टाटा पावर के साथ HPCL ने मिलाया हाथ, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन करेंगी स्थापित
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टाटा पावर ने वाणिज्यिक स्तर के इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (एचपीसीएल) से हाथ मिला लिया है।
इसके तहत देशभर में एचपीसीएल के खुदरा आउटलेट्स और अन्य गंतव्यों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। टाटा पावर ने गुरुवार को कहा कि उसने इस बारे में एचपीसीएल के साथ सहमति ज्ञापन (एमओयू) किया है।
दोनों कंपनियां इस करार के तहत योजना, विकास तथा देश में उचित गंतव्यों पर ई-वाहन चार्जिंग ढांचे के परिचालन के लिए सहयोग करेंगी।इन इलेक्ट्रिक वाहनों में ई-कारें, ई-रिक्शा, ई-बाइक और ई-बसें शामिल हैं। एक बयान में कहा गया है कि दोनों कंपनियां इसके अलावा भी अक्षय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में अवसरों तथा सहयोग की संभावनाएं तलाशेंगी।
टाटा पावर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक प्रवीर सिन्हा ने बयान में कहा कि एचपीसीएल के साथ भागीदारी से हम काफी खुश हैं। यह हमारी अपने ग्राहकों को परंपरागत सीमाओं से आगे सेवाओं का विस्तार करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
प्रस्तावित चार्जिंग स्टेशनों के जरिये टाटा पावर देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
हाल ही में, सियाम ने सरकार से देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिये एक दीर्घकालीन नीति लाने पर विचार करने को कहा। इस प्रकार की नीति होने से उद्योग भविष्य के लिये निवेश योजनाएं सही तरीके से बना पायेगा। हालांकि सियाम ने इस खंड को वास्तविक संभावना को लागू करने के लिये कम कर की भी मांग की।
सोसाइटी आफ इंडियन आटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स (सियाम) के सालाना सम्मेलन को संबोधित करते हुए निवर्तमान अध्यक्ष अभय फिरोदिया ने सरकार के इलेक्ट्रिक वाहन नीति से अभी तक दूर रहने के निर्णय पर अफसोस जताया।
उन्होंने कहा कि सरकार के अनुरोध पर सियाम ने ‘‘ 2030 तक 40 प्रतिशत वाहन बिजली से चलाने तथा 2047 तक 100 प्रतिशत वाहनों को इसके दायरे में लाने के लिये नीति का प्रस्ताव रखा है।’’
फिरोदिया ने कहा, ‘‘अप्रत्याशित रूप से देश में बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को आगे बढ़ाने की घोषणा के बाद सरकार ने यह कहा कि वह ईवी को बढ़ावा देने के लिये औपचारिक रूप से कोई नीति जारी नहीं करेगी लेकिन इसके प्रसार के लिये विशेष कदम उठाये जाएंगे।’’