स्कोडा रैपिड में आएगा डीएसजी ट्रांसमिशन के साथ टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन
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पिछले साल खबरें आई थीं कि फॉक्सैवगन ग्रुप 1.0 लीटर का 3 सिलेंडर वाला टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन डेवलेप कर रहा है। इस इंजन को इंडिया 2.0 प्रोजेक्ट के तहत बनाया जा रहा है। वहीं अब चेक कारमेकर ने माना है कि उसकी रैपिड सेडान में 1.0 लीटर का TSI मोटर वाला इंजन लगा होगा।
ऑटोकार की रिपोर्ट के मुताबिक रैपिड सेडान में नया 1.0 लीटर का TSI मोटर वाला इंजन 1.6 MPI (EA111) की जगह लेगा। वही नई EA211 सीरीज बीएस-6 मानक वाला होगी, वहीं वर्तमान में आ रहे 1.5 लीटर डीजल को अप्रैल 2020 से लागू होने वाले नए उत्सर्जन मानकों के मुताबिक अपग्रेड नहीं किया जाएगा।
स्कोडा के डायरेक्टर सेल्स, सर्विस और मार्केटिंग डैक हॉलिस के मुताबिक रैपिड में डीजल इंजन नहीं मिलेगा और इसकी बेहद कार्यकुशल 1.0 लीटर का पेट्रोल इंजन लगाया जाएगा। वहीं नया इंजन मौजूदा इंजन के मुकाबले ज्यादा माइलेज भी देगा। साथ ही, पेट्रोल रैपिड में हाई-टैक 7 स्पीड डीएसजी डुअल क्लच यूनिट मिलेगी, जो मौजूदा 6 स्पीड ऑटोमैटिक टॉर्क कनवर्टर की जगह लेगी। फिलहाल यह यूनिट 1.6 एमपीआई इंजन के साथ आती है।
इंटरनेशनल मार्केट में 3 सिलेंडर टर्बो पेट्रोल मॉडल दो ऑप्शन के साथ आते हैं, पहला 95 एचपी की पावर और 160 एननएम का टॉर्क देता है, जबकि दूसरा 115 एचपी की पावर और 200 एनएम का टॉर्क देता है। वहीं अगर रैपिड में यह भारत में लांच होता है, तो यह मौजूदा 1598 सीसी के इंजन (105 एचपी की पावर और 153 एनएम) के टॉर्क ज्यादा पावरफुल होगा।
हालांकि स्कोडा और फॉक्सवैगन की छोटी कारों में डीजल इंजन नहीं आएगा, लेकिन चेक कार कंपनी 2.0 लीटर के डीजल इंजन को बीएस6 में अपग्रेड करने की संभावनाओं पर काम कर रही है। वहीं बीएस-6 में अपग्रेड करने में खर्च में बढ़ोतरी होगी और ग्राहकों को ज्यादा दाम चुकाने पड़ सकते हैं।