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रैपिडो का नया 'बाइक लिफ्ट' फीचर क्या है?: बंगलूरू में बाइक-टैक्सी विवाद के बीच किया लॉन्च
Tue, 20 Oct 2026 10:38 PM IST
Amar Sharma
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amar Sharma
Updated Tue, 20 Oct 2026 10:38 PM IST
सार
बंगलूरू में बाइक टैक्सी की कानूनी स्थिति को लेकर विवाद जारी है। इसी बीच, राइड-हेलिंग एग्रीगेटर रैपिडो ने शहर में एक नए ‘बाइक लिफ्ट’ फीचर का परीक्षण शुरू किया है। जानें क्या है नया फीचर।
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Rapido Bike Lift
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
बंगलूरू के कम्यूटर्स के लिए रैपिडो (Rapido) ने चुपचाप एक नया और दिलचस्प फीचर पेश किया है। एग्रीगेटर कंपनी ने शहर में 'बाइक लिफ्ट' (Bike Lift) विकल्प की पायलट टेस्टिंग शुरू कर दी है। इसके तहत अब आम बाइक मालिक अपने रोजाना के ऑफिस या कॉलेज रूट पर चलते-चलते यात्रियों को लिफ्ट देकर अपने पेट्रोल का खर्च बचा सकते हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब कर्नाटक में बाइक टैक्सियों को लेकर कानूनी लड़ाई पहले से ही गर्म है।
हालांकि, उनका मानना है कि इस तरह के प्रचार अभियान जनता के बीच फैली भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिए बहुत जरूरी हैं। क्योंकि आज भी कई लोग यह मानते हैं कि बाइक टैक्सी चलाना गैरकानूनी है। इन तमाम मुद्दों पर चर्चा करने के लिए इस वीकेंड लगभग 200 बाइक टैक्सी ड्राइवरों की एक बैठक होने की योजना है।
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- एप पर कैसे मिल रही है जानकारी: रैपिडो एप पर यूजर्स को एक मैसेज मिल रहा है जिस पर लिखा है- "क्या आपके पास बाइक है? बाइक लिफ्ट के साथ ईंधन बचाएं। और जानें।" बटन पर क्लिक करने पर एक यूट्यूब ट्यूटोरियल खुलता है जो पूरी प्रक्रिया को समझाता है। सूत्रों के मुताबिक कंपनी फिलहाल बंगलूरू और कुछ अन्य शहरों में इसकी टेस्टिंग कर रही है।
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रैपिडो का यह 'Bike Lift' फीचर काम कैसे करता है?
रैपिडो के अनुसार, इस प्रक्रिया को बेहद आसान रखा गया है, जिसे कोई भी आम नागरिक आसानी से इस्तेमाल कर सकता है:- रूट दर्ज करें: एप खोलकर अपनी यात्रा शुरू करने से पहले अपनी शुरुआती लोकेशन और डेस्टिनेशन दर्ज करें।
- रूट के यात्रियों का मिलान: इसके बाद एप आपके रास्ते से मेल खाने वाली पैसेंजर रिक्वेस्ट को दिखाएगा।
- यात्री को पिक करें: आप अपने तय रास्ते पर ही यात्री को पिक और ड्रॉप कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपने रास्ते से कोई लंबा फेरा नहीं लेना पड़ेगा।
- कमाई और नो-कमिशन नीति: रैपिडो के ट्यूटोरियल का दावा है कि राइडर्स प्रति किलोमीटर 5 रुपये तक की कमाई कर सकते हैं। खास बात यह है कि कंपनी इस फीचर पर किसी भी तरह का कमीशन नहीं लेगी। इसका मुख्य उद्देश्य आम बाइक चालकों को रोजाना के सफर में ईंधन के खर्च से राहत दिलाना है।
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कर्नाटक में बाइक टैक्सियों की कानूनी स्थिति अभी क्या है?
रैपिडो द्वारा इस नए फीचर को ऐसे समय में लाया गया है जब राज्य में बाइक टैक्सियों को लेकर कानूनी पेंच फंसा हुआ है:- हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का मामला: जनवरी 2026 में कर्नाटक हाईकोर्ट ने उस पुराने आदेश को रद्द कर दिया था जिसमें बाइक टैक्सी संचालन पर रोक लगाई गई थी। इससे इन्हें मौजूदा कानूनी ढांचे के तहत चलाने हरी झंडी मिल गई थी। हालांकि, राज्य सरकार ने इस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर दी है।
- यूनियनों का विरोध: कम किराए और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी आसान होने के कारण बाइक टैक्सी शहर के लोगों में काफी लोकप्रिय हैं। लेकिन ऑटो और कैब ड्राइवर लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। उनके विरोध के बाद परिवहन विभाग ने अगस्त 2026 में बाइक टैक्सियों के खिलाफ विशेष अभियान भी चलाया था, जिसे बाद में समाप्त कर दिया गया।
बाइक टैक्सी एसोसिएशन का इस नए कदम पर क्या कहना है?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नम्मा बाइक टैक्सी एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद सलीम का कहना है कि उनके पास रैपिडो के इस नए फीचर के बारे में अभी पूरी जानकारी नहीं है।हालांकि, उनका मानना है कि इस तरह के प्रचार अभियान जनता के बीच फैली भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिए बहुत जरूरी हैं। क्योंकि आज भी कई लोग यह मानते हैं कि बाइक टैक्सी चलाना गैरकानूनी है। इन तमाम मुद्दों पर चर्चा करने के लिए इस वीकेंड लगभग 200 बाइक टैक्सी ड्राइवरों की एक बैठक होने की योजना है।