Rishabh Pant: तेज रफ्तार... ब्लाइंड स्पॉट या झपकी, ऋषभ पंत के साथ हुए सड़क हादसे की असली वजह क्या? जानें यहां
ऋषभ पंत के साथ हुए कार हादसे की असल वजह क्या है? इसमें और सायरस मिस्त्री के साथ हुए एक्सीडेंट में क्या समानताएं हैं? इतने भयंकर हादसे के बाद कैसे बची पंत की जान? यहां जानें तमाम सवालों के जवाब...
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भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत शुक्रवार (30 दिसंबर) सुबह सड़क दुर्घटना के शिकार हो गए। वह करीब एक करोड़ रुपये की मर्सिडीज एएमजी जीएलई43 4मैटिक कूपे से नया साल मनाने अपने घर ऋषिकेश जा रहे थे। फिलहाल, यह गाड़ी भारत में बंद हो चुकी है। मर्सिडीज की एएमजी सीरीज की यह कार कई सेफ्टी फीचर्स से लैस थी और इसमें छह एयरबैग भी थे। इसके बावजूद ऋषभ पंत बुरी तरह घायल हो गए। ऐसे में हमने ऑटो एक्सपर्ट टूटू धवन से बात की और हादसे की असल वजह समझी। साथ ही, यह भी जानने की कोशिश की कि हादसे के बाद मर्सिडीज के एयरबैग क्यों नहीं खुले? क्या रफ्तार ज्यादा होने की वजह से ऋषभ पंत कार का शीशा तोड़ते हुए बाहर जा गिरे?
1. मर्सिडीज की यह कार कितनी सुरक्षित है?
जवाब: यह मर्सिडीज की सबसे सुरक्षित गाड़ियों में से एक है। भारत में इसके बंद होने का मतलब गाड़ी में कोई खराबी होना नहीं है। इसका मतलब है कि देश में इस गाड़ी के खरीदार काफी कम हैं या इसे इस्तेमाल करने वालों की संख्या काफी कम है। इस वजह से इसे भारत में इसकी बिक्री रोक दी गई है। वैसे मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू की गाड़ियां बेहद सुरक्षित मानी जाती हैं। हालांकि, सुरक्षित होने का मतलब यह नहीं है कि आप गाड़ी को कितनी भी रफ्तार से चला लें और आप पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। या ऐसा नहीं है कि आप किसी भी चीज के साथ एक्सिडेंट कर लें तो ये गाड़ियां टैंक का काम करेंगी। ये गाड़ियां टैंक का काम नहीं कर सकती हैं। कुछ हादसे इतने गंभीर होते हैं, जिनमें इन कारों की सुरक्षा भी कोई मायने नहीं रखती है।
2. इस हादसे की मुख्य वजह क्या हो सकती है? ओवरस्पीड या कुछ और?
सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद तो सबसे पहले ओवरस्पीड की वजह से ही हादसा होने का अनुमान लगता है। वीडियो को गौर से देखा जाए तो कार की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि वह डिवाइडर पर चढ़ने के बाद रेलिंग तोड़ती हुई दूसरी तरफ निकल गई। अनुमान लगाया जाए तो हादसे के वक्त कार की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा ही रही होगी। यह 120 से लेकर 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है।
3. पंत के हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है? क्या इसे देखकर झपकी आने का मामला लगता है?
सीसीटीवी फुटेज के हिसाब से कार की रफ्तार काफी ज्यादा थी। हादसा सुबह करीब 5:30 बजे हुआ। उस वक्त अक्सर झपकी लग जाती है। ऐसे में अनुमान है कि कार चलाते-चलाते ऋषभ पंत को झपकी लग गई होगी, जिससे वह गाड़ी से अपना नियंत्रण खो बैठे और हादसे का शिकार बन गए। यह भी हो सकता है कि गाड़ी के सामने अचानक कुछ आ गया हो, जिससे पंत का ध्यान भटक गया और यह हादसा हो गया।
4. इस हादसे के दौरान एयरबैग्स क्यों नहीं खुले?
