आईएनएस विक्रांत मेटल से बनी बजाज वी150 बाइक पर विवाद
बजाज ऑटो ने हाल ही में वी150 मोटरसाइकिल लॉन्च की है जो इन दिनों एक विवाद का सामना कर रही है। आईबी कॉमर्शियल नाम की एक फर्म में इस पर अपनी आपत्ति जाताई हैं। बजाज वी 150 (Bajaj ‘V’ 150) बाइक भारत के पहले एयरक्राफ्ट कॅरियर आईएनएस विक्रांत ( INS Vikrant) के मेटल से बनाई गई है।
आईएनएस विक्रांत ने 40 साल तक सेवा दी, इसके बाद 1997 में उसे सेवा से बाहर कर दिया गया। इसके बाद इसे मुंबई में 2012 तक म्यूजियम शिप के रूप में रखा गया था। जनवरी 2014 में इसे स्क्रैप कर दिया गया। पाकिस्तान के साथ 1971 की जंग में इसने अहम भूमिका निभाई थी।
आईबी कॉमर्शियल बजाज को विक्रांत के मेटल बेचने वाली कंपनी है। कंपनी ने यह भी दावा है कि बजाज ने स्क्रैप मैटल 1.8 लाख रुपये में खरीदी है जिसमें एल्यूमीनियम एक मीट्रिक टन और आयरन एंड स्टील के दो मीट्रिक टन शामिल था।
बजाज ने दिया जवाब
आईबी कॉमर्शियल ने 27 जनवरी, 16 पर बजाज को ईमेल भेजा जिसमें यह कहा गया है कि दुपहिया वाहन निर्माता ने एनओसी नहीं ली थी कि कंपनी इसका इस्तेमाल बाइक बनाने में करेगी और आईएनएस विक्रांत मेटल के नाम से बाइक का प्रोमोशन करेगी।
इसके जवाब में, बजाज ऑटो ने कहा, "अधिक पैसे पाने के लिए एक बेईमान प्रयास" और प्रतिक्रिया दी "आप जानते हैं कि हमने आप से एक बहुमूल्य विचार के साथ आईएनएस विक्रांत के टूटने से उत्पन्न स्क्रैप एल्यूमिनियम, लौह और इस्पात खरीदा है। स्क्रैप की बिक्री बिना शर्त थी और हम इसके इस्तेमाल के लिए मुक्त हैं इसलिए खरीदारी की गई कि हम आपके किसी भी दावे के बिना उचित समझे।"
इसके अलावा, आईबी कॉमर्शियल ने बजाज पर यह आरोप भी लगाया था कि बजाज ने अपने विज्ञापन में गलत क्लिप का इस्तेमाल किया है जो आईबी के अधिकारियों ने अपने फोन से वीडियो बनाई थी। कंपनी ने बताया कि यह क्लिप उसने केवल एक विशेष राष्ट्रीय कार्य के लिए शेयर किया था।
बजाज ने कहा, यह विधिवत् तरीके से अपने वैध स्वामी से हमारे पास आया था, जबकि आईबी कॉमर्शियल के किसी भी दावे को नकारते हैं। आप आईएनएस विक्रांत के न तो मालिक हैं और न ही आपके पास किसी भी तरह का अधिकार है कि स्क्रैप खरीदे के बाद हम उसका किसी तरह का इस्तेमाल करते हैं। जहां तक आपसे एनओसी लेने का सवाल है, यह नहीं उठता है और किसी भी परिस्थितियों में नहीं करते हैं।
बजाज ऑटो आगे आईबी कॉमर्शियल को चेतावनी दी है कि वह किसी भी थर्ड पार्टी के साथ स्क्रैप की जानकारी जारी ना करे, नहीं तो इसके खिलाफ उचित कार्रवाई करने के लिए कंपनी को अधिकार प्राप्त है।