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया समेत हुंडइ, होंडा, जनरल मोटर्स और फोर्ड की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि महिंद्रा एंड महिंद्रा, रेनो और टोयोटा अपनी बिक्री बढ़ाने में सफल रहीं हैं। आंकडों पर नजर डाले तो मार्च 2013 में पिछले 10 सालों में पहली बार कार बिक्री में कमी आई है, जो कि चिंताजनक है।
मारुति की इस साल मार्च में कुल बिक्री 4.78 फीसदी गिरकर 1,19,937 कारों पर रह गई है। कंपनी ने इस साल मार्च में 1,07,888 कारों की घरेलू बिक्री की है, जबकि 2012 में यह आंकड़ा 1,12,724 और 2011 में 1,10,424 कारों की बिक्री का था।
पिछले तीन सालों में मार्च की बिक्री के आंकड़े
फोर्ड इंडिया की इस साल मार्च में घरेलू बिक्री 41.61 फीसदी गिरकर 5,271 इकाई रह गई। मार्च 2012 में कंपनी की घरेलू बाजार में बिक्री 9,026 और मार्च 2011 में 10,485 कारों की थी।
टाटा मोटर्स की बीते महीने घरेल बिक्री 67 फीसदी की गिरावट के साथ 12,347 कारों पर रह गई है। जबकि मार्च 2012 में यह 36,984 और मार्च 2011 में 27,678 कारों की थी।
होंडा कार्स इंडिया की घरेलू बिक्री 8.82 फीसदी गिरकर 10,044 कारों पर रह गई। कंपनी ने पिछले साल मार्च में 11,016 कारें बेची थीं।
कार निर्माता जनरल मोटर्स इंडिया की बिक्री भी मार्च महीने में 14.95 फीसदी गिरकर 9,006 रह गई। कंपनी ने मार्च 2012 में 10,588 और मार्च 2011 में 9,365 कारों की बिक्री की थी।
कार बिक्री में गिरावट की बड़ी बजह लगातार बढ़ती महंगाई और ब्याज दरें है। कार बिक्री पर मारुति के मुख्य परिचालन अधिकारी मयंक पारीक ने कहा कि सालाना आधार पर मार्च में कंपनी की बिक्री में गिरावट आई है।