इसका कोई सबूत नहीं है कि हादसे के बाद गाड़ी के एयरबैग्स नहीं खुले। जब गाड़ी के अंदर कुछ बचा ही नहीं और गाड़ी पूरी तरह जल गई तो एयरबैग्स कहां से नजर आएंगे। ऐसे में यह थ्योरी बिल्कुल गलत है कि हादसे के बाद एयरबैग नहीं खुले।
5. पंत के एक्सीडेंट और सायरस मिस्त्री के साथ हुए हादसे में क्या समानताएं हैं?
ऋषभ पंत के साथ हुए हादसे और सायरस मिस्त्री के एक्सिडेंट में काफी अंतर है। यूं कह लीजिए कि दोनों हादसे एकदम अलग हैं। पंत के हादसे के दौरान गाड़ी डिवाइडर पर चढ़ने के बाद रेलिंग तोड़ती हुई दूसरी तरफ चली गई और पलट गई। इसके बाद गाड़ी में आग भी लग गई। वहीं, सायरस मिस्त्री वाले हादसे में गाड़ी एक्सप्रेसवे पर साइड वॉल से टकराई थी और उन्होंने सीट बेल्ट नहीं लगा रखी थी, जिसकी वजह से हादसे की चोट काफी गंभीर थी।
6. दावा किया जा रहा है कि हादसे के वक्त पंत ने सीट बेल्ट नहीं लगा रखी थी, जिसके चलते वह शीशा तोड़ते हुए बाहर जा गिरे।
यह दावा पूरी तरह गलत है। अगर ऋषभ पंत ने सीट बेल्ट नहीं लगाई होती तो जो हालत गाड़ी की हुई है, वैसी ही हालत उनकी भी हो जाती। सीट बेल्ट नहीं लगाने पर ऋषभ पंत की हालत सायरस मिस्त्री जैसी ही हो सकती थी। अगर किसी गाड़ी की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा है और उसमें बैठे सवार ने सीट बेल्ट नहीं लगा रखी है तो उसकी जान बचना बेहद मुश्किल होगा।
7. हादसे के बाद पंत की कार में आग लगने की क्या वजह रही?
कार में आग लगने की वजह बेहद सामान्य है। कार में पेट्रोल या डीजल हर वक्त मौजूद रहता है। जब गाड़ी पर इतना बड़ा इम्पैक्ट हुआ है तो कहीं न कहीं स्पार्क जरूर हुआ होगा। हादसे के बाद फ्यूल पाइप फट गया होगा और स्पार्क की वजह से उसमें आग लग गई। सभी गाड़ियों में 40 से 50 फीसदी चीजें सिंथेटिक होती हैं, जिसकी वजह से आग काफी तेजी से भड़कती है।
8. यह भी कहा जा रहा है कि जिस जगह हादसा हुआ, वहां ब्लाइंड स्पॉट है। ब्लाइंड स्पॉट क्या होता है? क्या सीसीटीवी फुटेज को देखते हुए ब्लाइंड स्पॉट वाली थ्योरी सही है?
ब्लाइंड स्पॉट किसी ऐसे मोड़ को कहा जाता है, जहां से यह पता न लगे कि दूसरी साइड से कोई वाहन आ रहा है या नहीं। इस तरह के मामलों में मोड़ पर गाड़ी सावधानी से चलानी चाहिए। हालांकि, ऋषभ पंत के साथ हुए हादसे में ब्लाइंड स्पॉट जैसी कोई वजह नहीं है। सीसीटीवी में साफ नजर आ रहा है कि पंत सीधी सड़क पर तेज रफ्तार से कार चला रहे थे। ऐसे में ब्लाइंड स्पॉट का तो सवाल ही नहीं उठता। यह थ्योरी एकदम गलत है।